Delhi Circle Rate Hike: दिल्ली में कृषि भूमि खरीदना और बेचना आने वाले समय में महंगा हो सकता है। सरकार वर्ष 2008 के बाद पहली बार कृषि भूमि के सर्कल रेट में संशोधन करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली में दर ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक हो सकती है। हालांकि, नई दरों को लेकर अभी अंतिम सरकारी अधिसूचना जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
- दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट बढ़ाने की तैयारी क्यों?
- किन जिलों में कितनी हो सकती है कृषि भूमि की दर?
- द्वारका, पालम और महरौली में भी प्रस्तावित बदलाव
- दिल्ली के इन इलाकों में करोड़ों रुपये प्रति एकड़ पहुंची जमीन की कीमत
- दिल्ली पंचायत संघ ने की ₹10 करोड़ प्रति एकड़ की मांग
- गुरुग्राम में भी बढ़ चुके हैं सर्कल रेट
- 2023 में भी आया था कृषि भूमि की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
- नई दरों की अधिसूचना का इंतज़ार
- सांसारिक संपत्ति से परे आध्यात्मिक ज्ञान
- FAQs on Delhi Circle Rate Hike
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट बढ़ाने की तैयारी क्यों?
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट लंबे समय से अपरिवर्तित हैं। मौजूदा न्यूनतम निर्धारित दर ₹53 लाख प्रति एकड़ बताई गई है, जबकि यमुना के किनारे स्थित कृषि भूमि के लिए यह दर ₹17.6 लाख प्रति एकड़ है। दूसरी ओर, वास्तविक संपत्ति सौदों में जमीन की कीमतें कई करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुकी हैं। इसी अंतर को देखते हुए सरकार कृषि भूमि के सरकारी मूल्यांकन की समीक्षा कर रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र और दिल्ली सरकार ने सर्कल रेट संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और दिल्ली सरकार के बीच इस विषय पर विस्तृत प्रस्तुति और चर्चा होने की जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है।
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इससे पहले 1 अक्टूबर 2025 को दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक सूचना जारी कर सर्कल रेट में बदलाव के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया में विभिन्न जिलों और गांवों की श्रेणियों के अनुसार सरकारी मूल्यांकन में अंतर को ध्यान में रखा जा रहा है।
किन जिलों में कितनी हो सकती है कृषि भूमि की दर?
सरकारी समितियों की ओर से सामने आए प्रस्ताव में दिल्ली के अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग सर्कल रेट निर्धारित करने की बात कही गई है। प्रस्तावित दरें इस प्रकार हैं:
| जिला | प्रस्तावित दर प्रति एकड़ |
| दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली | ₹5 करोड़ |
| उत्तर, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली | ₹3 करोड़ |
| मध्य दिल्ली | ₹2.5 करोड़ |
| शाहदरा, उत्तर-पूर्व और पूर्वी दिल्ली | ₹2.2 से ₹2.25 करोड़ |
| दक्षिण-पश्चिम दिल्ली | ₹3.5 करोड़ |
| दक्षिण-पूर्व दिल्ली | ₹3 करोड़ |
इनमें दक्षिण और नई दिल्ली के लिए सबसे अधिक ₹5 करोड़ प्रति एकड़ का प्रस्ताव है। उत्तर, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लिए ₹3 करोड़ की दर प्रस्तावित है। मध्य दिल्ली के लिए ₹2.5 करोड़ और शाहदरा, उत्तर-पूर्व तथा पूर्वी दिल्ली के लिए लगभग ₹2.2 से ₹2.25 करोड़ प्रति एकड़ की दर सामने आई है।
द्वारका, पालम और महरौली में भी प्रस्तावित बदलाव
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका, पालम, महरौली और छावला जैसे क्षेत्रों के लिए कृषि भूमि का सर्कल रेट ₹3.5 करोड़ प्रति एकड़ प्रस्तावित है। वहीं, दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, शाहीन, सराय काले खां और ओखला जैसे क्षेत्रों के लिए ₹3 करोड़ प्रति एकड़ की दर प्रस्तावित है। रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्धारण में अलग-अलग इलाकों, गांवों की श्रेणियों और मौजूदा बाजार भावों के अंतर को ध्यान में रखा गया है।
प्रस्ताव में ग्रीन बेल्ट वाले गांवों, शहरीकृत गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित करने की व्यवस्था भी शामिल है।
दिल्ली के इन इलाकों में करोड़ों रुपये प्रति एकड़ पहुंची जमीन की कीमत
प्रस्ताव की समीक्षा के दौरान संपत्ति के पुराने लेनदेन और बाजार मूल्यों का भी विश्लेषण किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर 2025 के संपत्ति सौदों में जमीन की बिक्री कीमत लगभग ₹2.6 करोड़ से ₹15 करोड़ प्रति एकड़ तक दर्ज की गई।
दक्षिण दिल्ली में बाजार मूल्य ₹1.5 करोड़ से ₹10 करोड़ प्रति एकड़ तक बताया गया है। खानपुर में एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। छतरपुर और आसपास के फार्महाउस क्षेत्रों में भी जमीन की कीमतें ऊंची हैं।
प्रमुख क्षेत्रों के बाजार मूल्य इस प्रकार बताए गए हैं:
- छतरपुर: ₹5 करोड़ से ₹8.5 करोड़ प्रति एकड़।
- पश्चिमी दिल्ली: ₹3.5 करोड़ से ₹6 करोड़ प्रति एकड़।
- नजफगढ़: ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ प्रति एकड़।
