Delhi Yamuna Action Plan: देश की राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा ‘यमुना नदी’ को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए एक बार फिर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘मिशन यमुना’ के तहत जल प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट और यमुना पुनर्जीवन के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम परियोजनाओं को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
इस महा-योजना का मुख्य फोकस ‘नजफगढ़ ड्रेन’ (नाले) की सफाई पर है, जो यमुना नदी में प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। सरकार की रणनीति है कि गंदे पानी को सीधे नदी या बड़े नालों में गिरने से पहले ही ट्रीट कर लिया जाए। इसके लिए कई डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाए जाएंगे और दशकों पुरानी सीवर लाइनों को बदला जाएगा।
Delhi Yamuna Cleaning Project से जुड़े मुख्य बिंदु:
- दिल्ली सरकार ने यमुना नदी और नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये का बजट पास किया है।
- नजफगढ़ क्षेत्र में 860 करोड़ रुपये की लागत से 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) स्थापित किए जाएंगे।
- पश्चिमी दिल्ली स्थित केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट फेज-1 की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी।
- इन परियोजनाओं से 121 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों और 35 गांवों के करीब सात लाख लोगों को मिलेगा लाभ।
- पूर्वी दिल्ली त्रिलोकपुरी में 40 साल पुरानी जर्जर सीवर लाइनों की मरम्मत के लिए 57 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित।
नजफगढ़ ड्रेन के लिए सबसे बड़ा एक्शन प्लान
यमुना में सबसे अधिक औद्योगिक और घरेलू सीवेज नजफगढ़ ड्रेन के जरिए पहुंचता है। सरकार ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ‘स्रोत पर ही उपचार’ की वैज्ञानिक रणनीति अपनाई है। इसके तहत नजफगढ़ क्षेत्र में 46.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) की संयुक्त क्षमता वाले 12 नए डीएसटीपी लगाए जाएंगे।
इनमें सबसे बड़ा प्लांट मित्राऊं में 17 MGD क्षमता का होगा। इसके अलावा कैर, कांगनहेड़ी, ककरोला, दिचाऊं कलां, गालिबपुर, सारंगपुर, शिकारपुर, हसनपुर, जाफरपुर, काजीपुर और खेड़ा डाबर में भी ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इससे सीवेज का गंदा पानी बिना ट्रीट हुए सीधे नालों में नहीं बहेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
परियोजनाओं का विस्तृत बजट और क्षमता
नीचे दिए गए चार्ट के माध्यम से आप समझ सकते हैं कि सरकार ने 1000 करोड़ रुपये के बजट को किन मुख्य परियोजनाओं में विभाजित किया है:
| परियोजना का नाम | आवंटित बजट | निर्धारित क्षमता / कार्य | मुख्य स्थान |
| 12 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) | लगभग 860 करोड़ रुपये | 46.5 MGD | मित्राऊं, ककरोला, दिचाऊं कलां व अन्य (नजफगढ़ क्षेत्र) |
| केशोपुर एसटीपी अपग्रेडेशन | लगभग 122 करोड़ रुपये | 12 MGD से बढ़ाकर 18 MGD | केशोपुर (पश्चिमी दिल्ली) |
| ट्रंक सीवर लाइन पुनर्वास | लगभग 57 करोड़ रुपये | 40 साल पुरानी जर्जर लाइन की मरम्मत | अमीचंद चौक से कल्याणपुरी पंपिंग स्टेशन (त्रिलोकपुरी) |
| नया अंडरग्राउंड रिजरवायर (UGR) | लगभग 27 करोड़ रुपये | 0.72 MGD भंडारण व पंपिंग | रोहतास नगर (शाहदरा) |
केशोपुर एसटीपी और ट्रंक सीवर का कायाकल्प
नजफगढ़ के अलावा, सरकार ने पश्चिमी दिल्ली के केशोपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (फेज 1) के विस्तारीकरण के लिए 122 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत न सिर्फ इसकी क्षमता 18 MGD की जाएगी, बल्कि अगले 11 सालों तक इसके ऑपरेशन और मेंटेनेंस का भी जिम्मा उठाया जाएगा ताकि शोधित पानी की गुणवत्ता तय पर्यावरण मानकों पर हमेशा खरी उतरे।
वहीं, पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में अमीचंद चौक से पुराने कल्याणपुरी सीवेज पंपिंग स्टेशन तक जाने वाली 40 साल पुरानी ट्रंक सीवर लाइन का पुनर्निर्माण 57 करोड़ रुपये से किया जाएगा। पुरानी होने के कारण यह लाइन अक्सर धंस जाती थी, जिससे इलाके में जलभराव की गंभीर समस्या होती थी।
पेयजल आपूर्ति के लिए रोहतास नगर में नया UGR
जल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शाहदरा के रोहतास नगर में 27 करोड़ रुपये की लागत से एक नया अंडरग्राउंड रिजरवायर और बूस्टर पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसकी क्षमता 0.72 MGD होगी, जिससे इस घनी आबादी वाले इलाके में पानी के प्रेशर और स्टोरेज की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
FAQs about Delhi Yamuna Cleaning Project
Q1. दिल्ली सरकार ने यमुना सफाई के लिए कुल कितने करोड़ के प्रोजेक्ट पास किए हैं?
दिल्ली सरकार ने ‘मिशन यमुना’ के तहत जल प्रबंधन और सीवेज ढांचे को सुधारने के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
Q2. नजफगढ़ क्षेत्र में कितने नए सीवेज प्लांट लगाए जा रहे हैं?
नजफगढ़ इलाके में 860 करोड़ रुपये की लागत से कुल 12 नए डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (DSTP) लगाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 46.5 MGD होगी।
Q3. केशोपुर एसटीपी की क्षमता कितनी बढ़ाई जाएगी?
लगभग 122 करोड़ रुपये की लागत से केशोपुर एसटीपी के फेज-1 की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी।
Q4. त्रिलोकपुरी में सीवर लाइन प्रोजेक्ट की क्या आवश्यकता थी?
त्रिलोकपुरी में अमीचंद चौक से कल्याणपुरी तक की सीवर लाइन 40 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी थी और कई बार धंस चुकी थी, जिससे जलभराव होता था। इसलिए 57 करोड़ रुपये से इसका पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
Q5. इस पूरी परियोजना से दिल्ली के कितने लोगों को फायदा होगा?
इन जल परियोजनाओं से 121 अनधिकृत कॉलोनियों और 35 गांवों के करीब 7 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा और उनके इलाके में स्वच्छता व स्वास्थ्य का स्तर सुधरेगा।

