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Home » दिल्ली-एनसीआर में हवा हुई ‘ज़हरीली’, लागू हुआ GRAP-1; जानें क्या खुला रहेगा और किन चीज़ों पर लगी पूरी पाबंदी?

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दिल्ली-एनसीआर में हवा हुई ‘ज़हरीली’, लागू हुआ GRAP-1; जानें क्या खुला रहेगा और किन चीज़ों पर लगी पूरी पाबंदी?

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Last updated: May 24, 2026 12:02 pm
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दिल्ली-एनसीआर में GRAP 1 लागू: जानें नए नियम और पाबंदियां
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मई की रिकॉर्डतोड़ गर्मी और भीषण लू के बीच धूल भरी तेज़ हवाओं के कारण दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है, जिसके चलते CAQM ने तत्काल प्रभाव से GRAP-1 लागू कर दिया है। इस समर पॉल्यूशन को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं; अब होटलों-ढाबों में कोयले या लकड़ी के तंदूरों, पटाखों और खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह बैन रहेगा। 

इसके अलावा, 10 साल पुराने डीज़ल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलाने पर रोक है। हालांकि, इस कड़कती धूप में आम जनता को राहत देते हुए निर्माण कार्यों को एंटी-स्मोग गन व पानी के छिड़काव जैसी शर्तों के साथ अनुमति दी गई है, जबकि अस्पतालों के लिए डीजल जनरेटर और सीएनजी/पीएनजी आधारित उद्योग सुचारू रूप से चलते रहेंगे।

दिल्ली एनसीआर में GRAP 1 से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और धूल के कारण AQI खराब होते ही GRAP-1 लागू।
  • सभी होटलों और ढाबों में कोयले या लकड़ी वाले तंदूरों पर पूरी रोक।
  • सड़कों पर 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित।
  • खुले में कूड़ा-कचरा, सूखी पत्तियां या प्लास्टिक जलाने पर सख्त पाबंदी।
  • निर्माण कार्यों को एंटी-स्मोग गन और पानी छिड़काव की शर्तों के साथ अनुमति।
  • सीएनजी, पीएनजी और बिजली पर चलने वाले उद्योग सामान्य रूप से चालू रहेंगे।
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और गाड़ियां ज़ब्त की जाएंगी।

GRAP क्या है और यह कब लागू होता है?

ग्रैडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने का एक चरणबद्ध सरकारी तंत्र है। इसे हवा की गंभीरता (AQI) के आधार पर चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है।

  • स्टेज 1 (Stage I):- 201 से 300 (खराब) 
  • स्टेज 2 (Stage II):- 301 से 400 (बेहद खराब)
  • स्टेज 3 (Stage III):- 401 से 450 (गंभीर)
  • स्टेज 4 (Stage IV):- 450 से अधिक (अति गंभीर)

मई के इस महीने में तेज़ हवाओं के साथ उड़ने वाली धूल और रिकॉर्ड तोड़ तापमान (जो पिछले दो सालों में सबसे अधिक दर्ज किया गया है) की वजह से दिल्ली का औसत AQI 208 तक पहुंच गया है। पर्यावरण को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए निवारक उपाय के रूप में CAQM को तुरंत पहला चरण यानी GRAP 1 सक्रिय करना पड़ा है।

यह भी पढ़ें: वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य: समस्या, प्रभाव, और समाधान

किन चीज़ों पर लगी पूरी पाबंदी? 

GRAP-1 का प्राथमिक उद्देश्य हवा में मौजूद हानिकारक कणों (PM 2.5 और PM 10) के स्रोतों को शुरुआत में ही ब्लॉक करना है, ताकि समर पॉल्यूशन को स्टेज-2 में जाने से रोका जा सके। इसके तहत निम्नलिखित गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित (Ban) कर दिया गया है:

कोयले और लकड़ी के तंदूर पर रोक:

दिल्ली-एनसीआर के सभी छोटे-बड़े होटलों, रेस्तरां, शादियों के वेन्यू और सड़क किनारे चलने वाले ओपन ईटरीज या ढाबों में कोयले (Coal) या जलाऊ लकड़ी (Firewood) से चलने वाले पारंपरिक तंदूरों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। हवा में कार्बन और धुएं के उत्सर्जन को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

