केंद्र सरकार ने डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी घोषणा की है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी गई है। डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इस फैसले से नियमित डाक कर्मचारियों के साथ ग्रामीण डाक सेवकों और कुछ अस्थायी कर्मचारियों को भी लाभ मिल सकता है।
डाक विभाग के इस फैसले की जानकारी 18 अक्टूबर को आजतक ने अपनी रिपोर्ट में दी। हालांकि, बोनस की वास्तविक राशि कर्मचारी की श्रेणी, पात्रता और निर्धारित गणना के नियमों पर निर्भर करेगी। इसलिए सभी कर्मचारियों को एक समान रकम मिलने की बात कहना सही नहीं होगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
डाक विभाग के आदेश के अनुसार, 60 दिनों के बोनस के दायरे में मुख्य रूप से ये श्रेणियां शामिल हैं:
- मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS)
- ग्रुप C के पात्र कर्मचारी
- गैर-राजपत्रित ग्रुप B कर्मचारी
- नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवक (GDS)
- पात्र पूर्णकालिक आकस्मिक मजदूर और अस्थायी दर्जे वाले आकस्मिक कर्मचारी, जिनके लिए अलग नियम लागू हैं।
ग्रामीण डाक सेवकों को निर्धारित नियमों के अनुसार अनुग्रह राशि के रूप में बोनस दिया जाएगा। वहीं, पात्र आकस्मिक कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस का प्रावधान है। हर श्रेणी की गणना एक जैसी नहीं होती, इसलिए कर्मचारियों को अपने विभागीय आदेश और सेवा संबंधी शर्तें देखनी चाहिए।
अधिकतम कितने रुपये मिल सकते हैं?
डाक विभाग ने बोनस की गणना के लिए प्रति माह 7,000 रुपये की वेतन सीमा तय की है। यदि किसी कर्मचारी का संबंधित वेतन निर्धारित सीमा से अधिक है, तो बोनस की गणना में 7,000 रुपये की सीमा लागू होगी।
नियमित कर्मचारियों के लिए गणना का सूत्र है:
बोनस = औसत वेतन-भत्ते × बोनस के दिनों की संख्या ÷ 30.4
इस आधार पर 60 दिनों के बोनस की अधिकतम अनुमानित गणना इस प्रकार होगी:
7,000 × 60 ÷ 30.4 = लगभग 13,816 रुपये।
यह अधिकतम अनुमान है, हर कर्मचारी को मिलने वाली निश्चित रकम नहीं। वास्तविक भुगतान कर्मचारी के पात्र वेतन, सेवा अवधि और लागू नियमों के आधार पर तय होगा।
बोनस की गणना में कौन-से भत्ते शामिल होंगे?
नियमित विभागीय कर्मचारियों के लिए गणना में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (DA), एसबी भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता और प्रशिक्षण संस्थानों के संकाय सदस्यों को मिलने वाला प्रशिक्षण भत्ता शामिल किया जाता है।
हालांकि, यदि वित्त वर्ष 2025-26 के किसी महीने में संबंधित वेतन-भत्तों की राशि 7,000 रुपये से अधिक रही है, तो गणना के लिए इसे 7,000 रुपये तक सीमित किया जाएगा। इसी कारण अलग-अलग वेतन पाने वाले कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान में अंतर हो सकता है।
ग्रामीण डाक सेवकों को कितना बोनस मिलेगा?
ग्रामीण डाक सेवकों के बोनस की गणना उनके टाइम रिलेटेड कंटिन्युइटी अलाउंस (TRCA) और संबंधित महंगाई भत्ते के आधार पर की जाएगी। पूरे वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक काम करने वाले पात्र GDS के लिए संबंधित राशि का औसत निकाला जाएगा। निर्धारित सीमा से अधिक राशि होने पर 7,000 रुपये की मासिक सीमा लागू होगी।
यदि अधिकतम सीमा के आधार पर गणना की जाए, तो पात्र ग्रामीण डाक सेवक को भी लगभग 13,816 रुपये तक बोनस मिल सकता है। लेकिन वास्तविक भुगतान सेवा अवधि और विभाग के नियमों पर निर्भर करेगा।
क्या सेवानिवृत्त या नौकरी छोड़ चुके कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा?
डाक विभाग के आदेश में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुछ विशेष स्थितियों में सेवा छोड़ने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इसमें 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच इस्तीफा देने, सेवानिवृत्त होने, सेवा छोड़ने या प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले पात्र कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित शर्तों और विभागीय नियमों की जांच जरूरी है।
निष्कर्ष
डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों के लिए 60 दिनों के बोनस की मंजूरी त्योहारों से पहले आर्थिक राहत दे सकती है। अधिकतम अनुमानित राशि लगभग 13,816 रुपये है, लेकिन सभी कर्मचारियों को इतनी रकम मिलना तय नहीं है। अंतिम भुगतान कर्मचारी की श्रेणी, वेतन सीमा, सेवा अवधि और लागू नियमों के अनुसार होगा। सही जानकारी के लिए अपने डाक मंडल या विभागीय आदेश से पुष्टि करें।

