SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » अमेरिका में डिग्रियों से ज्यादा हुनर की मांग: हर साल 17 लाख स्किल्ड वर्कर्स की जरूरत, गहराया लेबर संकट

World

अमेरिका में डिग्रियों से ज्यादा हुनर की मांग: हर साल 17 लाख स्किल्ड वर्कर्स की जरूरत, गहराया लेबर संकट

SA News
Last updated: October 18, 2026 11:47 am
SA News
Share
अमेरिका में डिग्रियों से ज्यादा हुनर की मांग
SHARE

वैश्विक महाशक्ति अमेरिका के लेबर मार्केट को लेकर एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। आधुनिक तकनीक के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों के तेज होने के साथ ही अमेरिका में कुशल कामगारों (Skilled Workers) की मांग में भारी उछाल आया है। स्थिति यह हो गई है कि देश को अपनी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए वर्ष 2035 तक हर साल लगभग 17 लाख नए और प्रशिक्षित ट्रेड वर्कर्स की ज़रूरत है।

Contents
  • अमेरिका के रोज़गार बाज़ार और स्किल्ड वर्कर्स की मांग से जुड़े मुख्य बिंदु:
  • अमेरिका के रोज़गार बाज़ार और स्किल्ड वर्कर्स की मांग से जुड़े मुख्य FAQs

व्हाइट कॉलर जॉब्स और पारंपरिक चार साल की कॉलेज डिग्रियों के इतर अब अमेरिका का औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गंभीर लेबर शॉर्टकट का सामना कर रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि अमेरिका के रोजगार बाजार में अचानक इस मांग के पीछे क्या कारण हैं और इसके क्या दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

अमेरिका के रोज़गार बाज़ार और स्किल्ड वर्कर्स की मांग से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक सेक्टर में आधुनिक तकनीक के बीच ट्रेंड प्रोफेशनल्स की भारी किल्लत महसूस हो रही है।
  • अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए विशाल संख्या में वर्कर्स चाहिए।
  • इस गंभीर संकट की एक बड़ी वजह यह है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में अनुभवी कुशल कामगार रिटायर हो रहे हैं।
  • यदि समय रहते इस लेबर शॉर्टेज को नहीं सुधारा गया, तो अमेरिका में कंस्ट्रक्शन की लागत और महंगाई दोनों तेज़ी से बढ़ सकती हैं।
  • अब अमेरिकी युवा चार साल की कॉलेज डिग्रियों के बजाय जल्द रोज़गार देने वाले हुनर और व्यावहारिक कौशल (Skilled Trades) को चुन रहे हैं।

हर साल 1.7 मिलियन स्किल्ड वर्कर्स की ज़रूरत

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के विभिन्न सेक्टरों में कुशल कामगारों की भारी कमी दर्ज की जा रही है:

विशाल मांग: देश को इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक्स, एचवीएसी (HVAC) रिपेयर और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में हर साल करीब 17 लाख नए हाथों की आवश्यकता है।

अनुभवी वर्कर हो रहे रिटायर: इस संकट की एक बड़ी वजह यह है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में अनुभवी कुशल कामगार रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंच चुके हैं, जिन्हें रिप्लेस करना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

यह भी पढ़ें: AI पर अंधा भरोसा पड़ा भारी अब कंपनियां फिर ढूंढ रही हैं इंसानी दिमाग, बदल रहा है जॉब मार्केट का पूरा खेल

ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और वास्तविक मांग में बड़ा अंतर

मांग और आपूर्ति (Supply and Demand) के बीच का यह फासला अमेरिकी श्रम बाज़ार के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है:

कम पड़ रहे प्रशिक्षित लोग: आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में चल रहे औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Programs) जरूरत के मुकाबले काफी कम युवाओं को तैयार कर पा रहे हैं।

प्रशिक्षण पूरी करने वालों की दर: जितने छात्र या apprentices इन ट्रेड प्रोग्राम्स में दाखिला लेते हैं, उनमें से एक निश्चित प्रतिशत ही अपनी ट्रेनिंग पूरी कर पाते हैं, जिससे इंडस्ट्री की भूख पूरी नहीं हो पा रही है।

