प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में अहम अपडेट सामने आया है। झारखंड के कोडरमा में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास प्लस-2024 सर्वे के बाद तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची सार्वजनिक की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर हो चुके हैं और एक करोड़ से ज्यादा पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
- कोडरमा में पीएम आवास की स्थायी प्रतीक्षा सूची होगी सार्वजनिक
- पीएमएवाई-यू 2.0 पहले से लागू, एक करोड़ अतिरिक्त परिवार लक्ष्य
- किसे मिल सकता है पीएमएवाई-यू 2.0 का लाभ
- अगस्त 2026 तक 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर
- महिलाओं के नाम पर मकान को प्राथमिकता
- किफायती किराये के मकान भी योजना का हिस्सा
- जून में 2.13 लाख से ज्यादा नए मकानों को मंजूरी
- राजस्थान में भी योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया
- अब ग्रामीण और शहरी योजना की स्थिति अलग-अलग
- आगे की प्रक्रिया में लाभार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण
- सेवा और ज्ञान से मानव कल्याण
- FAQs on प्रधानमंत्री आवास योजना
कोडरमा में पीएम आवास की स्थायी प्रतीक्षा सूची होगी सार्वजनिक
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास प्लस-2024 सर्वेक्षण के बाद ग्राम सभा से अनुमोदित लाभार्थियों की स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार की गई है। अंतिम अनुमोदन से पहले इस सूची को जिले के सभी प्रखंड और पंचायत कार्यालयों में सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि लाभार्थी और आम नागरिक इसका अवलोकन कर सकें।
ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सूची 10 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक संबंधित प्रखंड और पंचायत कार्यालयों में उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में सूची में दर्ज नाम, पात्रता या अन्य तथ्यों को लेकर दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।
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दावा या आपत्ति संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के पास जमा की जा सकती है। इसके अलावा इसे उप विकास आयुक्त, कोडरमा के कार्यालय स्थित जिला ग्रामीण विकास शाखा में कार्यालय अवधि के दौरान जमा किया जा सकता है। प्रशासन ने लाभुकों और आम नागरिकों से प्रकाशित सूची को देखने और किसी त्रुटि या विसंगति की स्थिति में निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति देने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 25 सितंबर 2026 के बाद प्राप्त किसी भी दावा या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। यह प्रक्रिया पात्र लाभुकों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने और अंतिम सूची को निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित तरीके से तैयार करने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है।
पीएमएवाई-यू 2.0 पहले से लागू, एक करोड़ अतिरिक्त परिवार लक्ष्य
शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को लेकर भी महत्वपूर्ण स्थिति सामने आई है। पीएमएवाई-यू 2.0 को 1 सितंबर 2024 से देश के शहरी क्षेत्रों में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त पात्र शहरी परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करना है।
योजना के तहत शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दर पर घर बनाने, खरीदने या किराये पर लेने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 2.30 लाख करोड़ रुपये की सरकारी सहायता का प्रावधान है।
पीएमएवाई-यू 2.0 चार प्रमुख हिस्सों के जरिए लागू की जा रही है:
- लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC)
- साझेदारी में किफायती आवास (AHP)
- किफायती किराये के आवास (ARH)
- ब्याज सब्सिडी योजना (ISS)
पात्र लाभार्थी अपनी पात्रता और जरूरत के अनुसार इन चार में से संबंधित व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं।
किसे मिल सकता है पीएमएवाई-यू 2.0 का लाभ
योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के पात्र शहरी परिवार शामिल हैं।
महत्वपूर्ण पात्रता शर्त यह है कि परिवार के पास देश में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
सरकारी जानकारी के अनुसार पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये के लिए सहायता दी जा सकती है। योजना के तहत सरकार की ओर से सहायता भी निर्धारित की गई है।
अगस्त 2026 तक 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार 9 अगस्त 2026 तक पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर हो चुके थे। इनमें से एक करोड़ से ज्यादा मकान पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके थे।
इसी दौरान पीएमएवाई-यू 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति (CSMC) की आठवीं बैठक 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में हुई। इस बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और अतिरिक्त आवास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2.09 लाख मकान भी मंजूर किए गए।
पीएमएवाई-यू 2.0 की प्रगति
| समय | प्रमुख अपडेट |
| फरवरी 2026 | 2.87 लाख से ज्यादा नए मकान मंजूर; कुल स्वीकृति 13.61 लाख से ज्यादा |
| जून 2026 | 2.13 लाख से ज्यादा अतिरिक्त मकान मंजूर; कुल स्वीकृति 16.13 लाख से ज्यादा |
| अगस्त 2026 | PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर |
| अगस्त 2026 | 1 करोड़ से ज्यादा मकान पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे गए |
फरवरी 2026 की छठी CSMC बैठक में 2,87,618 मकानों को मंजूरी मिली थी, जिसके बाद पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत मकानों की संख्या 13.61 लाख से ज्यादा हुई।
