काॅकरोच जनता पार्टी और सरकार ने इस शुक्रवार, 24 जुलाई को काॅन्स्टिट्यूशन क्लब में 2 घंटे तक की चर्चा। पेपल लीक मामले से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी बातचीत हुई, लेकिन सरकार के द्वारा आज़ दोपहर तक इसको टाल दिया गया। जिसका जवाब आज़ फिर से दिया जाएगा। इसके अलावा सीजेपी के द्वारा परीक्षा सुधार, मुआवजा देने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को वापिस लेने और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के लिए माफ़ी मांगने की मांगे रखी है।
सीजेपी और सरकार के बीच हुई चर्चा को लेकर महत्वपूर्ण बिंदु निम्न हैं :-
. सीजेपी और सरकार के बीच 24 जुलाई, शुक्रवार को काॅन्स्टिट्यूशन क्लब में लगभग 2 घंटे तक बातचीत हुई।
. सरकार के द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आज़ दोपहर तक टाल दिया गया।
. इस चर्चा के द्वारा सीजेपी की काफी मांगों को स्वीकृति मिली जिसमें पीड़ीत परिवारों उचित मुआवजा, कानूनी कार्रवाई वापस लेने जैसे मुद्दे शामिल थें।
. साथ ही सीजेपी ने परीक्षा सुधार के लिए भारत सरकार को काफ़ी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
सीजेपी और भारत सरकार के मध्य हुई चर्चा
काॅकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच काॅन्स्टिट्यूशन क्लब में प्रोटेस्ट में रखीं गईं मांगों के लिए बातचीत हुई। जिसमें 24 जुलाई, शुक्रवार को महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें सीजेपी की ओर से आशुतोष रांका और दूसरे सदस्य के रूप में सौरभ दास शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह ने इस चर्चा में बातचीत की। इस मुलाकात के बाद काॅकरोच जनता पार्टी और केंद्रीय सरकार के बीच दो घंटे तक बातचीत हुई।
क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे पद से इस्तीफा
काॅकरोच जनता पार्टी और सरकार के मध्य हुई बातचीत में काफ़ी फ़ैसलों पर हुई स्वीकृती। सीजेपी के सदस्य आशुतोष रांका और सौरभ दास ने सीधे पाॅइंट पर आकर रखी अपनी बात, उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बता दिया है धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और कैबिनेट से उनकी पदच्युति से कम कुछ भी नहीं चलेगा। आशुतोष रांका ने कहा कि देश में अलग -अलग प्राॅटेस्ट चल रहा है, जिसमें देश के युवाओं में जो आक्रोश है, जो सेंटिमेंट है वो यह है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा, काॅकरोच जनता पार्टी और केंद्रीय सरकार ने इस पर काफ़ी विचार-विमर्श किया।
इसके जवाब में केन्द्र सरकार ने कुछ खास प्रतिउत्तर नहीं दिया, जबकि उन्होंने इस मुद्दे पर जवाब के लिए आज़ दोपहर तक का समय मांगा, अब देखते हैं आज़ केन्द्र सरकार का फैसला क्या होगा। क्या सीजेपी जीत जाएगी या ये आंदोलन और आगे तक चलेगा।
इन मुद्दों को रखा प्रमुख
काॅकरोच जनता पार्टी और केंद्रीय सरकार की हुई बैठक में केन्द्रीय सरकार ने सीजेपी के द्वारा रखे गए फैसलों को कुछ हद तक स्वीकृति दी है, इस फैसलों में काफ़ी मांगों को प्रमुख रखा गया, जिसमें ये निम्न मांगे रहीं शामिल –
- प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह से मारने के लिए सबके सामने सार्वजनिक तौर पर, भारत सरकार, रैपिड फाॅर्स के प्रमुख और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मांफी मांगने पर की गई बात।
- जिन परिवारों ने नीट पेपर लीक की वजह से अपने बच्चों को खोया हैं उनके लिए एक करोड़ का मुआवजा देने का फैसला लिया, जिसमें 20 विद्यार्थी शामिल हैं।
- पुलिस के द्वारा प्राॅटेस्ट में शामिल प्रदर्शनकारियों पर से कानून कार्यवाही को वापस लेने पर हुई मांग।
- इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हुई चर्चा लेकिन इसके ज़वाब को आज़ दोपहर तक के टाला गया है।
- इस मुद्दों में से केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा सब मांगों के प्रति आश्वासन दिया गया।
परीक्षा सुधार पर लिए गए सुझाव
काॅकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच काफ़ी देर तक चर्चा हुई, जिसमें परीक्षा सुधार भी आम तौर पर सही फैसला रहा। परीक्षा सुधार पर सरकार ने सीजेपी से महत्वपूर्ण सुझाव लिए गए, और इन सुझावों को साकार करने के लिए केन्द्र सरकार ने इस पर आश्वासन दिया।
सीजेपी ने कहा कि यह मांगे केवल न्याय की हैं, यह प्राॅटेस्ट तब तक शुरू रहेगा जब तक इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो जाती, सोनम वांगचुक ने भी इन मांगों को स्वीकृति मिलें इसके बाद ही अनशन तोड़ने की बात कहीं, सरकार से इन मांगों की स्वीकृति के लिए आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।