एआई (AI) के दौर में स्किल्ड ट्रेड्स का बढ़ता महत्व

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक के कारण व्हाइट-कॉलर नौकरियों के स्वरूप में तेज़ी से बदलाव आ रहा है:

पारंपरिक डिग्रियों से मोहभंग: अब युवा और विशेषज्ञ यह मानने लगे हैं कि केवल पारंपरिक यूनिवर्सिटी डिग्रियों के बजाय व्यावहारिक कौशल (Skilled Trades) युवाओं को बिना भारी कर्ज़ के जल्द और बेहतर रोज़गार दे सकता है।

आर्थिक विकास पर असर: यदि समय रहते इस लेबर गैप को नहीं भरा गया, तो अमेरिका में कंस्ट्रक्शन की लागत बढ़ सकती है और देश की ओवरऑल इकोनॉमी व इन्फ्लेशन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

भौतिक दौड़ से मोक्ष तक, क्या है जीवन का असली उद्देश्य?

आज पूरी दुनिया में, चाहे अमेरिका का रोज़गार बाज़ार हो या विकसित देशों की तकनीकी दौड़, हर इंसान बेहतर आजीविका, धन और सुख-सुविधाओं के लिए दिन-रात संघर्ष कर रहा है। सरकारें और बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ अपनी जीडीपी बढ़ाने और लेबर शॉर्टेज को दूर करने के लिए अनगिनत योजनाएँ बनाती हैं, परंतु विडंबना यह है कि मनुष्य इस भौतिक दौड़ में उलझकर अपने जीवन के असली उद्देश्य को भूल जाता है।

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का दिव्य ज्ञान हमें यह समझाता है कि यह संसार कर्मक्षेत्र ज़रूर है, लेकिन यहाँ का प्रत्येक सुख और वैभव केवल क्षणिक और नाशवान है। इंसान चाहे जितनी डिग्रियाँ ले ले या कितनी भी उच्च स्किल्स हासिल कर ले, वह इस नश्वर शरीर और संसार से अमरता प्राप्त नहीं कर सकता। जन्म-मृत्यु के इस चक्र से छुटकारा पाने के लिए हमें वेदों और शास्त्रों के अनुकूल (शास्त्रानुकूल) भक्ति मार्ग अपनाना ही होगा। जब साधक बाहरी दिखावे और भौतिक चिंताओं को त्यागकर पूर्ण परमात्मा (कबीर साहेब) की सच्ची शरण में जाता है, तो उसके सारे कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं और उसे शाश्वत शांति व मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भ्रमित मानव समाज को सतमार्ग दिखाने के लिए जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने विश्व के सभी धर्मगुरुओं को चुनौती दी है कि जो भी उनके ज्ञान को शास्त्रों के आधार पर गलत साबित कर देगा, उसे 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसी विषय पर शास्त्रार्थ का शंखनाद शुरू हो चुका है, जिसकी अब तक छह किश्तें रिलीज़ हो चुकी हैं। इस डिबेट को हर शनिवार और रविवार (शाम 7:30 से 9:30 बजे तक) ‘साधना टीवी’ और संत रामपाल जी महाराज के YouTube Channel पर ज़रूर देखें।

संत रामपाल जी महाराज जी ने स्पष्ट किया है कि इस डिबेट का उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि पवित्र चारों वेदों, गीता और पुराणों के प्रमाणों के आधार पर सृष्टि की रचना जैसे परम सत्यों से दुनिया को अवगत कराना है, जिसका निर्णय भारत की समझदार जनता रूपी जज करेगी। संत रामपाल जी महाराज के इस सर्वोच्च सतज्ञान को अपनाकर ही मनुष्य जीवन सफल हो सकता है और वह कबीर साहेब की भक्ति से पूर्ण मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

अमेरिका के रोज़गार बाज़ार और स्किल्ड वर्कर्स की मांग से जुड़े मुख्य FAQs

प्रश्न 1: अमेरिका के रोज़गार बाज़ार में मुख्य रूप से किस प्रकार के कुशल कामगारों की सबसे ज़्यादा कमी है?

