ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 1 अगस्त का दिन भारत के लिए बेहद शानदार और यादगार साबित हुआ। दिन की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए लगातार पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। बॉक्सिंग से लेकर पैरा एथलेटिक्स और ट्रिपल जम्प तक भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और पदक तालिका में भारत की स्थिति को मजबूत कर दिया।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से संबंधित मुख्य बिंदु
- प्रीति पवार ने दिलाया दिन का पहला स्वर्ण
- जैसमीन लंबोडिया ने 57 किलोग्राम वर्ग में जीता गोल्ड
- पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा का दमदार प्रदर्शन
- शुभम जुयाल ने जीता रजत पदक
- सेल्वा प्रभू को मिला कांस्य
- जादूमनी सिंह को रजत से करना पड़ा संतोष
- एक ही दिन में भारत ने कितने पदक जीते?
- पदक तालिका में भारत की शानदार वापसी
- ऑस्ट्रेलिया अब भी शीर्ष पर कायम
- भारतीय महिला बॉक्सिंग ने बढ़ाया देश का गौरव
- पैरा खिलाड़ियों ने फिर दिखाया दम
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से संबंधित मुख्य बिंदु मुख्य FAQs
एक दिन पहले तक भारत शीर्ष-10 से बाहर हो गया था, लेकिन शुक्रवार को मिले लगातार पदकों ने भारतीय दल को छठे स्थान तक पहुंचा दिया। भारत के खाते में अब 8 स्वर्ण, 15 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 30 पदक हो चुके हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से संबंधित मुख्य बिंदु
- भारत ने अब तक 23 पदक जीते 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य; पदक तालिका में भारत 10वें स्थान पर है।
- जूडो में ऐतिहासिक सफलता अस्मिता डे ने भारत का पहला कॉमनवेल्थ जूडो गोल्ड जीता, जबकि हर्ष सिंह ने दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया।
- नीरज चोपड़ा ने जेवलिन में रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
- पैरा एथलेटिक्स में भारत का ऐतिहासिक 1-2 फिनिश दिलीप गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल ने रजत पदक जीता।
- मुरली श्रीशंकर ने पुरुष लॉन्ग जंप में रजत पदक जीतकर लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल हासिल किया।
- भारतीय मुक्केबाजी टीम का दबदबा सभी 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंच गए हैं, जिससे भारत के लिए कम से कम 10 पदक सुनिश्चित हो चुके हैं।
प्रीति पवार ने दिलाया दिन का पहला स्वर्ण
भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में उन्होंने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया। उनकी तेज गति, सटीक पंच और आत्मविश्वास ने उन्हें प्रतियोगिता में बढ़त दिलाई।
प्रीति की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और फाइनल मुकाबले में शानदार तकनीकी खेल का प्रदर्शन किया। उनके स्वर्ण पदक ने भारतीय दल के लिए दिन की सकारात्मक शुरुआत सुनिश्चित की।
जैसमीन लंबोडिया ने 57 किलोग्राम वर्ग में जीता गोल्ड
प्रीति की सफलता के तुरंत बाद जैसमीन लंबोडिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की खुशी को दोगुना कर दिया। जैसमीन ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वी पर लगातार दबाव बनाए रखा।
उनकी फिटनेस, रिंग में मूवमेंट और रणनीतिक मुक्केबाजी ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई। लगातार दो महिला मुक्केबाजों के स्वर्ण पदक ने यह दिखा दिया कि भारतीय महिला बॉक्सिंग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूत हो चुकी है।
पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा का दमदार प्रदर्शन
पैरा एथलेटिक्स की पुरुष शॉट पुट स्पर्धा में भारत के सोमन राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर का थ्रो किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह प्रदर्शन तकनीकी रूप से बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है।
सोमन ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार स्थिर प्रदर्शन किया और निर्णायक प्रयास में सबसे लंबी दूरी हासिल कर शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स को एक और बड़ी सफलता दिलाई।
शुभम जुयाल ने जीता रजत पदक
उसी शॉट पुट प्रतियोगिता में भारत के शुभम जुयाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। एक ही स्पर्धा में भारत का स्वर्ण और रजत जीतना भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
शुभम ने पूरे मुकाबले में मजबूत प्रतिस्पर्धा दिखाई और अंतिम दौर तक पदक की दौड़ में बने रहे। उनके रजत पदक ने भारत के पदक संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ट्रिपल जम्प में भारत का डबल मेडल
प्रवीन चित्रावल ने जीता रजत
पुरुषों की ट्रिपल जम्प स्पर्धा में प्रवीन चित्रावल ने शानदार छलांग लगाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने तकनीकी रूप से संतुलित प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में लगातार अच्छा स्तर बनाए रखा।
सेल्वा प्रभू को मिला कांस्य
इसी स्पर्धा में भारत के सेल्वा प्रभू ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता। एक ही ट्रिपल जम्प प्रतियोगिता में दो भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
इन दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी अब बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं।
जादूमनी सिंह को रजत से करना पड़ा संतोष
पुरुषों के 55 किलोग्राम बॉक्सिंग फाइनल में भारत के जादूमनी सिंह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। उन्होंने फाइनल मुकाबले में पूरा संघर्ष किया, लेकिन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सके।
हालांकि उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा, फिर भी उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में सराहनीय रहा। फाइनल तक पहुंचना और रजत पदक जीतना भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
एक ही दिन में भारत ने कितने पदक जीते?
