30 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कृषि, अक्षय ऊर्जा और दिल्ली की यातायात व्यवस्था से जुड़े तीन अहम फैसले लिए गए। रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए गए। इसके साथ PM-DHARA योजना और दिल्ली पुलिस के Intelligent Traffic Management System को भी मंजूरी दी गई।
- रबी की छह फसलों का MSP बढ़ा
- डेढ़ गुना लागत वाले फार्मूले के अनुरूप फैसला
- PM-DHARA को कैबिनेट की मंजूरी
- दिल्ली में 42 ट्रैफिक कॉरिडोर होंगे कवर
- तीन फैसलों से जुड़े बड़े आंकड़े
- एक ही बैठक में कृषि, ऊर्जा और ट्रैफिक से जुड़े फैसले
- फैसलों से जुड़े प्रमुख बदलाव
- तीनों फैसलों का कुल वित्तीय आकार
- फैसलों का उद्देश्य और अगली व्यवस्था
- शास्त्रार्थ से जुड़े आध्यात्मिक पहलू
- FAQs on Modi Cabinet Big Decisions
रबी की छह फसलों का MSP बढ़ा
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए सभी निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
कैबिनेट बैठक के बाद नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह फैसला किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
छह फसलों के लिए MSP में हुई बढ़ोतरी इस प्रकार है:
| फसल | 2027-28 का MSP | बढ़ोतरी |
| गेहूं | 2,610 रुपये प्रति क्विंटल | 25 रुपये |
| जौ | 2,286 रुपये प्रति क्विंटल | 136 रुपये |
| चना | 5,958 रुपये प्रति क्विंटल | 83 रुपये |
| मसूर | 7,390 रुपये प्रति क्विंटल | 390 रुपये |
| रेपसीड एवं सरसों | 6,613 रुपये प्रति क्विंटल | 413 रुपये |
| कुसुम | 7,215 रुपये प्रति क्विंटल | 675 रुपये |
इनमें कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की सबसे बड़ी वृद्धि की गई है। इसके बाद रेपसीड एवं सरसों में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
डेढ़ गुना लागत वाले फार्मूले के अनुरूप फैसला
रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसके तहत MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना स्तर पर रखने की बात कही गई थी।
सरकार ने रबी फसलों के लिए संशोधित MSP को इसी व्यवस्था के अनुरूप मंजूरी दी है।
PM-DHARA को कैबिनेट की मंजूरी
कैबिनेट ने PM-DHARA (PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access) योजना को भी मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के भीतर बिजली के पारेषण तंत्र को मजबूत करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य अक्षय ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने और राज्यों के भीतर बिजली की निकासी की क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था करना है।
योजना के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक अक्षय ऊर्जा की निकासी संभव बनाने के लिए अंतर-राज्यीय नहीं, बल्कि राज्य के भीतर के पारेषण तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही अक्षय ऊर्जा डेवलपर या जनरेटर के स्तर पर अथवा ग्रिड में लचीलेपन के लिए महत्वपूर्ण अन्य स्थानों पर 50 गीगावाट-घंटे की Battery Energy Storage Systems की तैनाती का भी प्रावधान है।
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इससे अक्षय ऊर्जा की उपलब्धता में होने वाले उतार-चढ़ाव, ग्रिड में भीड़, पीक आवर्स में बिजली कटौती और सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होने वाले समय की मांग को संभालने में मदद मिलेगी। योजना का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के भीतर ग्रिड एकीकरण तथा बिजली निकासी को सुगम बनाना है।
दिल्ली में 42 ट्रैफिक कॉरिडोर होंगे कवर
कैबिनेट ने दिल्ली पुलिस द्वारा Intelligent Traffic Management System (ITMS) परियोजना लागू करने को भी मंजूरी दी है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत कर सहित 1,789 करोड़ रुपये से अधिक है। परियोजना के तहत दिल्ली के 42 चिन्हित यातायात गलियारों को कवर किया जाएगा।
ITMS को तीन चरणों में 24 महीने के भीतर लागू किया जाएगा। इसके बाद पांच वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था रहेगी। दिल्ली में लगभग 71 लाख सक्रिय पंजीकृत वाहन हैं। वाहनों की संख्या में वृद्धि सड़क बुनियादी ढांचे के विस्तार की तुलना में काफी तेज रही है। वहीं, यातायात नियमन में निश्चित सिग्नल टाइमिंग और मैनुअल हस्तक्षेप की महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है।
ITMS का उद्देश्य उपलब्ध सड़क क्षमता का बेहतर उपयोग करना है। इसके तहत यातायात प्रबंधन को वास्तविक यातायात परिस्थितियों के अनुसार गतिशील रूप से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाया जाएगा।
