SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » INS अरिधमन 2026: भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता में बड़ा इजाफा, समुद्री परमाणु ताकत मजबूत!

Hindi NewsNational

INS अरिधमन 2026: भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता में बड़ा इजाफा, समुद्री परमाणु ताकत मजबूत!

SA News
Last updated: February 21, 2026 11:57 am
SA News
Share
INS Aridhaman S4 से भारत की परमाणु पनडुब्बी शक्ति को नई मजबूती
SHARE

भारत अपनी सामरिक समुद्री ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाने जा रहा है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS Aridhaman S4 के अप्रैल–मई के आसपास भारतीय नौसेना में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके शामिल होते ही भारत की परमाणु त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त होगी।

Contents
  • मुख्य बिंदु:- 
  • अरिधमन से मजबूत होगी भारत की परमाणु जवाबी क्षमता
  • INS अरिधमन: समुद्र की गहराई में भारत की नई रणनीतिक ताकत
  • जर्मनी संग सामरिक साझेदारी और समुद्री सुरक्षा में नया अध्याय
  • INS अरिधमन: मारक क्षमता और तकनीकी ताकत का उन्नत संयोजन
  • स्वदेशी सहयोग से तैयार हुआ INS अरिधमन का रणनीतिक ढांचा

मुख्य बिंदु:- 

  1. INS अरिधमन से भारत की परमाणु जवाबी ताकत में बड़ा इजाफा।
  1. समुद्र की गहराई में उतरेगी भारत की नई रणनीतिक ताकत, INS अरिधमन तैयार।
  1. जर्मनी संग अरबों डॉलर की डील, समुद्री सुरक्षा में ऐतिहासिक कदम।
  1. K-4 और K-15 से लैस INS अरिधमन बनेगी नौसेना की नई शक्ति।
  1. स्वदेशी तकनीक से तैयार INS अरिधमन, रणनीतिक क्षमता में बड़ा उछाल।

अरिधमन से मजबूत होगी भारत की परमाणु जवाबी क्षमता

भारत की जवाबी परमाणु मारक क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार होने जा रहा है। नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने गत दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को वर्ष 2026 में आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल यह पनडुब्बी अपने अंतिम समुद्री ट्रायल चरण से गुजर रही है। 

INS अरिधमन के बेड़े का हिस्सा बनते ही भारत पहली बार तीन सक्रिय परमाणु-संचालित पनडुब्बियों का संचालन करेगा। इससे देश की निरंतर समुद्री प्रतिरोध नीति को मजबूती मिलेगी। यानी वर्ष के प्रत्येक दिन कम-से-कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में तैनाती पर रह सकेगी, जिससे रणनीतिक संतुलन लगातार कायम रहेगा।

INS अरिधमन: समुद्र की गहराई में भारत की नई रणनीतिक ताकत

एक आधिकारिक आकलन के अनुसार, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) कार्यक्रम के अंतर्गत विशाखापत्तनम में तैयार की गई INS अरिधमन अपने पूर्व मॉडल INS अरिहंत और INS अरिघात की तुलना में अधिक सक्षम और आधुनिक मानी जा रही है। तकनीकी उन्नयन के चलते इसकी मारक और परिचालन क्षमता पहले से ज्यादा प्रभावी है।

करीब 7,000 टन वजनी यह पनडुब्बी अपने पूर्ववर्तियों (लगभग 6,000 टन) से बड़ी है, जिससे इसकी स्थिरता और हथियार वहन क्षमता में इजाफा हुआ है। इसे K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से सुसज्जित किया जाएगा, जिनकी मारक दूरी लगभग 3,500 किलोमीटर तक है। साथ ही यह 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलें भी ले जाने में सक्षम है, जिनकी रेंज करीब 750 किलोमीटर बताई जाती है। 

इसमें 83 मेगावाट क्षमता वाला प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर स्थापित है, जो इसे लंबे समय तक समुद्र में संचालन की क्षमता प्रदान करता है। दुश्मन की निगरानी प्रणालियों से बचाव के लिए इसमें उन्नत एनेकोइक टाइल्स का उपयोग किया गया है, जो ध्वनि को अवशोषित कर पनडुब्बी की पहचान को कठिन बनाती हैं और इसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।

जर्मनी संग सामरिक साझेदारी और समुद्री सुरक्षा में नया अध्याय

भारत और जर्मनी के बीच लगभग 8 से 10 अरब डॉलर मूल्य का ‘प्रोजेक्ट-75(I)’ समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस परियोजना के अंतर्गत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) प्रणाली से लैस छह आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के निर्माण की योजना है। AIP तकनीक के जरिए पनडुब्बियां लंबे समय तक पानी के भीतर रहकर संचालन करने में सक्षम होंगी, जिससे उनकी रणनीतिक उपयोगिता बढ़ेगी।

