दिल्ली मेट्रो में रोज़ाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अगर आप भी राजीव चौक के भारी फुटफॉल और भीड़भाड़ से परेशान रहते हैं, तो दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) आपके लिए एक शानदार समाधान लेकर आ रहा है। DMRC ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘फेज़-5A’ (Phase-V A) के तहत ‘सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर’ का निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है।
करीब 12,015 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले इस 5A प्रोजेक्ट का उद्देश्य मध्य दिल्ली (Central Delhi) की कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदलना और सरकारी कार्यालयों तक लोगों की पहुंच को आसान बनाना है। आइए जानते हैं कि इस नए कॉरिडोर से आपकी दैनिक यात्रा में क्या-क्या बदलाव आने वाले हैं और कौन सा नया स्टेशन आपके घर के नजदीक होगा।
दिल्ली मेट्रो ‘फेज-5A’ के मुख्य बिंदु
- नया कॉरिडोर: आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.9 किलोमीटर लंबा नया ‘सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर’ बनाया जा रहा है।
- स्टेशनों की संख्या: इस कॉरिडोर में कुल 10 स्टेशन होंगे, जिनमें से ज्यादातर भूमिगत (अंडरग्राउंड) होंगे।
- बजट: इस विशेष आरके आश्रम-इंद्रप्रस्थ रूट की लागत लगभग 9,570 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- ट्रिपल इंटरचेंज: ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) स्टेशन अब दिल्ली मेट्रो का नया ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा, जहां तीन अलग-अलग लाइनों की सुविधा मिलेगी।
- मैजेंटा लाइन का विस्तार: यह कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा, जो निर्माण पूरा होने के बाद 88.4 किलोमीटर की कुल लंबाई के साथ DMRC नेटवर्क की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी।
राजीव चौक को मिलेगी बड़ी राहत
दिल्ली मेट्रो के मौजूदा नेटवर्क में ‘राजीव चौक’ सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है। नए सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के बनने से इस स्टेशन पर यात्रियों का भारी बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।
नई योजना के अनुसार, अगर कोई यात्री नोएडा या वैशाली (ब्लू लाइन) से आ रहा है और उसे मध्य दिल्ली के इलाकों में जाना है, तो वह सीधे ‘इंद्रप्रस्थ’ स्टेशन पर इंटरचेंज कर सकेगा। इसी तरह द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से आने वाले यात्री ‘आरके आश्रम मार्ग’ पर अपनी लाइन बदल सकेंगे। इस सीधी कनेक्टिविटी की वजह से उन्हें राजीव चौक होकर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
वीवीआईपी (VVIP) इलाकों तक सीधी और अंडरग्राउंड पहुंच
यह नया कॉरिडोर दिल्ली के कुछ सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक इलाकों के ठीक नीचे से होकर गुजरेगा। इसमें आरके आश्रम मार्ग और शिवाजी स्टेडियम के बीच 1 किलोमीटर लंबी खास सुरंग भी बनाई जाएगी।
इस रूट के शुरू होने से आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को इन प्रमुख स्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी:
- भारत मंडपम (Bharat Mandapam)
- सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)
- दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court)
- कर्तव्य भवन और इंडिया गेट (Kartavya Bhavan and India Gate)
- राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial)
ड्राइवरलेस तकनीक और सबसे लंबी लाइन
यह पूरा सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर आधुनिक तकनीक से लैस होगा और पूरी तरह से ‘ड्राइवरलेस’ (बिना ड्राइवर वाला) संचालित किया जाएगा। इसके जुड़ने के बाद मैजेंटा लाइन (लाइन-8) बोटैनिकल गार्डन से लेकर इंद्रलोक तक फैल जाएगी। 88.4 किलोमीटर की लंबाई के साथ यह DMRC की सबसे लंबी लाइन होगी, जो सीधे तौर पर नोएडा, दक्षिण दिल्ली और मध्य दिल्ली को आपस में जोड़ेगी।
फेज़-5A के अन्य प्रोजेक्ट्स
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर (9.9 किमी) के अलावा, केंद्र सरकार की कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ‘फेज-5A’ के तहत दो और छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा:
- एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (Aerocity to IGI T-1): 2.26 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को और मज़बूत करेगा।
- तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (Tughlakabad to Kalindi Kunj): 3.9 किलोमीटर का यह रूट (सरिता विहार डिपो के पास) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा के यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचाएगा।
दिल्ली मेट्रो का यह नया चरण न सिर्फ सफर के समय को बचाएगा, बल्कि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करके दिल्ली को एक और अधिक स्मार्ट शहर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
दिल्ली मेट्रो ‘फेज़-5A’ से संबंधित FAQs
1. दिल्ली मेट्रो का सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर (Phase-5A) क्या है?
यह दिल्ली मेट्रो के फेज़-5A के तहत स्वीकृत एक नया कॉरिडोर है, जो आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 9.9 किलोमीटर होगी और इसमें ज़्यादातर स्टेशन भूमिगत (Underground) बनाए जाएंगे।
2. इस नए कॉरिडोर से राजीव चौक मेट्रो स्टेशन को कैसे राहत मिलेगी?
वर्तमान में ब्लू लाइन से मध्य दिल्ली जाने वाले यात्रियों को राजीव चौक पर इंटरचेंज करना पड़ता है। नए कॉरिडोर के बनने के बाद, यात्री सीधे आरके आश्रम मार्ग या इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर ही इंटरचेंज कर सकेंगे, जिससे राजीव चौक पर यात्रियों का दबाव काफी कम हो जाएगा।
3. ‘केंद्रीय सचिवालय’ (Central Secretariat) स्टेशन में क्या बदलाव होने वाला है?
इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय स्टेशन दिल्ली मेट्रो का एक नया ‘ट्रिपल इंटरचेंज’ स्टेशन बन जाएगा। यहाँ यात्रियों को तीन अलग-अलग मेट्रो लाइनों को बदलने की सुविधा मिलेगी।
4. फेज़-5A के तहत सेंट्रल विस्टा के अलावा और कौन से रूट मंजूर किए गए हैं?
फेज़-5A के तहत दो अन्य छोटे रूट्स को भी मंजूरी मिली है: पहला, एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.26 किमी) और दूसरा, तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी)।
5. इस नए कॉरिडोर पर मेट्रो किस तकनीक से चलेगी?
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस होगा। यह मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा, जिस पर बिना ड्राइवर वाली (Driverless) मेट्रो ट्रेनें संचालित की जाएंगी।