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तीन फैसलों से जुड़े बड़े आंकड़े
30 सितंबर की कैबिनेट बैठक में लिए गए इन फैसलों में कृषि, अक्षय ऊर्जा और यातायात व्यवस्था तीनों क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह फसलों का MSP बढ़ाया गया।
- कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की सबसे अधिक वृद्धि हुई।
- PM-DHARA के तहत 135 गीगावाट तक अक्षय ऊर्जा की निकासी का लक्ष्य है।
- 50 गीगावाट-घंटे की Battery Energy Storage Systems की तैनाती का प्रावधान है।
- दिल्ली ITMS 42 यातायात गलियारों को कवर करेगा।
- ITMS को तीन चरणों में 24 महीने में लागू किया जाएगा।
- इसके बाद पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव किया जाएगा।
एक ही बैठक में कृषि, ऊर्जा और ट्रैफिक से जुड़े फैसले
Modi Cabinet Big Decisions में रबी फसलों के MSP में संशोधन किसानों से जुड़ा प्रमुख फैसला है। PM-DHARA के जरिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अक्षय ऊर्जा के ग्रिड एकीकरण और बिजली निकासी की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, दिल्ली ITMS का उद्देश्य वास्तविक यातायात स्थिति के आधार पर यातायात प्रबंधन को अधिक गतिशील बनाना है।
तीनों फैसलों की घोषणा कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए की।
फैसलों से जुड़े प्रमुख बदलाव
रबी विपणन सीजन 2027-28 में किसानों को छह निर्धारित रबी फसलों के लिए संशोधित MSP मिलेगा। इनमें कुसुम के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि सबसे अधिक है।
अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में PM-DHARA राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के भीतर पारेषण क्षमता तथा ऊर्जा भंडारण को बढ़ाने से जुड़ी है। दिल्ली में ITMS के जरिए 42 यातायात गलियारों को तीन चरणों में कवर किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य उपलब्ध बुनियादी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रबंधन करना है।
तीनों फैसलों का कुल वित्तीय आकार
इन तीनों कैबिनेट फैसलों से जुड़े वित्तीय प्रावधानों का कुल आकार करीब 2.79 लाख करोड़ रुपये है। इसमें रबी फसलों की मूल्य नीति, PM-DHARA तथा दिल्ली पुलिस की ITMS परियोजना शामिल हैं।
कृषि से जुड़ा फैसला 2027-28 के रबी विपणन सीजन के लिए है, जबकि PM-DHARA और ITMS क्रमशः अक्षय ऊर्जा पारेषण तथा दिल्ली की यातायात व्यवस्था से जुड़े हैं।
फैसलों का उद्देश्य और अगली व्यवस्था
कैबिनेट के फैसलों में किसानों के लिए रबी फसलों के MSP में संशोधन, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अक्षय ऊर्जा के ग्रिड एकीकरण के लिए पारेषण एवं भंडारण व्यवस्था और दिल्ली में तकनीक आधारित यातायात प्रबंधन को शामिल किया गया है। MSP वृद्धि 2027-28 के रबी विपणन सीजन के लिए लागू होगी, जबकि ITMS और PM-DHARA संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े हैं।
शास्त्रार्थ से जुड़े आध्यात्मिक पहलू
कैबिनेट के इन फैसलों के बाद आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़ा आगामी कार्यक्रम भी चर्चा में है। 3 और 4 अक्टूबर 2026 से जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा शास्त्रार्थ शुरू किए जाने की जानकारी है।
इसमें सृष्टि रचना और सृष्टि की उत्पत्ति सहित आध्यात्मिक विषयों पर शास्त्रों के प्रमाण के आधार पर चर्चा होगी। यह शास्त्रार्थ 3 और 4 अक्टूबर को शाम 7:30 से 9:30 बजे तक साधना टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। इसके बाद चर्चा प्रत्येक शनिवार और रविवार को जारी रहने की बात कही गई है। शास्त्रार्थ में विभिन्न धर्मग्रंथों को आधार बनाया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज YouTube चैनल पर विजिट करें।
FAQs on Modi Cabinet Big Decisions
1. 30 सितंबर 2026 को कैबिनेट ने कौन से बड़े फैसले लिए?
रबी MSP बढ़ोतरी, PM-DHARA और दिल्ली पुलिस की ITMS परियोजना को मंजूरी दी गई।
2. रबी फसलों में MSP की सबसे बड़ी बढ़ोतरी किसकी हुई?
कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की सबसे अधिक वृद्धि हुई।
3. 2027-28 के लिए गेहूं का MSP कितना है?
गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
4. PM-DHARA के तहत कितनी अक्षय ऊर्जा की निकासी संभव होगी?
योजना के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 135 गीगावाट तक अक्षय ऊर्जा की निकासी संभव होगी।
5. दिल्ली ITMS कितने यातायात गलियारों को कवर करेगा?
दिल्ली ITMS परियोजना 42 चिन्हित यातायात गलियारों को कवर करेगी।

