दिल्ली सरकार ने केंद्र की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना को बढ़ावा देने के लिए राजधानी में जल्द PM एकता मॉल (Unity Mall) बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मॉल पीतमपुरा, INA या मजनू का टीला जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में से किसी एक स्थान पर विकसित किया जा सकता है।
केंद्र सरकार के लगभग 5,000 करोड़ रुपये के विजन के तहत बनने वाला यह मॉल स्वदेशी हस्तशिल्प, हथकरघा और GI-टैग उत्पादों को एक ही जगह प्रदर्शित और बेचने का बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।
2023-24 के केंद्रीय बजट में घोषित इस पहल का उद्देश्य देश के हर जिले और राज्य के स्थानीय व पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। प्रस्तावित मॉल में ODOP वस्तुओं और विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के विशेष उत्पादों के लिए अलग-अलग समर्पित स्पेस होंगे।
PM Ekta मॉल से जुड़े मुख्य बिंदु :
- दिल्ली में जल्द PM एकता मॉल (Unity Mall) बनाने की तैयारी शुरू।
- मॉल में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग-अलग स्पेस होंगे।
- यहां ODOP और GI-टैग उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शनी होगी।
- परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं।
- मॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, फूड कोर्ट और मनोरंजन सुविधाएं भी होंगी।
- यह पहल स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्योगों और पारंपरिक व्यवसायों को बड़ा बाजार देगी।
PM एकता मॉल, डिज़ाइन और स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू
इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) ने मॉल के आर्किटेक्चरल डिजाइन और विस्तृत रूपरेखा तैयार करने हेतु एक अनुभवी सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियुक्त किया जाने वाला सलाहकार मॉल की संरचना, सुविधाओं, उपयोगिता और समग्र विकास योजना पर काम करेगा।
सरकार की मंशा है कि यह मॉल केवल खरीदारी का केंद्र न होकर ऐसा मंच बने, जहां भारत की पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विविधता एक साथ देखने को मिले।
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल PM एकता मॉल के लिए राजधानी में उपयुक्त स्थान की पहचान की जा रही है। इसके लिए दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों पर विचार किया जा रहा है। संभावित स्थलों में INA मार्केट, मजनू का टीला और पीतमपुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार ऐसे स्थान का चयन करना चाहती है, जहां लोगों की आवाजाही अधिक हो और जो पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षक हो। इससे मॉल में अधिक संख्या में पर्यटक और खरीदार पहुंच सकेंगे, जिससे देशभर के स्थानीय उत्पादों और उनसे जुड़े कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा।

पीएम एकता मॉल: व्यापार, संस्कृति और पर्यटन का नया केंद्र
भारत में प्रस्तावित पीएम एकता मॉल को एक बड़े और व्यापक स्वरूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मॉल में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व देने के लिए कुल 36 अलग-अलग स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रत्येक क्षेत्र की खास पहचान को दर्शाने वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे।
देशभर के खास उत्पाद एक ही जगह
इस मॉल में GI-टैग वाले उत्पाद, ODOP (One District One Product) योजना के अंतर्गत आने वाले सामान और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक हस्तशिल्प वस्तुएं बिक्री के लिए रखी जाएंगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा मंच मिलेगा, साथ ही कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये तक खर्च कर सकती है। प्रस्ताव के अनुसार, इस मॉल को लगभग 1,200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा, ताकि यहां व्यापार के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो।
सिर्फ मॉल नहीं, बनेगा सांस्कृतिक केंद्र
पीएम एकता मॉल को केवल एक व्यावसायिक परिसर के रूप में नहीं, बल्कि बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां, सम्मेलन और अन्य आयोजन आयोजित किए जाएंगे, जिससे देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच मिलेगा।
खरीदारी के साथ मनोरंजन भी
आगंतुकों की सुविधा के लिए मॉल में फूड कोर्ट और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यह स्थान केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का आकर्षक केंद्र बन सकता है।
देशभर में पीएम एकता मॉल बनाने की बड़ी योजना
केंद्र सरकार देश के अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को एक मंच पर लाने के लिए पीएम एकता मॉल (Unity Mall) स्थापित करने की व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य भारत की विविधता को एक ही स्थान पर प्रस्तुत करना और स्थानीय कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है।
27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिल चुकी है मंजूरी
इस योजना के तहत अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की जा चुकी है। सरकार चाहती है कि देश के हर हिस्से में ऐसा केंद्र विकसित हो, जहां अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषता को दर्शाने वाले उत्पाद लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।
5,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2023–24 में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में यूनिटी मॉल विकसित करने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया था। यह राशि मॉल के निर्माण, बुनियादी सुविधाओं और आवश्यक ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प वस्तुओं और पारंपरिक कलाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। इससे न केवल कारीगरों और छोटे व्यापारियों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘विविधता में एकता’ की भावना को दर्शाएगा पीएम एकता मॉल
प्रस्तावित पीएम एकता मॉल को भारत की “विविधता में एकता” की भावना का प्रतीक माना जा रहा है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति, खानपान, परंपराएं और स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर देखने को मिलेंगे। इससे लोग भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकेंगे।
स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को मिलेगा बड़ा मंच
यह पहल ODOP (One District One Product) योजना को और मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और पारंपरिक व्यवसायों को नई पहचान मिलेगी और उनके उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
दिल्ली के लिए बनेगा नया आकर्षण
ऐसे में राजधानी दिल्ली में बनने वाला यह प्रस्तावित मॉल न केवल पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक नया आकर्षण बनेगा, बल्कि देशभर के स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हो सकता है। यह पहल भारत की सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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PM एकता मॉल से एक जुड़े मुख्य FAQs
1. PM एकता मॉल क्या है?
यह एक ऐसा मॉल होगा जहां देशभर के ODOP और GI-टैग उत्पाद एक ही जगह प्रदर्शित और बेचे जाएंगे।
2. PM एकता मॉल कहां बनाया जाएगा?
इसे दिल्ली में INA मार्केट, मजनू का टीला या पीतमपुरा जैसे प्रमुख स्थानों में से किसी एक जगह पर बनाया जा सकता है।
3. इस मॉल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
देश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना।
4. इस परियोजना की लागत कितनी हो सकती है?
दिल्ली में बनने वाले मॉल पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
5. मॉल में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
यहां खरीदारी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां, फूड कोर्ट और मनोरंजन सुविधाएं भी होंगी।

