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Home » Plastic Notes: RBI कब लाएगा नई पॉलीमर करेंसी? जानिए लॉन्च टाइमलाइन, फील्ड ट्रायल और पूरी योजना

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Plastic Notes: RBI कब लाएगा नई पॉलीमर करेंसी? जानिए लॉन्च टाइमलाइन, फील्ड ट्रायल और पूरी योजना

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Last updated: August 6, 2026 1:09 pm
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Plastic Notes: RBI कब लाएगा नई पॉलीमर करेंसी?
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भारत में Plastic Notes को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अहम अपडेट साझा किया है। केंद्रीय बैंक कम मूल्यवर्ग के नोटों से पॉलीमर करेंसी की शुरुआत की तैयारी कर रहा है। फिलहाल ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है। RBI के अनुसार, परीक्षण सफल रहने पर इन्हें चरणबद्ध तरीके से बाजार में लाया जाएगा। हालांकि, मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और दोनों तरह की करेंसी साथ-साथ प्रचलन में रहेगी।

Contents
  • Plastic Notes: मुख्य बातें (Key Takeaways)
  • Plastic Notes को लेकर RBI ने क्या कहा?
  • ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल क्यों हो रहा है?
  • पॉलीमर नोट क्या होते हैं?
  • RBI पॉलीमर नोट क्यों लाना चाहता है?
  • Plastic Notes कब तक आ सकते हैं?
  • क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
  • भारत में पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था?
  • किन देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलीमर नोट?
  • भारतीय मुद्रा में बड़े बदलाव कब-कब हुए?
  • RBI की तैयारी पर आगे की नजर
  • धन से बढ़कर दान का मूल्य
  • FAQs on Plastic Notes

Plastic Notes: मुख्य बातें (Key Takeaways)

  • RBI कम मूल्यवर्ग के Plastic Notes से शुरुआत की तैयारी कर रहा है।
  • शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों पर फोकस रहेगा।
  • सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी है।
  • पायलट प्रोजेक्ट के तहत 100-100 करोड़ नोट जारी करने की योजना है।
  • फील्ड ट्रायल के बाद ही बड़े स्तर पर जारी करने पर अंतिम फैसला होगा।
  • पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ होंगे और नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद करेंगे।
  • फिलहाल कागजी नोट बंद नहीं होंगे।

Plastic Notes को लेकर RBI ने क्या कहा?

image 3

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक पॉलीमर करेंसी नोटों को चरणबद्ध तरीके से लाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत कम मूल्यवर्ग के नोटों से होगी क्योंकि ₹10 और ₹20 जैसे नोटों का उपयोग सबसे अधिक होता है और ये जल्दी खराब हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें: प्लास्टिक : कौन-सा सुरक्षित है और कौन-सा नहीं?

RBI गवर्नर के अनुसार, दुनिया के कई देशों जैसे ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पॉलीमर नोट तीन दशक से अधिक समय से सफलतापूर्वक उपयोग में हैं। ऐसे नोट पानी और नमी से आसानी से खराब नहीं होते तथा उनकी उम्र कागजी नोटों की तुलना में अधिक होती है।

₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल क्यों हो रहा है?

वित्त मंत्रालय ने संसद को जानकारी दी थी कि सरकार ने RBI के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसके तहत ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत:

विवरणजानकारी
मूल्यवर्ग₹10 और ₹20
प्रस्तावित संख्या100-100 करोड़ नोट
उद्देश्यमजबूती, टिकाऊपन और भारतीय परिस्थितियों में प्रदर्शन का परीक्षण
स्थितिफील्ड ट्रायल जारी

RBI पूरे देश की अलग-अलग जलवायु और उपयोग की परिस्थितियों में इन नोटों के प्रदर्शन का आकलन करेगा। परीक्षण और परिचालन समीक्षा के बाद ही बड़े स्तर पर इन्हें जारी करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पॉलीमर नोट क्या होते हैं?

