राजधानी दिल्ली में बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बहुत बड़ा और अहम बदलाव किया है। अगर आप भी दिल्ली सरकार की ‘फ्री बिजली योजना’ (Free Electricity Scheme) का लाभ उठा रहे हैं, तो अब आपको अपनी पहचान साबित करनी होगी। दिल्ली के ऊर्जा विभाग ने एक नई अधिसूचना जारी की है जिसके तहत अब बिजली बिल पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता का ‘आधार कार्ड’ (Aadhaar Card) होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी राजकोष पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने, प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
Delhi Electricity Subsidy New Rule से जुड़े मुख्य बिंदु
- दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ‘आधार पहचान’ को अनिवार्य कर दिया है।
- ऊर्जा विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार, सभी लाभार्थियों को वेब पोर्टल या निर्धारित माध्यमों से अपना आधार नंबर देना होगा।
- 200 यूनिट तक की खपत पर 100% मुफ्त और 201 से 400 यूनिट पर 50% यानि अधिकतम 800 रुपये की सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी।
- यदि किसी उपभोक्ता के पास आधार कार्ड नहीं है, तो उसे आधार के लिए आवेदन कर उसकी 14 अंकों की नामांकन आईडी देनी होगी।
- सरकार का मानना है कि इससे दस्तावेजों की बहुलता खत्म होगी और सब्सिडी सीधे सही लाभार्थियों तक पहुंच सकेगी।
- पिछले दशक में दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 40% बढ़कर 73 लाख के पार हो चुकी है।
सब्सिडी के लिए ‘आधार’ अनिवार्य करने की क्या है वजह?
दिल्ली सरकार काफी समय से नागरिकों को मुफ्त या रियायती दरों पर बिजली मुहैया करा रही है। लेकिन, हाल के वर्षों में सब्सिडी के लाभार्थियों की संख्या में जजबरदस्त उछाल आया है, जिससे सरकारी राजकोष पर वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक दिल्ली सरकार का बिजली सब्सिडी के लिए आवंटन 4,037.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 3,500 करोड़ रुपये का बजट इसके लिए रखा है। वर्ष 2025-26 में दिल्ली के 73 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 87 प्रतिशत लोगों ने बिजली सब्सिडी का लाभ उठाया था। इतने बड़े पैमाने पर दी जा रही सब्सिडी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और यह पुख्ता करने के लिए कि लाभ केवल असली उपभोक्ताओं को ही मिले, ‘आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7’ के तहत उपराज्यपाल ने आधार को अनिवार्य करने की अधिसूचना जारी की है।
क्या है दिल्ली में सब्सिडी का मौजूदा प्रावधान?
आधार लिंक करने के नियम के बावजूद, दिल्ली में बिजली सब्सिडी का स्ट्रक्चर (ढांचा) नहीं बदला गया है। यह योजना दिल्ली की विभिन्न डिस्कॉम जैसे- बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना, टाटा पावर टीपीडीडीएल, एनडीएमसी और एमईएस के माध्यम से संचालित होती है।
0 से 200 यूनिट: यदि आपकी मासिक बिजली खपत 200 यूनिट तक है, तो आपका बिल जीरो (0) आएगा। पूरी बिजली मुफ्त होगी।
201 से 400 यूनिट: यदि खपत 201 से 400 यूनिट के बीच है, तो सरकार बिल पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी देती है जो अधिकतम 800 रुपये तक हो सकती है।
जिनके पास आधार नहीं है, उनका क्या होगा?
ऊर्जा विभाग ने उन लोगों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनके पास फिलहाल दिल्ली का आधार कार्ड नहीं है। योजना का लाभ उठाते रहने के लिए ऐसे व्यक्तियों को तुरंत आधार के लिए नामांकन कराना होगा। आधार कार्ड बनने तक, वे अपनी 14 अंकों की आधार नामांकन आईडी संख्या और आवश्यक विवरण जमा करके अपनी बिजली सब्सिडी चालू रख सकते हैं। सरकार वेब पोर्टल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से आधार लिंक करने की सुविधा प्रदान करेगी।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
सरकार का स्पष्ट मानना है कि आधार नंबर के उपयोग से पहचान स्थापित करना बेहद आसान हो जाएगा। अभी तक उपभोक्ताओं को अलग-अलग तरह के दस्तावेज देने पड़ते थे, आधार के जुड़ने से दस्तावेजों की बहुलता खत्म होगी। इससे न केवल सरकारी प्रक्रिया में तेजी और दक्षता आएगी, बल्कि किसी भी तरह के डुप्लीकेशन या एक ही व्यक्ति द्वारा कई कनेक्शनों पर गलत तरीके से सब्सिडी लेने पर भी रोक लगेगी।
FAQs about Delhi Electricity Subsidy New Rule
1. दिल्ली में बिजली सब्सिडी पाने के लिए नया नियम क्या है?
नए नियम के अनुसार, अब दिल्ली में 200 यूनिट तक फ्री बिजली या सब्सिडी का लाभ पाने के लिए उपभोक्ता को अपना आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य होगा।
2. क्या दिल्ली में 200 यूनिट फ्री बिजली योजना बंद हो रही है?
नहीं, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 400 यूनिट तक हाफ बिल यानी अधिकतम 800 रुपये वाली योजना जारी रहेगी, बस इसके लिए आधार पहचान अनिवार्य कर दी गई है।
3. अगर मेरे पास आधार कार्ड नहीं है, तो क्या मेरी सब्सिडी रुक जाएगी?
यदि आपके पास आधार नहीं है, तो आपको इसके लिए आवेदन करना होगा और आधार बनने तक आप अपनी 14 अंकों की नामांकन आईडी जमा करके सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
4. बिजली बिल को आधार से कैसे लिंक करना होगा?
Ans: दिल्ली सरकार और संबंधित डिस्कॉम (BSES/Tata Power) जल्द ही एक वेब पोर्टल और अन्य माध्यम जारी करेंगे, जहाँ उपभोक्ता अपना आधार नंबर आसानी से दर्ज कर सकेंगे।
5. सरकार ने आधार को अनिवार्य क्यों किया है?
सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचे, फर्जीवाड़ा रुके, प्रक्रिया पारदर्शी हो और बार-बार अलग-अलग दस्तावेज न मांगने पड़ें, इसलिए आधार को अनिवार्य किया गया है।

