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FSSAI ने डाबर के कई उत्पादों पर लगाई रोक, ‘100% शुद्ध’ दावे पर भी हो रही कार्रवाई

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Last updated: August 9, 2026 11:24 am
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FSSAI ने डाबर के कई उत्पादों पर लगाई रोक, ‘100% शुद्ध’ दावे पर भी हो रही कार्रवाई
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खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया लिमिटेड के कई खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा अपने उत्पादों पर ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटीड’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे किए जाने के कारण की गई है। FSSAI का कहना है कि ऐसे दावे कानून के अनुरूप नहीं हैं और उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं।

Contents
  • FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर लगाई रोक से जुड़ी मुख्य बाते 
  • किन उत्पादों पर हुई कार्रवाई
  • सशल मीडिया के माध्यम से दी जानकारी
  • FSSAI को क्या आपत्तियां मिलीं
  • FSSAI ने किस नियम का हवाला दिया
  • ‘जैविक भारत’ लोगो पर भी सवाल
  • नारियल दूध के मामले में अलग आपत्ति
  • पहले भी जारी हुआ था नोटिस
  • डाबर ने क्या कहा
  • ‘100%’ दावे पर FSSAI की स्पष्ट राय
  • पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
  • उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब है
  • FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर लगाई प्रतिबंध से जुड़ी मुख्य FAQs

FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर लगाई रोक से जुड़ी मुख्य बाते 

1. FSSAI ने डाबर इंडिया के कई खाद्य उत्पादों पर कार्रवाई की और ‘100% शुद्ध’ जैसे दावों को भ्रामक बताया।

2. शहद, गाय का घी, नारियल तेल, तिल का तेल और एप्पल साइडर विनेगर सहित कई उत्पाद जांच के दायरे में आए।

3. ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे FSS (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के उल्लंघन माने गए।

4. ‘जैविक भारत’ लोगो के उपयोग पर भी आपत्ति जताई गई, क्योंकि वैध ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट नहीं पाया गया।

5. डाबर को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है कि उसने FSSAI के आदेश के बाद क्या कदम उठाए हैं।

किन उत्पादों पर हुई कार्रवाई

FSSAI के अनुसार जिन उत्पादों पर आपत्ति जताई गई है, उनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:

– शहद

– गाय का घी

– शुद्ध नारियल तेल

– तिल का तेल

– एप्पल साइडर विनेगर

– नारियल पानी

– नारियल दूध

– अन्य खाद्य और पेय पदार्थ

ये सभी उत्पाद कंपनी की वेबसाइट पर ‘100 प्रतिशत’ शुद्धता या प्राकृतिक होने के दावे के साथ बेचे जा रहे थे।

सशल मीडिया के माध्यम से दी जानकारी

FSSAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उसने डाबर को भ्रामक ‘100%’ दावों वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए प्रोहिबिशन ऑर्डर जारी किया है। साथ ही कंपनी से 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है कि उसने आदेश के बाद क्या कदम उठाए हैं।

FSSAI को क्या आपत्तियां मिलीं

जांच के दौरान कंपनी की वेबसाइट पर कई ऐसे लेबल पाए गए जिन्हें FSSAI ने नियमों के खिलाफ माना। इनमें शामिल थे:

– 100% Natural

– 100% Pure

– 100% Purity Guaranteed

– 100% Organic

– 100% Tender Coconut Water

नियामक संस्था का कहना है कि ‘100 प्रतिशत’ शब्द की खाद्य नियमों में कोई स्पष्ट कानूनी परिभाषा नहीं है। इसलिए बिना वैज्ञानिक प्रमाण के ऐसे दावे करना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।

FSSAI ने किस नियम का हवाला दिया

FSSAI ने कहा कि यह मामला फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा:

– सत्य होना चाहिए,

– स्पष्ट होना चाहिए,

– और वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित होना चाहिए।

अगर कोई दावा अस्पष्ट, अप्रमाणित या भ्रामक पाया जाता है, तो FSSAI कंपनी को नोटिस भेज सकता है, लेबल बदलने का आदेश दे सकता है या उत्पाद की बिक्री रोक सकता है।

‘जैविक भारत’ लोगो पर भी सवाल

FSSAI ने एक और गंभीर अनियमितता की ओर ध्यान दिलाया। जांच में पाया गया कि:

– Dabur Himalayan Organic Apple Cider Vinegar

– Dabur Organic Honey

पर ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) लोगो का उपयोग किया गया था, जबकि उसके लिए आवश्यक वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट उपलब्ध नहीं था। यह ऑर्गेनिक उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना गया है।