पॉलीमर बैंक नोट कागज के बजाय विशेष प्रकार के प्लास्टिक मटेरियल (पॉलीमर सब्सट्रेट) पर तैयार किए जाते हैं।

इनकी प्रमुख विशेषताएं हैं:

  • पानी और नमी से आसानी से खराब नहीं होते।
  • जल्दी फटते नहीं हैं।
  • लंबे समय तक उपयोग किए जा सकते हैं।
  • गंदगी कम पकड़ते हैं।
  • नकली नोट बनाना अधिक कठिन होता है।
  • उन्नत सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

तुलनात्मक रूप से पॉलीमर नोटों में पारदर्शी विंडो, आधुनिक सुरक्षा फीचर्स और जालसाजी रोकने वाले तत्व शामिल किए जा सकते हैं।

RBI पॉलीमर नोट क्यों लाना चाहता है?

RBI के अनुसार छोटे मूल्यवर्ग के कागजी नोट सबसे अधिक उपयोग में आते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं।

पॉलीमर नोटों के संभावित लाभ:

  • नोटों की उम्र बढ़ेगी।
  • पानी और नमी से नुकसान कम होगा।
  • बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता घटेगी।
  • नकली नोटों पर नियंत्रण मजबूत होगा।
  • सरकार की छपाई लागत में कमी आने की संभावना है।

RBI के वित्तीय वर्ष 2024-25 में कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च हुए थे। लंबे समय तक चलने वाले पॉलीमर नोट इस खर्च को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

Plastic Notes कब तक आ सकते हैं?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि फिलहाल पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोग्राम और फील्ड ट्रायल जारी है।

यह भी पढ़ें:  RBI का बड़ा ऐलान: अब बिना इंटरनेट के भी कर सकेंगे Digital Rupee (e₹) से भुगतान!

विभिन्न आधिकारिक अपडेट में इनके चरणबद्ध लॉन्च को लेकर अलग-अलग समयसीमा का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में अगले वित्त वर्ष के दौरान शुरुआत की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य में वित्त वर्ष 2027-28 अथवा 2028 तक व्यापक प्रचलन का लक्ष्य बताया गया है। RBI ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय फील्ड ट्रायल और उसके विस्तृत मूल्यांकन के बाद ही लिया जाएगा।

क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं।

Several social media posts are falsely claiming that RBI will withdraw paper currency notes and replace them with plastic currency notes from June 30, 2026.#PIBFactCheck

❌ This claim is #Fake

✅ According to @RBI, there are no plans to withdraw paper currency notes or… pic.twitter.com/dhZqANjip9

— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 9, 2026

सरकार और RBI दोनों ने स्पष्ट किया है कि पॉलीमर नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट बंद नहीं होंगे।

  • दोनों प्रकार के नोट साथ-साथ चलेंगे।
  • बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा।
  • नए नोट पूरी तरह स्थापित होने तक कागजी नोट सर्कुलेशन में बने रहेंगे।

भारत में पॉलीमर नोट का प्रस्ताव कब आया था?

भारत में पहली बार वर्ष 2012 में पॉलीमर नोट लाने का प्रयास किया गया था ताकि नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। हालांकि तकनीकी कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।

यह भी पढ़ें:  Paytm Payments Bank लाइसेंस रद्द: RBI के बड़े एक्शन के बाद क्या डूब जाएगा आपका पैसा? जानें हर सवाल का जवाब

हाल के महीनों में मीडिया रिपोर्ट्स और RBI की ओर से फिर इस प्रस्ताव पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई। RBI गवर्नर ने भी पुष्टि की कि पॉलीमर नोटों के प्रस्ताव के लाभ और चुनौतियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

किन देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलीमर नोट?

दुनिया के 60 से अधिक देशों में पॉलीमर बैंक नोट प्रचलन में हैं।

इनमें प्रमुख देश हैं:

  • ऑस्ट्रेलिया
  • कनाडा
  • यूनाइटेड किंगडम (यूके)
  • न्यूजीलैंड

इन देशों में पॉलीमर नोट लंबे समय से सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे हैं।

भारतीय मुद्रा में बड़े बदलाव कब-कब हुए?