उत्तर: अमेरिका में मुख्य रूप से इलेक्ट्रिशियन, हीटिंग व एयर कंडीशनिंग (HVAC) रिपेयर करने वाले, प्लंबर, इंडस्ट्रियल मशीनरी मेंटेनेंस और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की सबसे अधिक कमी है।

प्रश्न 2: अमेरिका को आने वाले वर्षों में हर साल कितने स्किल्ड वर्कर्स की आवश्यकता होगी?

उत्तर: अमेरिका को वर्ष 2035 तक अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हर साल लगभग 17 लाख (1.7 million) नए स्किल्ड-ट्रेड वर्कर्स की ज़रूरत होगी।

प्रश्न 3: इस भारी कमी के पीछे मुख्य वजह क्या है?

उत्तर: इसके मुख्य कारणों में पुराने और अनुभवी कामगारों का तेज़ी से रिटायर होना तथा ट्रेनिंग संस्थानों द्वारा ज़रूरत के मुकाबले काफी कम प्रशिक्षित कामगार तैयार किया जाना शामिल है।

प्रश्न 4: क्या इस संकट का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है?

उत्तर: हां, कुशल कामगारों की कमी के कारण निर्माण कार्य महंगे हो सकते हैं, प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है और देश में महंगाई (Inflation) तथा विकास दर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

प्रश्न 5: भौतिक दौड़ और चिंताओं से मुक्त होकर परम शांति पाने का सही मार्ग क्या है?

उत्तर: सांसारिक सुख नश्वर हैं; शास्त्रों के अनुकूल (शास्त्रानुकूल) भक्ति करके पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की शरण में जाने से ही पूर्ण मोक्ष मिलता है।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Nilekani Panel Considers Question Vault to Prevent NEET Paper Leaks Nilekani Panel Considers Question Vault to Prevent NEET Paper Leaks
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

Indian Army Agniveer Result 2026 Out: मेरिट लिस्ट जारी, जानें कैसे चेक करें रिजल्ट और आगे क्या होगा

भारतीय सेना ने अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 2026 का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी…

By SA News

India’s First World-Class City: Andhra Pradesh Unveils ₹64,000 Cr Plan for Amaravati Capital

In a historic move that could redefine urban development in India, Andhra Pradesh has officially…

By SA News

From Waterlogged Fields to Green Harvest: Hope Returns to Faren Village Under the Guidance of Sant Rampal Ji Maharaj (Jind, Haryana)

A few years ago, Faren village in the Narwana tehsil of Jind district, Haryana, was…

By SA News

You Might Also Like

Trump vs Canada Tariffs 2026
World

Trump Clashes with Canada over Tariffs: US and Canada Trade Relations After Tariff Escalation Essay

By SA News
India Agrees to Lower Import Duties to Counter US Tariff Threats
World

India Agrees to Lower Import Duties to Counter US Tariff Threats

By SA News
अफ़गानिस्तान में अस्पतालों और नागरिक क्षेत्रों पर पाकिस्तानी हमले
World

अफ़गानिस्तान में अस्पतालों और नागरिक क्षेत्रों पर पाकिस्तानी हमले: गहराता मानवीय संकट और कूटनीतिक तनाव

By SA News
गाज़ा संकट बढ़ा – इज़राइल की बमबारी से 14,000 बच्चों की जान खतरे में, UN ने चेतावनी दी (Gaza Crisis Deepens – Israel’s Bombing Puts 14,000 Children’s Lives at Risk, Warns UN)
World

गाज़ा संकट बढ़ा – इज़राइल की बमबारी से 14,000 बच्चों की जान खतरे में, UN ने चेतावनी दी (Gaza Crisis Deepens – Israel’s Bombing Puts 14,000 Children’s Lives at Risk, Warns UN)

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2027| All rights reserved.