SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव के वेषभूषा पर बहस, क्या बदल सकते हैं भेष? जानिए पोशाक और विरोध सामग्री से जुड़े नियम!

Politics

साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव के वेषभूषा पर बहस, क्या बदल सकते हैं भेष? जानिए पोशाक और विरोध सामग्री से जुड़े नियम!

SA News
Last updated: August 1, 2026 11:46 am
SA News
Share
साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव के वेषभूषा पर बहस
SHARE

पिछले दिनों बिहार की पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद भवन परिसर में लाल कपड़े धारण कर साधु के वेश में पहुंचकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। आइए जानते हैं इस खबर की पूरी जानकारी।

Contents
  • मुख्य बिंदु:- 
  • साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव, सांसदों की वेशभूषा को लेकर उठे सवाल।
  • सांसदों के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं।
  • क्या सांसद अपनी वेशभूषा या भेष बदल सकते हैं? 
  • पोशाक पर नारे और विरोध की सामग्री लेकर सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं।

मुख्य बिंदु:- 

  1. साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव, सांसदों की पोशाक पर मचा बवाल
  1. सांसदों के ड्रेस कोड पर बड़ा सवाल, संसद में क्या हैं वेशभूषा के नियम?
  1. क्या सांसद संसद में बदल सकते हैं भेष? जानिए वेशभूषा को लेकर नियम
  1. पोशाक पर नारे या विरोधी संदेश पर रोक, संसद में एंट्री के क्या हैं नियम?

साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव, सांसदों की वेशभूषा को लेकर उठे सवाल।

बिहार की पूर्णिया क्षेत्र से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर में दिए गए दान राशि कि चोरी के विरोध में साधु के वेश में संसद भवन परिसर पहुंचकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने संसद के बाहर प्रदर्शन किया जिसमे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ-साथ विपक्ष के कई सांसदों ने उनके इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। इस घटना ने इन विषय पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि क्या सांसदों को संसद भवन में शामिल होने के बाद वेशभूषा या फिर भेष बदलने की अनुमति है। 

सांसदों के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं।

भारतीय संविधान और लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों की नियम पुस्तकों में सांसदों के लिए कोई भी आधिकारिक या अनिवार्य ड्रेस कोड तय नहीं किया गया है। प्रत्येक सदस्य भारतीय सांस्कृतिक तथा विविधता को प्रदर्शित करने वाले पारंपरिक या फिर औपचारिक कपड़े पहनने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। सांसदों को कुर्ता पजामा, टी – शर्ट, धोती, साड़ी, सूट, मेखला चादर के साथ – साथ दूसरी क्षेत्रीय पोशाक पहने हुए देखना आम बात है। यद्यपि संसद सदन की मर्यादा को बनाए रखने के सिद्धांत पर काम करती है और संसद सदस्यों से बैठक प्रक्रिया के दौरान सभ्य और उपयुक्त कपड़े पहनने की उम्मीद की जाती है।

क्या सांसद अपनी वेशभूषा या भेष बदल सकते हैं? 

सांसदीय वेशभूषा या कोई भी पोशाक पर रोक लगाने वाला फिरहाल कोई भी नियम अभी तय नहीं है। लेकिन संसदीय नियम सदस्यों को कार्यवाही में व्यावधान डालना या फिर सदन को प्रदर्शन का मंच बनाने के साधन के रूप में पहनावे का इस्तेमाल करने से रोकते हैं। लोकसभा में पद्धति और कार्यप्रणाली के नियम 349 के तहत सांसदों से शिष्टाचार व अनुशासन बनाए रखने और ऐसे किसी भी व्यवहार या गतिविधि से बचने की उम्मीद की जाती है जो संसद की गरिमा या मान को बदनाम करता हो। इसका मतलब है कि सदन के अंदर विभिम्न प्रकार के पहनावे, प्रतीकात्मक वेशभूषा या फिर कोई और दूसरी नाटकीय पोशाक पहनने पर अध्यक्ष की तरफ से आपत्ति जताई जा सकती है।

पोशाक पर नारे और विरोध की सामग्री लेकर सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं।

संसदीय व्यवस्था सदन की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक नारों या फिर कोई संदेशों वाले कपड़ों के उपयोग को भी प्रतिबंध लगाया गया हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सदन के अंदर नारे लिखी कपड़े या फ़िर टी-शर्ट पहनना संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन है। इसी तरह सांसदों को सदन की बैठक के दौरान तख्ती, झंडा, दान पेटी, बैनर या फिर विरोध प्रदर्शन की दूसरी संकेतात्मक सामग्री लाने का आदेश नहीं है। इसका उद्देश्य इस बात को स्पष्ट करना है कि बहस दृश्य सदन में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से मुद्दा उठाने के बजाय संसदीय प्रक्रियाओं के जरिए से आयोजित की जाए।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Morocco to Ceuta Migration Crisis मोरक्को से हजारों प्रवासी स्पेन के स्यूटा पहुंचे Morocco-Spain Migration Crisis: मोरक्को से स्यूटा पहुंच रहे हजारों प्रवासी, यूरोप में फिर गहराया सीमा संकट
Next Article कावेरी जल विवाद: केंद्र ने मेकेदातु परियोजना की DPR लौटाई, कर्नाटक से मांगी संशोधित रिपोर्ट कावेरी जल विवाद: केंद्र ने मेकेदातु परियोजना की DPR लौटाई, कर्नाटक से मांगी संशोधित रिपोर्ट
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

A Village Submerged in Water and Shattered Hopes: The Background of Beed Babran

Beed Babran, a small village in Hisar district of Haryana where life revolves around fields,…

By SA News

Flooded Fields to Revived Hopes: How Tatvadarshi Sant Rampal Ji Maharaj Rescued Delhi’s Ladpur Village

In a time when desperate farmers felt abandoned and every appeal for help seemed to…

By SA News

इस्तांबुल में मेयर एकरेम इमामोग्लू की गिरफ्तारी पर जनसैलाब, हजारों ने किया जोरदार प्रदर्शन: Turkey Protests

तुर्की विरोध प्रदर्शन: एकरेम इमामोग्लू तुर्की का एक जाना माना चेहरा है तथा राष्ट्रपति एर्दोगन…

By SA News

You Might Also Like

Sheikh Hasina Sentenced to Death in Absentia Amidst Geopolitical Turmoil
PoliticsWorld

The Iron Lady’s Final Verdict: Sheikh Hasina Sentenced to Death in Absentia Amidst Geopolitical Turmoil

By SA News
Haryana CM’s Japan Visit Secures ₹5,000 Crore Investment, Paving Way for ‘Mini Japan City’ and 13,000 Jobs
Politics

Haryana CM’s Japan Visit Secures ₹5,000 Crore Investment, Paving Way for ‘Mini Japan City’ and 13,000 Jobs

By SA News
What Do the New Vande Mataram Guidelines Really Mean for India?
Politics

What Do the New Vande Mataram Guidelines Really Mean for India?

By Dolly Singh
सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री
Politics

सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री: क्या बंगाल की राजनीति बदल रही है?

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.