1 अगस्त को भारत ने विभिन्न स्पर्धाओं में कुल 7 नए पदक अपने नाम किए:
खिलाड़ी| स्पर्धा| पदक
प्रीति पवार| महिला बॉक्सिंग 54 किग्रा| स्वर्ण
जैसमीन लंबोडिया| महिला बॉक्सिंग 57 किग्रा| स्वर्ण
सोमन राणा| पैरा एथलेटिक्स शॉट पुट| स्वर्ण
शुभम जुयाल| पैरा एथलेटिक्स शॉट पुट| रजत
प्रवीन चित्रावल| पुरुष ट्रिपल जम्प| रजत
जादूमनी सिंह| पुरुष बॉक्सिंग 55 किग्रा| रजत
सेल्वा प्रभू| पुरुष ट्रिपल जम्प| कांस्य
पदक तालिका में भारत की शानदार वापसी
इन शानदार प्रदर्शनों के बाद भारत ने पदक तालिका में जोरदार वापसी की है। अब भारत के पास:
– स्वर्ण पदक: 8
– रजत पदक: 15
– कांस्य पदक: 7
– कुल पदक: 30
लगातार मिले पदकों की बदौलत भारत अब छठे स्थान पर पहुंच गया है, जो भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया अब भी शीर्ष पर कायम
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया अभी भी पहले स्थान पर मजबूती से कायम है। ऑस्ट्रेलियाई दल अब तक 57 स्वर्ण सहित 133 पदक जीत चुका है।
दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया के अलावा अभी तक कोई भी देश 100 पदकों का आंकड़ा नहीं छू पाया है, जिससे उसकी बढ़त काफी मजबूत दिखाई देती है।
भारतीय महिला बॉक्सिंग ने बढ़ाया देश का गौरव
प्रीति पवार और जैसमीन लंबोडिया के स्वर्ण पदकों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय महिला मुक्केबाजी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला बॉक्सरों ने विश्व स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और कॉमनवेल्थ गेम्स में यह प्रदर्शन उसी निरंतर प्रगति का संकेत है।
पैरा खिलाड़ियों ने फिर दिखाया दम
सोमन राणा और शुभम जुयाल की सफलता यह दर्शाती है कि भारतीय पैरा एथलीट भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा खेलों में भारत की बढ़ती ताकत भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
1 अगस्त 2026 भारतीय खेल इतिहास में कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल दिनों में से एक बन गया। बॉक्सिंग में दो स्वर्ण, पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण और रजत, ट्रिपल जम्प में दो पदक और बॉक्सिंग में एक अतिरिक्त रजत ने भारत के पदक अभियान को नई गति दे दी है।
कुल 30 पदकों के साथ भारत का छठे स्थान पर पहुंचना यह दिखाता है कि भारतीय खिलाड़ी हर दिन बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि यही लय आगे भी जारी रहती है, तो भारत आने वाले दिनों में पदक तालिका में और ऊपर पहुंच सकता है और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कर सकता है।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से संबंधित मुख्य बिंदु मुख्य FAQs
प्रश्न 1: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कितने पदक जीते हैं? उत्तर: भारत ने अब तक कुल 23 पदक जीते हैं, जिनमें 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य शामिल हैं।
प्रश्न 2: जूडो में भारत को ऐतिहासिक गोल्ड किसने दिलाया? उत्तर: अस्मिता डे ने भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास का पहला जूडो स्वर्ण पदक दिलाया।
प्रश्न 3: नीरज चोपड़ा ने कौन-सा पदक जीता? उत्तर: नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में रजत पदक जीता।
प्रश्न 4: पैरा एथलेटिक्स में भारत का ऐतिहासिक 1-2 फिनिश किसने दिलाया? उत्तर: दिलीप गावित ने स्वर्ण और मोहम्मद बासिल ने रजत पदक जीतकर भारत का 1-2 फिनिश सुनिश्चित किया।
प्रश्न 5: भारतीय मुक्केबाजी टीम का प्रदर्शन कैसा रहा? उत्तर: भारत के सभी 10 मुक्केबाज फाइनल में पहुंच गए हैं, जिससे देश के लिए कम से कम 10 पदक पक्के हो गए हैं।

