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Home » अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड नियम स्थायी हुआ: अब कुछ देशों के पर्यटकों और बिजनेस यात्रियों को देना होगा ₹8 लाख से ₹17 लाख तक का सुरक्षा बॉन्ड

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अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड नियम स्थायी हुआ: अब कुछ देशों के पर्यटकों और बिजनेस यात्रियों को देना होगा ₹8 लाख से ₹17 लाख तक का सुरक्षा बॉन्ड

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Last updated: August 3, 2026 12:03 pm
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अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड नियम स्थायी हुआ
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अगस्त 2026 से अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. State Department) ने अपने Visa Bond Program को स्थायी नियम (Permanent Regulatory Program) के रूप में लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत कुछ देशों के नागरिकों को B-1 (बिजनेस) और B-2 (पर्यटक) वीज़ा जारी होने से पहले रिफंडेबल कैश बॉन्ड (सुरक्षा राशि) जमा करनी पड़ सकती है।

Contents
  • कितना देना होगा वीज़ा बॉन्ड?
  • किन वीज़ा पर लागू होगा यह नियम?
  • किन देशों के नागरिक होंगे प्रभावित?
  • यात्रा के दौरान किन नियमों का पालन करना होगा?
  • कब वापस मिलेगा बॉन्ड?
  • किन परिस्थितियों में जब्त हो जाएगा बॉन्ड?
  • इस नियम का उद्देश्य क्या है?
  • भारत पर क्या असर पड़ेगा?
  • FAQ
    • 1. अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड क्या है?
    • 2. बॉन्ड की राशि कितनी होगी?
    • 3. क्या भारतीय नागरिकों पर यह नियम लागू होगा?
    • 4. बॉन्ड कब वापस मिलेगा?
    • 5. किन परिस्थितियों में बॉन्ड जब्त हो सकता है?

इसका उद्देश्य उन मामलों को कम करना है, जिनमें विदेशी नागरिक वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में अवैध रूप से रुक जाते हैं।

कितना देना होगा वीज़ा बॉन्ड?

नई व्यवस्था के तहत पहले लागू 5,000 अमेरिकी डॉलर की न्यूनतम सीमा को समाप्त कर दिया गया है। अब वीज़ा अधिकारी इंटरव्यू के दौरान परिस्थितियों के अनुसार निम्न में से किसी एक राशि का बॉन्ड निर्धारित कर सकते हैं—

  • 10,000 अमेरिकी डॉलर
  • 15,000 अमेरिकी डॉलर
  • 20,000 अमेरिकी डॉलर

भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग ₹8 लाख से ₹17 लाख (विनिमय दर के अनुसार) तक हो सकती है।

किन वीज़ा पर लागू होगा यह नियम?

यह नियम केवल निम्न गैर-आप्रवासी (Non-Immigrant) वीज़ा श्रेणियों पर लागू होगा—

  • B-1 वीज़ा (Business Visa)
  • B-2 वीज़ा (Tourist Visa)

छात्र (F-1), रोजगार (H-1B) या अन्य वीज़ा श्रेणियाँ इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।

किन देशों के नागरिक होंगे प्रभावित?

यह नियम उन 50 देशों के नागरिकों पर लागू किया गया है, जिन्हें अमेरिका ने ऐतिहासिक रूप से उच्च वीज़ा ओवरस्टे, कमजोर पहचान सत्यापन या अपर्याप्त नागरिक रिकॉर्ड वाले देशों की सूची में रखा है।

इस सूची में शामिल हैं—

  • लगभग 30 अफ्रीकी देश
  • बांग्लादेश
  • नेपाल
  • भूटान
  • कंबोडिया
  • मंगोलिया
  • क्यूबा
  • वेनेजुएला

महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत इस सूची में शामिल नहीं है। इसलिए वर्तमान नियमों के अनुसार भारतीय पासपोर्ट धारकों पर यह वीज़ा बॉन्ड लागू नहीं होगा।

यात्रा के दौरान किन नियमों का पालन करना होगा?

