असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि एक से अधिक विवाह करने वाले पुरुषों को राज्य सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस विषय पर सख्त नीति अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
मुख्य बिंदु
1. असम सरकार का बड़ा फैसला! बहुविवाह पर सख्ती, सरकारी लाभ पर भी असर
2. बजट में बड़ा प्रावधान, बहुविवाह करने वालों पर कसेगा शिकंजा
3. सरकारी योजनाओं के नियम बदलने की तैयारी, बहुविवाह पर होगी सख्त कार्रवाई
4. असम बजट में बड़ा बदलाव, सरकारी नौकरी और योजनाओं पर नए नियमों की तैयारी
बहुविवाह करने वालों को सरकारी योजनाओं से बाहर रखने का प्रस्ताव
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने अपना पहला बजट पेश करते हुए कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से सामाजिक समावेश, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक से अधिक विवाह करने वाले पुरुषों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के योग्य नहीं माना जाएगा।
बजट में नियम बदलने का प्रस्ताव, बहुविवाह और दोषसिद्धि पर होगी सख्ती
बजट में ‘असम सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1964’ में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत कानून के अनुसार एक से अधिक विवाह का दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारी के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उनका प्रस्ताव है कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया
बजट में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव
वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि नियमित बजट पेश नहीं हो पाने के कारण कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हुई थीं, जिन्हें अब अगस्त से दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने इन योजनाओं के लिए विभिन्न मदों के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित करने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने बताया कि सभी लाभार्थी आधारित योजनाओं का संचालन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर DBT स्कीम्स (DIDS) के तहत एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी शामिल होगी।
सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती, नौकरी जाने का भी प्रस्ताव
असम सरकार के बजट में असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी कानून के अनुसार बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा सकेगा। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने से भी वंचित रखने का प्रस्ताव है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनावी प्रक्रिया के कारण नियमित बजट समय पर पेश नहीं हो सका, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ था।