संचालन में आने के बाद INS अरिधमन को विशाखापत्तनम के समीप विकसित किए जा रहे अत्यंत सुरक्षित भूमिगत नौसैनिक अड्डे ‘प्रोजेक्ट वर्षा’ में तैनात किए जाने की संभावना है। यह ठिकाना विशेष रूप से परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों की सुरक्षा और गोपनीय संचालन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। 

इन पहलों के साथ भारत उन सीमित देशों के समूह में और मजबूती से स्थान बना रहा है, जिनके पास समुद्र की गहराइयों से संभावित परमाणु हमले का प्रभावी जवाब देने और उसे निष्प्रभावी करने की विश्वसनीय क्षमता मौजूद है।

INS अरिधमन: मारक क्षमता और तकनीकी ताकत का उन्नत संयोजन

INS अरिधमन की प्रमुख ताकत इसकी उन्नत हथियार वहन क्षमता है। यह परमाणु-संचालित पनडुब्बी दो तरह की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलों को तैनात करने में सक्षम होगी। इसमें 750 किलोमीटर तक मार करने वाली 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही, यह 3,500 किलोमीटर की रेंज वाली 8 K-4 मिसाइलों को भी लेकर चल सकती है। 

K-4 की लंबी दूरी भारत को समुद्र की गहराइयों से एशिया के व्यापक भूभाग तक रणनीतिक पहुंच उपलब्ध कराती है। पिछले संस्करणों की तुलना में इसमें अधिक मिसाइल ट्यूब लगाए गए हैं, जिससे इसकी आक्रामक और प्रतिरोधक क्षमता दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि इसे भारतीय नौसेना के बेड़े में एक अत्यंत प्रभावशाली और सामरिक दृष्टि से अहम संपत्ति माना जा रहा है।

स्वदेशी सहयोग से तैयार हुआ INS अरिधमन का रणनीतिक ढांचा

INS अरिधमन का निर्माण देश के सरकारी और निजी क्षेत्रों की संयुक्त भागीदारी का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है। इस परियोजना में निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने अहम योगदान दिया है। पनडुब्बी को विशाखापत्तनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर में उच्च स्तर की गोपनीयता के साथ विकसित किया गया। 

परमाणु ऊर्जा चालित रिएक्टर से संचालित होने के कारण यह पनडुब्बी लंबे समय तक समुद्र के भीतर सक्रिय रह सकती है, जिससे इसकी संचालन क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसके ढांचे को विशेष रूप से इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह शत्रु की निगरानी प्रणालियों – जैसे रडार और सोनार—की पकड़ से यथासंभव दूर रहे।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article PM Modi Meets Mauritius PM Ramgoolam During India AI Impact Summit 2026 in New Delhi PM Modi Meets Mauritius PM Ramgoolam During India AI Impact Summit 2026 in New Delhi
Next Article दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को मिले धमकी भरे ई-मेल दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को मिले धमकी भरे ई-मेल, बोम से उड़ानें की धमकी से मची हलचल
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

मेक इन इंडिया के 11 साल पर PM मोदी का आह्वान: आइए मेड इन इंडिया को पहली पसंद बनाएं

2014 में “मेक इन इंडिया” की शुरुआत के बाद से भारत ने विनिर्माण, डिफेंस, टेक्नोलॉजी,…

By SA News

Biological Classification: Understanding the Diversity of Life

Biological Classification: The quest to classify living organisms has been a cornerstone of biological science.…

By SA News

New US Consulate in Bengaluru: Strengthening Indo-US Relations

The inauguration of the new US Consulate in Bengaluru marks a significant milestone in the…

By SA News

You Might Also Like

दिल्ली में पाकिस्तानी शरणार्थियों को पहली बार वोट देने का मिला अधिकार
National

दिल्ली में पाकिस्तानी शरणार्थियों को पहली बार वोट देने का मिला अधिकार

By SA News
कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए, 'नो डिटेंशन पॉलिसी' खत्म
National

कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए, ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ खत्म

By SA News
बांग्लादेश-चीन वार्ता तीस्ता नदी परियोजना पर भारत की बढ़ती चिंता
Hindi News

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की चीन यात्रा: तीस्ता नदी परियोजना पर भारत की चिंता बढ़ी

By SA News
HAL Joins the Ranks of Maharatna Companies as the 14th Member
National

HAL Joins the Ranks of Maharatna Companies as the 14th Member

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748kLike
340kFollow
13kPin
216kFollow
1.75MSubscribe
3kFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.