जिन यात्रियों से वीज़ा बॉन्ड लिया जाएगा, उन्हें कुछ अतिरिक्त शर्तों का पालन करना होगा।

उन्हें—

  • केवल अधिकृत कमर्शियल एयरपोर्ट से अमेरिका में प्रवेश करना होगा।
  • वापसी भी केवल अधिकृत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करनी होगी।

यदि कोई व्यक्ति स्थलीय सीमा (Land Border), समुद्री बंदरगाह, चार्टर विमान या निजी विमान के माध्यम से प्रवेश या निकास करता है, तो इसे बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

कब वापस मिलेगा बॉन्ड?

यदि यात्री सभी नियमों का पालन करता है, तो जमा की गई पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

बॉन्ड वापस मिलने की प्रमुख परिस्थितियाँ—

  • निर्धारित समय पर अमेरिका छोड़ देना।
  • अधिकृत एयरपोर्ट के माध्यम से देश से बाहर जाना।
  • समय रहते वीज़ा अवधि बढ़ाने (Extension of Stay) का वैध आवेदन करना।
  • यदि वीज़ा आवेदन अस्वीकार (Visa Denied) हो जाए।

इन स्थितियों में अमेरिकी सरकार बॉन्ड को रद्द कर पूरी राशि वापस कर देगी।

किन परिस्थितियों में जब्त हो जाएगा बॉन्ड?

यदि यात्री वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो पूरी जमा राशि जब्त की जा सकती है।

बॉन्ड जब्त होने की प्रमुख स्थितियाँ—

  • वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रुकना (Overstay)।
  • अधिकृत एयरपोर्ट के अलावा किसी अन्य मार्ग से अमेरिका छोड़ना।
  • अमेरिका में रहते हुए अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदलने (Adjustment of Status) का आवेदन करना, जिसमें शरण (Asylum) का दावा भी शामिल है।

इस नियम का उद्देश्य क्या है?

अमेरिकी सरकार के अनुसार यह कार्यक्रम उन देशों में वीज़ा नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए लाया गया है, जहाँ वीज़ा ओवरस्टे की दर अधिक रही है।

सरकार का मानना है कि सुरक्षा बॉन्ड प्रणाली से लोग वीज़ा की शर्तों का अधिक गंभीरता से पालन करेंगे और समय पर अपने देश लौटेंगे।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

वर्तमान नियमों के अनुसार भारत इस कार्यक्रम के दायरे में नहीं आता। इसलिए भारतीय नागरिकों को B-1 या B-2 वीज़ा के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत ही आवेदन करना होगा और उन्हें यह सुरक्षा बॉन्ड जमा नहीं करना पड़ेगा।

हालाँकि अमेरिकी विदेश विभाग समय-समय पर इस सूची की समीक्षा करता है। इसलिए अमेरिका यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य देखनी चाहिए।

FAQ

1. अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड क्या है?

यह एक रिफंडेबल सुरक्षा जमा (Refundable Cash Bond) है, जिसे कुछ देशों के नागरिकों से B-1 और B-2 वीज़ा जारी होने से पहले जमा कराया जाएगा।

2. बॉन्ड की राशि कितनी होगी?

वीज़ा अधिकारी के निर्णय के अनुसार 10,000, 15,000 या 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है।

3. क्या भारतीय नागरिकों पर यह नियम लागू होगा?

नहीं। अगस्त 2026 तक जारी सूची में भारत शामिल नहीं है।

4. बॉन्ड कब वापस मिलेगा?

यदि यात्री समय पर अमेरिका छोड़ देता है, वीज़ा की सभी शर्तों का पालन करता है या वीज़ा आवेदन अस्वीकार हो जाता है, तो पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

5. किन परिस्थितियों में बॉन्ड जब्त हो सकता है?

वीज़ा अवधि से अधिक रुकने, अनधिकृत मार्ग से अमेरिका छोड़ने या अमेरिका में इमिग्रेशन स्टेटस बदलने की स्थिति में बॉन्ड जब्त किया जा सकता है।

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