नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में ‘आधार कार्ड’ (Aadhaar Card) हर भारतीय नागरिक का सबसे महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और नया मोबाइल कनेक्शन लेने तक, हर जगह आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग होता है। लेकिन इसी सुविधा ने साइबर अपराधियों को भी एक नया हथियार दे दिया है। स्कैमर्स अब सिलिकॉन की मदद से लोगों के फिंगरप्रिंट क्लोन कर रहे हैं और ‘आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम’ (AePS) के जरिए उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
इस बढ़ते खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपने आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन ‘mAadhaar’ को और भी उन्नत बनाते हुए इसमें ‘वन-टैप बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक’ फीचर को प्रमुखता से लागू किया है। अब अगर कोई हैकर आपका क्लोन किया हुआ फिंगरप्रिंट इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम उसे तुरंत रिजेक्ट कर देगा।
UIDAI One-Tap Biometric Lock से जुड़े मुख्य बिंदु:
- UIDAI के ‘mAadhaar’ ऐप पर अब सिर्फ एक टैप से फिंगरप्रिंट, आईरिस और फेस डेटा को लॉक और अस्थायी रूप से किया जा सकता है, अनलॉक।
- बायोमेट्रिक्स लॉक होने की स्थिति में, यदि कोई अनाधिकृत व्यक्ति आपके फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करता है, तो स्क्रीन पर ‘Error Code 330’ दिखाई देगा और ट्रांजैक्शन हो जाएगा, फेल।
- बायोमेट्रिक्स लॉक होने के बावजूद आपके आधार से जुड़े ओटीपी (OTP) आधारित काम सुचारू रूप से चलते रहेंगे।
- जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 1.91 करोड़ से अधिक बार भारतीयों ने इस बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक फीचर का इस्तेमाल कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की।
- UIDAI ने लोगों की सुविधा के लिए आधार ऐप के जरिए ‘ईमेल अपडेट’ की सेवा को 31 दिसंबर 2026 तक बिल्कुल मुफ्त कर दी गई।
वह खतरा जिसके बारे में आपको नहीं पता
अक्सर हम प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ऑफिस, राशन की दुकान या किसी मोबाइल रिटेलर के पास जाते हैं और बिना सोचे-समझे मशीन पर अपना अंगूठा लगा देते हैं। हम यह मान लेते हैं कि काम पूरा होने के बाद फिंगरप्रिंट का डेटा मशीन से गायब हो गया होगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। कई बार समझौता किए गए ऑपरेटर्स या कमजोर डेटाबेस से आपके फिंगरप्रिंट के निशान लीक हो जाते हैं।
अगर आपका आधार कार्ड खो जाए तो आप दूसरा प्रिंट करा सकते हैं, बैंक का एटीएम पिन चोरी हो जाए तो आप उसे बदल सकते हैं, लेकिन आप अपना फिंगरप्रिंट कभी नहीं बदल सकते। एक बार फिंगरप्रिंट हैकर्स के हाथ लग गया, तो वे सिलिकॉन पैड पर उसका हूबहू क्लोन तैयार कर लेते हैं और बैंकिंग सिस्टम को लगता है कि आप खुद ट्रांजैक्शन कर रहे हैं। इस स्थिति में आपके मोबाइल पर कोई ओटीपी (OTP) भी नहीं आता और सीधे पैसे कटने का मैसेज आता है। इस भयानक स्थिति से बचने का एकमात्र अचूक उपाय ‘बायोमेट्रिक लॉक’ है।
क्या है यह ‘वन-टैप बायोमेट्रिक लॉक’ फीचर?
UIDAI द्वारा दिया गया बायोमेट्रिक लॉक एक डिजिटल शील्ड (ढाल) की तरह काम करता है। जब आप इस फीचर को ऑन करते हैं, तो UIDAI के सर्वर पर आपके फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग (Iris) और फेस ऑथेंटिकेशन को ‘फ्रीज’ कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि कोई भी मशीन या डिवाइस आपके आधार नंबर के साथ आपके बायोमेट्रिक का मिलान नहीं कर पाएगी।
जब भी कोई हैकर या कोई अन्य व्यक्ति आपके लॉक किए गए आधार बायोमेट्रिक को ऑथेंटिकेट करने की कोशिश करेगा, तो सर्वर उसे तुरंत ब्लॉक कर देगा और संबंधित डिवाइस की स्क्रीन पर “Error Code 330: Biometrics Locked” का मैसेज फ्लैश हो जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि बायोमेट्रिक लॉक होने से आपके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से होने वाले वेरिफिकेशन पर कोई असर नहीं पड़ता है, यानी आप घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी और अन्य काम बेझिझक कर सकते हैं।
mAadhaar ऐप से कैसे करें बायोमेट्रिक लॉक?