जून 2026 में सातवीं CSMC बैठक के दौरान 2.13 लाख से ज्यादा अतिरिक्त मकानों को मंजूरी दी गई। इससे पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत मकानों की संख्या 16.13 लाख से ज्यादा हो गई थी।
महिलाओं के नाम पर मकान को प्राथमिकता
पीएमएवाई-यू 2.0 में महिलाओं के आवासीय अधिकार और स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अगस्त 2026 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मंजूर 1.25 करोड़ से ज्यादा मकानों में से एक करोड़ मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
जून 2026 में पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत 2.13 लाख से ज्यादा मकानों में से करीब 2.05 लाख मकान महिलाओं को आवंटित किए गए थे। इनमें विधवा, अलग रह रही या अविवाहित महिलाओं को भी शामिल किया गया था।
किफायती किराये के मकान भी योजना का हिस्सा
पीएमएवाई-यू 2.0 में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग (ARH) को अलग vertical के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे शहरी परिवारों और लोगों की जरूरत पूरी करना है, जिन्हें खरीदने के बजाय किफायती किराये के आवास की जरूरत है। इनमें शहरी प्रवासी, बेघर लोग, औद्योगिक श्रमिक, निर्माण श्रमिक और कामकाजी महिलाएं जैसे वर्ग शामिल हैं।
किफायती किराये के आवास की व्यवस्था के तहत पहले से बने खाली सरकारी मकानों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा सार्वजनिक या निजी संस्थाएं अपनी उपलब्ध जमीन पर नए किराये के आवास का निर्माण, संचालन और रखरखाव कर सकती हैं।
ऐसे आवासीय परिसरों में पानी, स्वच्छता, सीवर या सेप्टेज, सड़क और अन्य जरूरी सामाजिक एवं वाणिज्यिक सुविधाओं का प्रावधान किया जाता है।
जून में 2.13 लाख से ज्यादा नए मकानों को मंजूरी
17 जून 2026 को हुई सातवीं CSMC बैठक में पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2.13 लाख से ज्यादा मकानों को मंजूरी दी गई। इनमें 1.89 लाख मकान लाभार्थी आधारित निर्माण और 23,602 मकान साझेदारी में किफायती आवास के तहत मंजूर हुए।
उस समय 16.13 लाख स्वीकृत मकानों में 12.99 लाख BLC, 1.81 लाख AHP, 1.20 लाख ब्याज सब्सिडी योजना और 12,846 मकान किफायती किराये के आवास के तहत थे।
राजस्थान में भी योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया
राजस्थान में पीएमएवाई-यू 2.0 के लिए राज्य स्तर पर बजटीय प्रावधान मौजूद हैं। राजस्थान सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेज में पीएमएवाई-यू 2.0 के लिए राज्य और केंद्रीय सहायता सहित प्रावधान दर्ज किया गया है। जून 2026 की केंद्रीय स्वीकृति में राजस्थान भी उन राज्यों में शामिल था, जहां पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मकान मंजूर किए गए।
लाभार्थियों के लिए पात्रता की जांच महत्वपूर्ण है। परिवार के पास पहले से पक्का मकान है या नहीं, आय वर्ग और संबंधित शहरी स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार पात्रता देखी जाती है। आवेदन और सर्वे की प्रक्रिया स्थानीय निकाय तथा योजना के आधिकारिक माध्यमों से आगे बढ़ाई जा सकती है।
अब ग्रामीण और शहरी योजना की स्थिति अलग-अलग
पीएम आवास योजना से जुड़े मौजूदा अपडेट में ग्रामीण और शहरी हिस्से की स्थिति अलग है। कोडरमा में पीएमएवाई-जी की आवास प्लस-2024 आधारित स्थायी प्रतीक्षा सूची को अंतिम मंजूरी से पहले सार्वजनिक किया जा रहा है, जहां 25 सितंबर तक दावा-आपत्ति का अवसर है। दूसरी ओर, पीएमएवाई-यू 2.0 पहले से लागू है और अगस्त 2026 तक शहरी क्षेत्र में 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर होने का सरकारी आंकड़ा सामने आया है।
आगे की प्रक्रिया में लाभार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण
कोडरमा में लाभार्थियों और आम नागरिकों के लिए 10 से 25 सितंबर 2026 तक प्रकाशित सूची की जांच करना जरूरी है। किसी नाम, पात्रता, त्रुटि या अन्य तथ्य पर आपत्ति होने पर निर्धारित अवधि में संबंधित अधिकारी के पास दावा-आपत्ति जमा करनी होगी। शहरी योजना में पात्र परिवारों के लिए चार अलग-अलग वर्टिकल के माध्यम से आवास संबंधी सहायता का प्रावधान है।
सेवा और ज्ञान से मानव कल्याण
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की सरकारी पहल के बीच संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम भी जरूरतमंदों की बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़ी एक अलग सेवा पहल के रूप में सामने आती है। मुहिम के तहत भोजन, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यकताओं में सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित बताई गई अन्नपूर्णा मुहिम की आधिकारिक सामग्री मानव सेवा को आध्यात्मिक ज्ञान और परोपकार की भावना से जोड़ती है। इसका मूल उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन और आश्रय जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के लिए सहायता उपलब्ध कराना बताया गया है।
इस मुहिम के तहत संत रामपाल जी महाराज के द्वारा लाभार्थी परिवार को उनके काबिल होने तक लाभ दिया जाता है। यह आम समाज में मानवता स्थापित करने की एक अनोखी पहल है।
अधिक जानकारी के लिए अन्नपूर्णा मुहिम यूट्यूब चैनल विजिट करें।
FAQs on प्रधानमंत्री आवास योजना
1. पीएम आवास योजना-ग्रामीण की कोडरमा सूची कब सार्वजनिक होगी?
आवास प्लस-2024 के बाद तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची 10 से 25 सितंबर 2026 तक सार्वजनिक रहेगी।
2. कोडरमा में दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख क्या है?
दावा-आपत्ति 25 सितंबर 2026 तक संबंधित बीडीओ या जिला ग्रामीण विकास शाखा में जमा की जा सकती है।
3. PMAY-U 2.0 कब लागू हुई?
पीएमएवाई-यू 2.0 को 1 सितंबर 2024 से देश के शहरी क्षेत्रों में लागू किया गया है।
4. PMAY-U 2.0 में कितने मकानों का लक्ष्य है?
योजना का लक्ष्य पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त पात्र शहरी परिवारों की आवास जरूरत पूरी करना है।
5. अगस्त 2026 तक PMAY-U के तहत कितने मकान मंजूर हुए?
PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान मंजूर हुए थे।