- नजफगढ़ की ग्रीन बेल्ट और ग्रामीण भूमि: ₹2 करोड़ से ₹8 करोड़ प्रति एकड़।
- शाहदरा की शहरी भूमि: ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ प्रति एकड़।
- शाहदरा की ग्रीन बेल्ट और ग्रामीण भूमि: ₹2 करोड़ से ₹8 करोड़ प्रति एकड़।
- नरेला और अलीपुर: ₹3 करोड़ से ₹3.5 करोड़ प्रति एकड़।
- सरस्वती विहार, रोहिणी और कंझावला: ₹2.3 करोड़ से ₹2.5 करोड़ प्रति एकड़।
- ग्रीन बेल्ट वाले गांव: लगभग ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ प्रति एकड़।
- नई दिल्ली जिला: ₹1.5 करोड़ से ₹18 करोड़ प्रति एकड़।
नई दिल्ली जिले में लग्जरी संपत्तियों और बंगले वाले क्षेत्रों में कीमतें अधिक बताई गई हैं। इन आंकड़ों से एक ही जिले के भीतर भी जमीन के बाजार मूल्य में काफी अंतर सामने आता है।
दिल्ली पंचायत संघ ने की ₹10 करोड़ प्रति एकड़ की मांग
प्रस्तावित सर्कल रेट के बीच दिल्ली के किसान संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखी है। दिल्ली पंचायत संघ ने कृषि भूमि का सर्कल रेट बढ़ाकर ₹10 करोड़ प्रति एकड़ करने की मांग की है। किसान संगठन ने यह भी कहा है कि जब तक नई दरें लागू नहीं होतीं, तब तक किसी भी कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने दिवाली से पहले नई दरों की घोषणा करने की मांग भी रखी है। ये किसानों की मांगें हैं, सरकार का स्वीकृत निर्णय नहीं।
गुरुग्राम में भी बढ़ चुके हैं सर्कल रेट
दिल्ली की इस खबर के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम का उदाहरण भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में 1 अप्रैल 2026 से सर्कल रेट में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई थी।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर व्यावसायिक संपत्तियों की दर लगभग ₹2,04,750 प्रति वर्ग गज तक पहुंचने का अनुमान बताया गया। सेक्टर 104 से 115 के आवासीय क्षेत्रों में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि के साथ दर ₹2,24,796 प्रति वर्ग गज बताई गई।
डीएलएफ फेज़-5 में 75 प्रतिशत वृद्धि के बाद दर लगभग ₹1,85,000 प्रति वर्ग गज और सेक्टर-25 की व्यावसायिक संपत्तियों में 75 प्रतिशत वृद्धि के बाद लगभग ₹2,43,941 प्रति वर्ग गज बताई गई। यह गुरुग्राम का अलग संशोधन है, दिल्ली के प्रस्ताव का हिस्सा नहीं।
2023 में भी आया था कृषि भूमि की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट बढ़ाने की कोशिश पहले भी हो चुकी है। अगस्त 2023 में दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि की दर ₹53 लाख से बढ़ाकर अलग-अलग जिलों में ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, सितंबर 2023 में तत्कालीन उपराज्यपाल ने प्रस्ताव से जुड़ी फाइल स्पष्टीकरण के लिए वापस कर दी थी। इसके बाद प्रस्ताव लागू नहीं हो सका।
नई दरों की अधिसूचना का इंतज़ार
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट संशोधन को लेकर प्रस्ताव और किसानों की मांगें सामने आ चुकी हैं। हालांकि, प्रस्तावित दरों को अंतिम रूप देने और लागू करने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में जमीन खरीदने या बेचने वालों के लिए सरकारी अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल ₹5 करोड़ और ₹10 करोड़ प्रति एकड़ के आंकड़े प्रस्ताव तथा मांग से जुड़े हैं।
सांसारिक संपत्ति से परे आध्यात्मिक ज्ञान
दुनिया में इंसान ज़मीन, बड़े मकान और संपत्ति जुटाने में अपना जीवन लगा देता है, लेकिन एक दिन सब कुछ यहीं छोड़कर जाना पड़ता है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अनुसार, मनुष्य को वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान और अपने निज घर सतलोक के बारे में भी जानना चाहिए, जिसके विषय में शास्त्रों में भी बताया गया है।
श्रीमद्भागवत गीता में सतलोक को वह शाश्वत स्थान बताया गया है, जहां जाने के बाद जीवात्मा संसार में लौटकर नहीं आती। इस आध्यात्मिक ज्ञान को समझने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी की पुस्तक ‘ज्ञान गंगा’ अवश्य पढ़ें और उनके शास्त्रानुकूल प्रवचनों को सुनें।
FAQs on Delhi Circle Rate Hike
1. दिल्ली में कृषि भूमि का मौजूदा सर्कल रेट कितना है?
मौजूदा न्यूनतम दर ₹53 लाख प्रति एकड़ बताई गई है। यमुना किनारे की भूमि के लिए दर ₹17.6 लाख है।
2. दिल्ली में कृषि भूमि का प्रस्तावित अधिकतम सर्कल रेट कितना है?
दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली जिलों के लिए ₹5 करोड़ प्रति एकड़ का प्रस्ताव सामने आया है।
3. दिल्ली पंचायत संघ कृषि भूमि के लिए कितनी दर मांग रहा है?
दिल्ली पंचायत संघ ने कृषि भूमि का सर्कल रेट ₹10 करोड़ प्रति एकड़ करने की मांग की है।
4. क्या दिल्ली में नई कृषि भूमि सर्कल दरें लागू हो गई हैं?
नई प्रस्तावित दरों के लागू होने की आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है।
5. दिल्ली में कृषि भूमि के सर्कल रेट आखिरी बार कब बदले गए थे?
मौजूदा कृषि भूमि दरें वर्ष 2008 से अपरिवर्तित बताई गई हैं। वर्ष 2023 का संशोधन प्रस्ताव लागू नहीं हो सका।