UIDAI ने इस प्रक्रिया को इतना आसान बना दिया है कि कोई भी स्मार्टफोन यूजर इसे एक मिनट से भी कम समय में कर सकता है। इसके लिए आपके आधार में आपका वर्तमान मोबाइल नंबर रजिस्टर होना अनिवार्य है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- स्टेप 1: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर (Android) या एप्पल ऐप स्टोर (iOS) से UIDAI का आधिकारिक ‘mAadhaar’ ऐप डाउनलोड करें। नकली और मिलते-जुलते ऐप से सावधान रहें।
- स्टेप 2: ऐप को ओपन करें, अपनी भाषा चुनें और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिए लॉग-इन करें।
- स्टेप 3: पहली बार लॉग-इन करने पर ऐप आपसे 4 अंकों का एक पिन (MPIN) बनाने को कहेगा। सुरक्षा के लिए यह पिन सेट करें।
- स्टेप 4: अब ‘Register My Aadhaar’ विकल्प पर जाएं, अपना आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी डालकर अपना आधार प्रोफाइल ऐप में ऐड करें।
- स्टेप 5: होम स्क्रीन पर आपके आधार कार्ड के नीचे ही आपको Biometric Lock/Unlock का बड़ा सा आइकन दिखाई देगा।
- स्टेप 6: उस पर टैप करें। स्क्रीन पर Confirm Biometric Lock का मैसेज आएगा। इस पर टैप करते ही आपका बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षित रूप से लॉक हो जाएगा और आपको कन्फर्मेशन का मैसेज मिल जाएगा।
ज़रूरत पड़ने पर अस्थायी अनलॉक कैसे करें?
कई बार ऐसा होता है कि हमें खुद किसी सरकारी काम, राशन लेने या बैंक में फिंगरप्रिंट देने की जरूरत पड़ती है। ऐसी स्थिति में आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है। UIDAI ने टेम्परेरी अनलॉक की बेहतरीन सुविधा दी है।
जब आपको अपना फिंगरप्रिंट इस्तेमाल करना हो, तो बस उसी ‘mAadhaar’ ऐप को खोलें और “Unlock Biometrics” पर टैप करें। आपका बायोमेट्रिक 10 मिनट के लिए अनलॉक हो जाएगा। आप अपना काम पूरा करें, और सबसे अच्छी बात यह है कि 10 मिनट पूरे होते ही यह सिस्टम अपने आप आपके बायोमेट्रिक्स को दोबारा लॉक (Auto Re-lock) कर देगा। आपको इसे मैन्युअली वापस लॉक करने की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यह फीचर इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुरक्षित और झंझट मुक्त बनाता है।
FAQs about UIDAI One-Tap Biometric Lock
1. बायोमेट्रिक लॉक करने से क्या फायदा होता है?
बायोमेट्रिक लॉक करने से कोई भी हैकर या जालसाज आपके फिंगरप्रिंट या आंखों के स्कैन का क्लोन बनाकर आपके बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकता।
2. अगर मुझे खुद अपना फिंगरप्रिंट लगाना हो तो क्या करना होगा?
आप mAadhaar ऐप या UIDAI पोर्टल पर जाकर इसे अस्थायी रूप से अनलॉक कर सकते हैं, जो इस्तेमाल के 10 मिनट बाद खुद-ब-खुद वापस लॉक हो जाता है।
3. बायोमेट्रिक लॉक होने पर अगर कोई फिंगरप्रिंट लगाए तो क्या होगा?
लॉक होने की स्थिति में ऑथेंटिकेशन फेल हो जाएगा और डिवाइस की स्क्रीन पर “Error Code 330” का मैसेज दिखाई देगा।
4. क्या फिंगरप्रिंट लॉक करने पर आधार ओटीपी आना भी बंद हो जाता है?
बिल्कुल नहीं। फिंगरप्रिंट और आईरिस लॉक होने के बावजूद आपके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी की सुविधा पूरी तरह चालू रहती है।
5. क्या मैं बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के बायोमेट्रिक लॉक कर सकता हूँ?
नहीं, इस सुविधा का उपयोग करने के लिए आपके आधार के साथ एक सक्रिय और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जुड़ा होना अनिवार्य है।