पुराने और अनफिट वाहनों के संचालन पर बैन:

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों के तहत, एनसीआर की सड़कों पर 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक है। यदि ऐसे वाहन चलते हुए पाए जाते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग उन्हें सीधे ज़ब्त (Impound) कर लेगा। इसके अलावा, बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के घूमने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।

खुले में कूड़ा-कचरा और बायोमास जलाना वर्जित:

भीषण गर्मी में आग लगने की घटनाओं और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए खुले में किसी भी प्रकार का म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (MSW), सूखी पत्तियां, प्लास्टिक या रबर जलाना कानूनन अपराध है। स्थानीय नगर निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लैंडफिल साइट्स (कूड़े के ढेरों) पर कड़ी निगरानी रखें ताकि आग लगने की घटनाओं को तुरंत रोका जा सके।

पटाखों के उपयोग और भंडारण पर पाबंदी:

बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और उन्हें फोड़ने पर पूरी तरह से पाबंदी लागू रहेगी। किसी भी सामाजिक या राजनैतिक आयोजनों के दौरान आतिशबाजी करने की अनुमति नहीं होगी।

क्या खुला रहेगा और किसे मिली है अनुमति? 

चूंकि यह शुरुआती चरण है, इसलिए सरकार इस कड़कती धूप और गर्मी के मौसम में व्यापारिक पहियों को पूरी तरह ठप नहीं करना चाहती। कुछ खास गाइडलाइंस और सख्त शर्तों के साथ निम्नलिखित कार्यों को चालू रखने की अनुमति दी गई है:

निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) के कार्य रहेंगे जारी:

  • शर्तों के साथ अनुमति: बड़े पैमाने पर निर्माण या तोड़फोड़ की गतिविधियों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन उड़ती धूल को दबाने के लिए कड़े नियम लागू हैं।
  • वेब पोर्टल रजिस्ट्रेशन: जिन कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स का प्लॉट एरिया 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक है, उनका डस्ट कंट्रोल वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।
  • धूल नियंत्रण उपाय: इस सूखी गर्मी में धूल उड़ने से रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट्स को तिरपाल से कवर करना, एंटी-स्मोग गन (Anti-Smog Guns) चलाना और लगातार पानी का भारी छिड़काव करना अनिवार्य है।

स्वच्छ ईंधन वाले उद्योग और कमर्शियल किचन

वे सभी फैक्ट्रियां और औद्योगिक इकाइयां सामान्य रूप से काम कर सकेंगी जो सरकार द्वारा स्वीकृत स्वच्छ ईंधन (जैसे सीएनजी, पीएनजी, या बिजली) पर आधारित हैं। इसी तरह, जो होटल या ढाबे एलपीजी (LPG) या इलेक्ट्रिक ओवन/तंदूर का उपयोग करते हैं, वे बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय चला सकते हैं।

प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कड़े कदम

ग्रैप का पहला चरण प्रभावी होते ही स्थानीय निकायों, लोक निर्माण विभाग (PWD) और ट्रैफिक पुलिस को ज़मीन पर उतरकर काम करने के आदेश दिए गए हैं:

मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग: मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की आवाजाही से सूखी धूल न उड़े, इसके लिए सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई (वैक्यूम क्लीनिंग) तेज़ कर दी गई है।

सड़कों पर पानी का छिड़काव: अत्यधिक ट्रैफिक वाले चौराहों पर पानी का भारी छिड़काव किया जा रहा है ताकि हवा में तैरते धूल के कण ज़मीन पर बैठ जाएं।

नॉन-डेस्टिंड ट्रकों का डायवर्जन: ऐसे कमर्शियल भारी वाहन या ट्रक, जिन्हें दिल्ली के अंदर माल सप्लाई नहीं करना है, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ डाइवर्ट किया जा रहा है ताकि सीमाओं पर जाम और प्रदूषण न बढ़े।

नागरिक चार्टर: आम जनता की क्या है ज़िम्मेदारी?

