US Travel Rules: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए 26 दिसंबर, 2025 से नियमों में बड़ा बदलाव प्रभावी हो गया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने देश के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर ‘बायोमेट्रिक एंट्री-एग्ज़िट प्रोग्राम’ को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब अमेरिका आने और जाने वाले प्रत्येक गैर-अमेरिकी नागरिक का चेहरा स्कैन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से अब ग्रीन कार्ड होल्डर्स (स्थायी निवासियों) को भी छूट नहीं मिलेगी।
US Travel Rules मुख्य बिंदु:
- 26 दिसंबर से अमेरिका के सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और ज़मीनी सीमाओं पर ‘बायोमेट्रिक एंट्री-एग्ज़िट’ नियम हुआ लागू।
- मैनुअल पासपोर्ट जांच की जगह अब अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा, अनिवार्य।
- भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर, अमेरिका के स्थायी निवासियों को भी अब यात्रा करते समय अपनी बायोमेट्रिक पहचान देनी होगी।
- इस सिस्टम का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जो वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुके रहते हैं।
- विदेशी नागरिकों का बायोमेट्रिक डेटा अमेरिकी सरकार द्वारा 75 वर्षों तक रखा जा सकता है, सुरक्षित।
सुरक्षा जांच का नया तरीका: फेशियल स्कैन

26 दिसंबर से शुरू हुए इस रोलआउट के बाद, जब भी कोई विदेशी यात्री चेक-इन काउंटर या बोर्डिंग गेट पर पहुंचेगा, उसे एक कैमरे के सामने फोटो खिंचवानी होगी। यह तकनीक यात्री की लाइव तस्वीर का मिलान उस फोटो से करेगी जो उसने वीज़ा या पासपोर्ट के लिए अमेरिकी सरकार को दी थी। इसे ‘बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन’ का नाम दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया कागज़ी कार्रवाई को कम करेगी और पहचान की सटीकता को बढ़ाएगी।
ग्रीन कार्ड धारकों के लिए बदला अनुभव
अब तक, ग्रीन कार्ड होल्डर्स और कनाडाई नागरिकों को अमेरिकी सीमाओं पर बायोमेट्रिक जांच से काफी हद तक छूट मिलती थी। लेकिन नए नियम ने यह विशेषाधिकार समाप्त कर दिया है। अब चाहे आप वहां के स्थायी निवासी हों या पड़ोसी देश से आ रहे हों, अगर आप अमेरिकी नागरिक (US Citizen) नहीं हैं, तो तो उसे मशीन के सामने अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी। यह बदलाव उन लाखों भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है जो ग्रीन कार्ड पर अमेरिका में रह रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी नियम सख्त
पुराने नियमों में 14 साल से छोटे बच्चे और 79 साल से ऊपर के बुजुर्ग बायोमेट्रिक स्कैन के दायरे से बाहर थे। ताज़ा अपडेट के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी ने सुरक्षा का हवाला देते हुए यह छूट वापस ले ली है। अब परिवारों को यात्रा करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि छोटे बच्चों की भी डिजिटल फोटोग्राफी प्रक्रिया पूरी की जाए।
निजता और डेटा सुरक्षा का सवाल
इस नियम का सबसे संवेदनशील पहलू डेटा की सुरक्षा है। नियमों के अनुसार, नॉन-सिटिजन्स की तस्वीरें DHS के ‘ऑफिस ऑफ बायोमेट्रिक आइडेंटिटी मैनेजमेंट’ (OBIM) के डेटाबेस में 75 साल तक स्टोर रह सकती हैं। हालांकि अमेरिकी सरकार का तर्क है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद को रोकने के लिए आवश्यक है, लेकिन कई प्राइवेसी वकीलों ने इतनी लंबी अवधि तक डेटा स्टोर करने पर चिंता जताई है।
हवाई अड्डों पर क्या करें यात्री
चूंकि यह सिस्टम अभी हाल ही में लागू हुआ है, इसलिए प्रक्रिया समझने में यात्रियों को थोड़ा समय लग सकता है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें। चेक-इन के समय कैमरे की ओर देखना और अपनी बारी का इंतज़ार करना अब यात्रा का अनिवार्य हिस्सा होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तकनीक फेल होने पर ही पुराने फिंगरप्रिंट या मैनुअल तरीके का इस्तेमाल किया जाएगा।
FAQs about US Travel Rules
1. क्या बायोमेट्रिक स्कैन सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है?
यह सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों वीज़ा होल्डर्स और ग्रीन कार्ड होल्डर्स के लिए अनिवार्य है। अमेरिकी नागरिक इसे मना कर सकते हैं।
2. अगर मैं स्कैन के लिए मना कर दूं तो क्या होगा?
विदेशी नागरिकों द्वारा मना करने पर उन्हें अमेरिका में प्रवेश से रोका जा सकता है या भविष्य की यात्राओं पर प्रतिबंध लग सकता है।
3. क्या बच्चों का भी चेहरा स्कैन होगा?
Ans: हाँ, नियमों के तहत अब आयु सीमा की छूट लगभग समाप्त कर दी गई है, बच्चों का भी स्कैन किया जाएगा।
4. क्या यह नियम सिर्फ फ्लाइट्स के लिए है?
नहीं, यह नियम हवाई अड्डों के साथ-साथ समुद्री बंदरगाहों और ज़मीनी सीमाओं पर भी लागू है।

