स्वच्छता अभियान हमारे देश की सबसे बड़ी जरूरत है। यह केवल सफाई का काम नहीं, बल्कि हमारे स्वस्थ जीवन, बेहतर भविष्य, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा, भोजन और पानी की शुद्धता, खुले में शौच की रोकथाम, गंदगी और मच्छर जनित रोगों से बचाव और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी है।
- स्वच्छ और स्वस्थ देश की पहचान के लिए
- साफ पर्यावरण के लिए
- सुंदर गांव और शहर के लिए
- सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए
- पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा के लिए
- खुले में शौच से मुक्ति के लिए
- बच्चों की शिक्षा को सुरक्षित रखने के लिए
- स्वच्छता: केवल सफाई नहीं, संस्कार
- स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए
- हमारी आत्मा निर्मल कैसे होगी?
यह सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गाँव और शहर को सुंदर बनाने से पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा देता है। देश की पहचान स्वच्छता और स्वस्थता में मजबूत बनाने करने के लिए लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता लाता है।
स्वच्छ और स्वस्थ देश की पहचान के लिए
एक साफ और स्वच्छ देश पूरी दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बनाता है। जब हमारे गाँव और शहर साफ-सुथरे होंगे, तो देशी और देशी लोग हमारे देश को देखकर प्रभावित होंगे। उसकी बड़ाई अपने क्षेत्रों में करेंगे। स्वच्छ भारत की छवि विश्व स्तर पर होगी
साफ पर्यावरण के लिए
स्वच्छता का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह हमारे वातावरण को स्वच्छ रखता है। गंदगी, कूड़ा-कचरा और प्रदूषण से जमीन और हवा-पानी दूषित होता है। स्वच्छता अभियान लोगों को यह सिखाता है कि प्लास्टिक का कम उपयोग करना और कूड़े- कचरे को सही स्थान पर फेंकना हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है। भोजन और पानी अस्वच्छ वातावरण में दूषित हो जाते हैं। स्वास्थ्य बेहतर रखने के लिए स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छ भोजन और साफ पानी सुनिश्चित करने की व्यवस्था होती है।
सुंदर गांव और शहर के लिए
स्वच्छता अभियान के चलते हमारे शहर और गाँव सुंदर बनते हैं। पार्क, साफ़ सड़कें, बाज़ार और मोहल्ले न केवल देखने में मनमोहक लगते हैं बल्कि लोगों को भी खुश और सुरक्षित महसूस कराते हैं और सुंदर वातावरण मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। गंदगी और खुले पानी में मच्छर पनपते हैं। जिस कारण मच्छर जनित रोग फैलते हैं जैसे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड। इनसे बचने के लिए स्वच्छता बहुत आवश्यक है।
सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए
सार्वजनिक जगह जैसे कि बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन, स्कूल, अस्पताल, बाजार और पर्यटन स्थल आदि साफ रखने से लोगों की सुरक्षा बढ़ती है। कचरा और गंदगी रोगों और आपदा का कारण बन सकते हैं। स्वच्छता अभियान से ये स्थान स्वस्थ और सुरक्षित रहते हैं।
संक्रमण और रोगों से बचने के उपाय: स्वच्छता की भूमिक
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा के लिए
साफ-सुथरे गांव और सुंदर शहर पर्यटन को आकर्षित करते हैं। जब पर्यटक आते हैं तो स्थानीय व्यवसाय और रोजगार बढ़ता है। जिस कारण न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है बल्कि देश की छवि भी दुनियां में बेहतर बनती है।
खुले में शौच से मुक्ति के लिए
खुले में शौच से गंदगी बढ़ती जिस वजह से बीमारियाँ फैलती हैं।
स्वच्छता से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ती है और इसीलिए स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण और उपयोग के लिए जोर दिया जाता है। अस्वच्छता से अनेकों घातक बीमारियाँ जन्म ले लेती हैं। जैसे टायफाइड, दस्त और हैजा। स्वच्छता अभियान इस तरह की बीमारियों को रोकने और जीवन सुरक्षा करने में मदद करता है।
बच्चों की शिक्षा को सुरक्षित रखने के लिए
अस्वच्छ वातावरण होने से बच्चे बीमार हो जाते हैं जिस कारण स्कूल से छुट्टी लेना पड़ती है। स्वच्छ वातावरण में बच्चे स्वस्थ रहते हैं। स्वच्छता अभियान बच्चों की पढ़ाई को रुकने से बचाता है। यदि बचपन में ही बच्चों को स्वच्छता की आदतें डाली जाएँ तो वह जीवनभर अपनाते हैं। ऐसे साफ और स्वच्छ वातावरण में रहने वाले बच्चे ही भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
स्वच्छता: केवल सफाई नहीं, संस्कार
स्वच्छता को अक्सर लोग सिर्फ झाड़ू लगाने या कचरा हटाने तक सीमित समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह हमारे जीवन का संस्कार है। जिस समाज में स्वच्छता को आदत बना लिया जाता है, वहाँ अनुशासन, सम्मान और सभ्यता स्वतः विकसित होती है। जब लोग दीवारों पर नहीं लिखते, सड़कों पर थूकना बंद करते हैं, और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालते हैं, तो यह केवल सफाई नहीं बल्कि नागरिक चरित्र का परिचय होता है। स्वच्छता अभियान ने लोगों को यह सिखाया है कि देश को साफ रखना सरकार का नहीं, हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए
गंदगी केवल बीमारी नहीं फैलाती, यह इंसान की गरिमा को भी प्रभावित करती है। खुले नाले, कूड़े के ढेर और गंदे सार्वजनिक शौचालय गरीब और ग्रामीण लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाते हैं। स्वच्छता अभियान ने शौचालय निर्माण, स्वच्छ पेयजल और साफ सार्वजनिक स्थानों के माध्यम से लोगों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। खासकर महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों प्रदान करता है। जब समाज साफ होता है, तो लोग भी अधिक आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीते हैं।
हमारी आत्मा निर्मल कैसे होगी?
जिस प्रकार बाहरी स्वच्छता हमारे शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाती है, उसी प्रकार आंतरिक स्वच्छता हमारी आत्मा को पवित्र बनाती है। मन के विकारों जैसे लोभ, क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और भ्रम को दूर करने के लिए तत्वदर्शी संत के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, जो पूर्ण परमात्मा के वास्तविक ज्ञान से परिचित कराते हैं। उनके दिव्य वचनों को सुनने मात्र से व्यक्ति के भीतर शांति, सदाचार और सद्बुद्धि का संचार होता है। ऐसे संत केवल कर्मकांड नहीं सिखाते, बल्कि मोक्ष की सच्ची राह दिखाते हैं। वर्तमान समय में इस तत्वज्ञान को सरल, वैज्ञानिक और प्रमाणिक रूप में समझाने वाले तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं। उनके प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन आप Sant Rampal Ji Maharaj आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सुन सकते हैं।