इस दोहरी मार (भीषण गर्मी और बढ़ता प्रदूषण) से निपटने के लिए आम नागरिकों की भूमिका भी बेहद अहम है। ग्रैप-1 के तहत नागरिकों से निम्नलिखित नियमों का पालन करने की अपील की गई है:

वाहनों का इंजन बंद करें: किसी भी रेड लाइट या ट्रैफिक जाम में फंसने पर अपनी गाड़ी का एसी चालू रखने के बावजूद इंजन को अनावश्यक रूप से रीस्टार्ट करने से बचें या लंबे जाम में इंजन बंद (Red Light On, Gaadi Off) कर दें।

PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखें: सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना वैध पीयूसी (PUC) वाली गाड़ियों को ईंधन (पेट्रोल/डीजल) नहीं दिया जाएगा, इसलिए अपना सर्टिफिकेट हमेशा अपडेट रखें।

गंदगी की शिकायत करें: यदि आप अपने आसपास कहीं भी खुले में कचरा जलते हुए या कंस्ट्रक्शन साइट पर भारी धूल उड़ते हुए देखें, तो Green Delhi App, Sameer App या 311 App पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।

वैचारिक शुद्धि और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मार्ग

दिल्ली-एनसीआर में लागू हुआ GRAP-1 इस बात का साफ संकेत है कि आज इंसान और प्रकृति दोनों ही गहरे संकट में हैं। हवा में घुलता यह ज़हर, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और मानवीय लापरवाही इस बात का प्रमाण हैं कि अब हमें केवल कागज़ी पाबंदियों की नहीं, बल्कि धरातल पर बड़े और व्यावहारिक कदमों की ज़रूरत है। इस वैश्विक संकट के बीच, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का तत्वज्ञान और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानव जाति के लिए एक नई राह दिखाती हैं। वे न केवल समाज सुधार बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी बेहद सजग हैं, जिसका सबसे बड़ा और अनूठा उदाहरण धरातल पर देखने को मिलता है।

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देशन में वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उनके शिष्यों ने शहर में 51 लाख से अधिक पौधे लगाकर वृक्षारोपण किया और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज कराया। यह ऐतिहासिक कदम दिखाता है कि यदि समाज को सही आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिले, तो प्रकृति का संतुलन फिर से बहाल किया जा सकता है। जहां दिल्ली आज हरियाली और शुद्ध हवा के लिए तरस रही है, वहीं महाराज जी की प्रेरणा से करोड़ों लोग पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने में जुटे हैं। इस कल्याणकारी तत्वज्ञान को गहराई से समझने और अपने जीवन को सुखी व निरोगी बनाने के लिए आज ही Google Play Store से ‘Sant Rampal Ji Maharaj App’ डाउनलोड करें।

दिल्ली-एनसीआर में GRAP 1 से संबंधित FAQs

Q1: दिल्ली-एनसीआर में GRAP-1 कब लागू होता है?

A: जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 201 से 300 (खराब श्रेणी) के बीच पहुंचता है।

Q2: क्या GRAP-1 में निर्माण कार्यों पर पूरी रोक होती है?

A: नहीं, निर्माण कार्य एंटी-स्मोग गन और पानी छिड़काव जैसी धूल नियंत्रण शर्तों के साथ जारी रह सकते हैं।

Q3: क्या होटलों-ढाबों में तंदूरी आइटम मिलने बंद हो जाएंगे?

A: नहीं, केवल कोयले-लकड़ी के तंदूर बैन हैं; एलपीजी या इलेक्ट्रिक तंदूर का उपयोग किया जा सकता है।

Q4: GRAP-1 लागू होने पर किन गाड़ियों पर पाबंदी होती है?

A: सड़कों पर 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर रोक रहती है।

Q5: क्या आध्यात्मिक ज्ञान (तत्वज्ञान) से प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्या का समाधान संभव है?

A: हाँ, तत्वज्ञान मनुष्य के भीतर के वैचारिक प्रदूषण और लालच को मिटाकर उसे प्रकृति व जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील बनाता है।

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