नारियल दूध के मामले में अलग आपत्ति

FSSAI ने Dabur Homemade Coconut Milk पर किए गए “100% Purity” दावे को भी गलत बताया है। नियामक के अनुसार यह एक कंपाउंड फूड यानी मिश्रित खाद्य पदार्थ की श्रेणी में आता है। FSS नियम, 2018 के तहत ऐसे उत्पादों के लिए ‘100% शुद्धता’ जैसा दावा करने की अनुमति नहीं है।

पहले भी जारी हुआ था नोटिस

FSSAI ने बताया कि उसने इससे पहले भी डाबर को नोटिस भेजकर ऐसे भ्रामक ‘100%’ दावों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया था। लेकिन नियामक के अनुसार कंपनी ने आवश्यक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी कारण अब कड़ा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना पड़ा।

अब डाबर को यह बताना होगा कि उसने:

– आपत्तिजनक दावे हटाए या नहीं,

– लेबल में क्या बदलाव किए,

– और भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की है।

डाबर ने क्या कहा

डाबर इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि उसे FSSAI का नोटिस प्राप्त हो गया है। कंपनी वर्तमान में नोटिस में उल्लिखित सामग्री और दावों की जांच कर रही है तथा नियामक के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

‘100%’ दावे पर FSSAI की स्पष्ट राय

FSSAI का कहना है कि ‘100%’ शब्द उपभोक्ताओं के मन में पूर्ण शुद्धता, पूर्ण प्राकृतिकता या पूर्ण ऑर्गेनिक होने का भरोसा पैदा करता है। यदि इस दावे के पीछे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध न हों, तो यह उपभोक्ता को गलत निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।

इसी कारण खाद्य कंपनियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे दावे तभी करें जब वे उन्हें प्रमाणित कर सकें।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद

पतंजलि मामला (2024)

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत के निर्देश के बाद कंपनी को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी और कई विज्ञापन वापस लेने पड़े।

‘हेल्थ ड्रिंक’ विवाद (2024)

FSSAI ने स्पष्ट किया था कि ‘Health Drink’ नाम की कोई कानूनी खाद्य श्रेणी मौजूद नहीं है। इसके बाद कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने अपनी वेबसाइटों से यह कैटेगरी हटाकर उत्पादों को उनकी सही श्रेणी में दिखाना शुरू किया।

उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब है

यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि FSSAI अब खाद्य उत्पादों की लेबलिंग, विज्ञापन और ऑनलाइन बिक्री पर अधिक सख्ती से निगरानी कर रहा है। उपभोक्ताओं को किसी भी उत्पाद पर लिखे ‘100% शुद्ध’, ‘100% प्राकृतिक’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों को देखकर तुरंत भरोसा करने के बजाय उसकी प्रमाणिकता और आधिकारिक प्रमाणन की जांच करनी चाहिए।

यह भी पढ़े :Plastic Notes: RBI कब लाएगा नई पॉलीमर करेंसी? जानिए लॉन्च टाइमलाइन, फील्ड ट्रायल और पूरी योजना

FSSAI द्वारा डाबर के कई उत्पादों पर लगाई गई रोक खाद्य उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है। नियामक संस्था ने स्पष्ट कर दिया है कि खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले दावे केवल आकर्षक विज्ञापन नहीं हो सकते, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और कानूनी रूप से सही होना जरूरी है। अब सभी की नज़र डाबर की आगामी रिपोर्ट और FSSAI की आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।

FSSAI ने डाबर के कई खाद्य उत्पादों पर लगाई प्रतिबंध से जुड़ी मुख्य FAQs

1. FSSAI ने डाबर पर कार्रवाई क्यों की?

कंपनी द्वारा खाद्य उत्पादों पर ‘100% शुद्ध’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे भ्रामक दावे किए जाने के कारण।

2. किन उत्पादों पर रोक या कार्रवाई हुई है?

शहद, गाय का घी, नारियल तेल, तिल का तेल, एप्पल साइडर विनेगर, नारियल पानी और नारियल दूध जैसे उत्पादों पर कार्रवाई की गई है।

3. FSSAI ने कौन-सा नियम उल्लंघन बताया?

यह मामला FSS (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के उल्लंघन से जुड़ा है।

4. डाबर को कितना समय दिया गया है?

कंपनी को 15 दिनों के भीतर जवाब और अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

5. क्या ‘100%’ दावा पूरी तरह प्रतिबंधित है?

FSSAI के अनुसार ऐसा दावा तभी किया जा सकता है जब वह स्पष्ट, सत्य और वैज्ञानिक प्रमाणों से सिद्ध हो; अन्यथा इसे भ्रामक माना जा सकता है।

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