वर्षप्रमुख फैसला
1946₹500, ₹1,000 और ₹10,000 के नोट बंद किए गए
1954₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर शुरू हुए
1978₹1,000, ₹5,000 और ₹10,000 के नोट फिर बंद किए गए
8 नवंबर 2016₹500 और ₹1,000 के नोट अमान्य घोषित किए गए
19 मई 2023RBI ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत ₹2,000 के नोट को सर्कुलेशन से वापस लेने की घोषणा की

RBI की तैयारी पर आगे की नजर

RBI फिलहाल Plastic Notes के फील्ड ट्रायल के परिणामों का मूल्यांकन कर रहा है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि परीक्षण के निष्कर्षों और परिचालन समीक्षा के आधार पर ही बड़े स्तर पर पॉलीमर नोटों को जारी करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागजी मुद्रा को पूरी तरह हटाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है।

आप इसे इस तरह लिख सकते हैं। इसमें न्यूज़ से भी संबंध बना रहता है, आध्यात्मिक संदेश भी स्पष्ट रहता है और यह संपादकीय शैली में भी स्वाभाविक लगता है।

धन से बढ़कर दान का मूल्य

मुद्रा का महत्व केवल उसके स्वरूप में नहीं, बल्कि उसके सदुपयोग में भी निहित होता है। आध्यात्मिक दृष्टि से धन तभी सार्थक माना जाता है, जब उसका उपयोग मानव कल्याण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जाए। संत रामपाल जी महाराज अपने आध्यात्मिक ज्ञान में बताते हैं कि दान सदैव सुपात्र को करना चाहिए, क्योंकि कुपात्र को किया गया दान निष्फल माना गया है। उन्होंने बताया है कि सतगुरु की शरण में रहकर सुपात्र को किया गया दान परमात्मा के विधान के अनुसार आध्यात्मिक लाभ का कारण बनता है और उसका फल अनेक गुना प्राप्त होता है।

संत रामपाल जी महाराज स्वयं भी इस संदेश को सेवा के माध्यम से समाज में उतार रहे हैं। उन्होंने अन्नपूर्णा मुहिम और किसान-मजदूर बचाओ अभियान के तहत लगातार जरूरतमंद परिवारों की सहायता की है। इसके साथ ही उन्होंने ढाई एकड़ तक भूमि रखने वाले किसानों को निःशुल्क खाद एवं कीटनाशक दवा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के समय मोटर पंप जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं। यह संदेश देता है कि धन का सर्वोत्तम उपयोग मानव सेवा, करुणा और सुपात्र को दान करने में है।

अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:

Website: www.jagatgururampalji.org
YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj
Facebook: Spiritual Leader Saint Rampal Ji
X (Twitter): @SaintRampalJiM

FAQs on Plastic Notes

1. Plastic Notes क्या हैं?

Plastic Notes विशेष पॉलीमर सामग्री से बने बैंक नोट हैं, जो कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं।

2. Plastic Notes की शुरुआत किन नोटों से होगी?

सरकार और RBI की योजना के अनुसार शुरुआत ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों से होगी।

3. क्या कागजी नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं। RBI ने स्पष्ट किया है कि कागजी और पॉलीमर दोनों प्रकार के नोट साथ-साथ प्रचलन में रहेंगे।

4. Plastic Notes का फील्ड ट्रायल क्यों हो रहा है?

भारतीय जलवायु, टिकाऊपन, मजबूती और उपयोग की परिस्थितियों में इनके प्रदर्शन का आकलन करने के लिए।

5. Plastic Notes के क्या प्रमुख फायदे हैं?

ये अधिक टिकाऊ होते हैं, पानी से जल्दी खराब नहीं होते, उन्नत सुरक्षा फीचर्स जोड़ना आसान होता है और नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।

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