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Home » दिल्ली शराब नीति केस में बड़ा फैसला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी, CBI ने तुरंत हाईकोर्ट में दी चुनौती

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दिल्ली शराब नीति केस में बड़ा फैसला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी, CBI ने तुरंत हाईकोर्ट में दी चुनौती

SA News
Last updated: February 28, 2026 3:23 pm
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दिल्ली शराब नीति केस में बड़ा फैसला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी
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नई दिल्ली। राजधानी की चर्चित आबकारी नीति (Delhi Excise Policy) से जुड़े कथित शराब घोटाला मामले में बड़ा न्यायिक मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को CBI केस में बरी कर दिया है। विशेष CBI जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और प्रस्तुत सामग्री ठोस साक्ष्यों के बजाय अनुमानों पर आधारित थी।

Contents
  • दिल्ली शराब नीति केस पर फैसला: मुख्य बिंदु
    • कोर्ट का बड़ा फैसला: CBI के पास नहीं थे ठोस सबूत, सभी 23 आरोपियों को राहत
  • दिल्ली हाईकोर्ट में CBI की अपील, ट्रायल कोर्ट के निर्णय पर उठाए गंभीर सवाल
  • केजरीवाल की प्रतिक्रिया: “सत्य की जीत हुई”
  • सिसोदिया का बयान: “संविधान पर गर्व”
  • राजनीतिक असर: राष्ट्रीय स्तर पर गूंज
  • Delhi Liquor Policy Case: अब हाईकोर्ट पर टिकी निगाहें, CBI की अपील से क्या बदलेगा फैसला?
  • दिल्ली शराब नीति केस में नया मोड़: निचली अदालत का फैसला, अब हाईकोर्ट में होगी निर्णायक सुनवाई
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फैसले के कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इसे चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर कर दी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

दिल्ली शराब नीति केस पर फैसला: मुख्य बिंदु

  1. अदालत का सख्त रुख: CBI की चार्जशीट पर उठे सवाल, आरोप तय करने से इनकार
  2. फैसले के 6 घंटे भीतर CBI पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, आदेश निरस्त करने की मांग
  3. कोर्ट से राहत के बाद भावुक हुए अरविंद केजरीवाल, बोले – “सत्य की हुई जीत”
  4. फैसले के बाद सिसोदिया की प्रतिक्रिया: संविधान और न्यायपालिका पर जताया भरोसा
  5. दिल्ली शराब नीति केस का राष्ट्रीय असर: फैसले के बाद तेज हुई सियासी बहस
  6. दिल्ली शराब नीति केस: CBI की अपील पर हाईकोर्ट का अगला कदम तय करेगा आरोपियों की किस्मत
  7. दिल्ली शराब नीति केस: आरोपियों को राहत, अब हाईकोर्ट तय करेगा आगे की दिशा

कोर्ट का बड़ा फैसला: CBI के पास नहीं थे ठोस सबूत, सभी 23 आरोपियों को राहत

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि CBI द्वारा पेश की गई कथित साजिश की थ्योरी पर्याप्त प्रमाणों से समर्थित नहीं है। अदालत के अनुसार, आरोप तय करने के लिए जरूरी प्रथम दृष्टया साक्ष्य भी पर्याप्त रूप से स्थापित नहीं किए जा सके।

CBI ने इस मामले में कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार करते हुए उन्हें बरी कर दिया। अदालत का यह निर्णय राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला जांच एजेंसियों की जवाबदेही और अभियोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करता है।

दिल्ली हाईकोर्ट में CBI की अपील, ट्रायल कोर्ट के निर्णय पर उठाए गंभीर सवाल

फैसले के करीब छह घंटे के भीतर CBI ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया या पर्याप्त महत्व नहीं दिया।

दिल्ली शराब नीति केस: दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और विजय नायर को सभी आरोपों से बरी किया#ArvindKejriwal | #ManishSisodia | @tabishh_husain | @AshwineSingh pic.twitter.com/uq5ptCu9hW

— NDTV India (@ndtvindia) February 27, 2026

CBI ने अपनी अपील में कहा है कि अदालत ने साक्ष्यों की व्याख्या में त्रुटि की है और आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए। अब इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति हाईकोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगी।

केजरीवाल की प्रतिक्रिया: “सत्य की जीत हुई”

फैसले के बाद कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है और आज अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार थे।

उन्होंने भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि न्यायपालिका ने निष्पक्ष निर्णय दिया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने उनकी पार्टी को खत्म करने के उद्देश्य से झूठे केस दर्ज किए।

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उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, प्रदूषण और बुनियादी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई झूठे मुकदमों से नहीं, बल्कि विकास कार्यों से लड़ी जानी चाहिए।

सिसोदिया का बयान: “संविधान पर गर्व”

मनीष सिसोदिया ने फैसले को भारतीय संविधान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार फिर संविधान निर्माता बी.आर. अम्बेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक ढांचे पर गर्व है।

सिसोदिया ने कहा कि सत्य अंततः विजयी होता है और न्यायपालिका ने इस सिद्धांत को कायम रखा है।

राजनीतिक असर: राष्ट्रीय स्तर पर गूंज

दिल्ली शराब नीति केस पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा रहा है। विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच इसे लेकर तीखी बयानबाजी होती रही है।

इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे अपनी नैतिक जीत बताया है, जबकि CBI की अपील के चलते मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।

Delhi Liquor Policy Case: अब हाईकोर्ट पर टिकी निगाहें, CBI की अपील से क्या बदलेगा फैसला?

अब सभी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हैं। यदि हाईकोर्ट CBI की अपील स्वीकार करता है, तो मामले में फिर से सुनवाई हो सकती है। यदि अपील खारिज होती है, तो यह आरोपियों के लिए बड़ी कानूनी राहत साबित होगी।

कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में हाईकोर्ट पहले यह तय करेगा कि निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं।

दिल्ली शराब नीति केस में नया मोड़: निचली अदालत का फैसला, अब हाईकोर्ट में होगी निर्णायक सुनवाई

दिल्ली शराब नीति केस में आया यह फैसला भारतीय राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय है। निचली अदालत ने आरोपियों को राहत दी है, लेकिन CBI की अपील के बाद कानूनी लड़ाई अभी जारी रहेगी।

फिलहाल, यह मामला न्यायपालिका की भूमिका, जांच एजेंसियों की जवाबदेही और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच संतुलन की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट का रुख इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेगा।

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