The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Venezuelan oil के आयात पर 25% tariff लगाने का निर्णय लिया है। यह tariff policy 2 अप्रैल से लागू होगी। ट्रंप के अनुसार, इस फैसले का मकसद वेनेजुएला को दंडित करना है, क्योंकि वह अमेरिका के प्रति “अत्यधिक शत्रुतापूर्ण” रहा है।
ट्रंप के इस कदम से वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव आ सकता है। अमेरिका के इस फैसले से भारत, चीन, स्पेन, और इटली जैसे देश प्रभावित हो सकते हैं, जो वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल (crude oil) आयात करते हैं।
Trump’s New Oil Tariff Policy क्या है?
23 मार्च, सोमवार को Donald Trump ने घोषणा की कि Venezuelan crude oil imports पर 25% import tariff लगाया जाएगा। यह नया शुल्क उन सभी देशों पर लागू होगा जो Venezuela से तेल या गैस खरीदते हैं। यह टैरिफ किसी भी मौजूदा कर के अतिरिक्त होगा।
Trump के नए टैरिफ प्लान की मुख्य बातें:
- Venezuelan oil imports पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
- India, China, Spain, और Italy जैसे बड़े देश प्रभावित होंगे।
- 2 अप्रैल से सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के बाद इसे प्रभावी कर दिया जाएगा।
- Reliance Industries (India) जैसी कंपनियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
- अमेरिका वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव डालने का प्रयास कर रहा है।
Trump’s Tariff से Global Oil Market पर असर
1. तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा
Venezuelan crude oil पर tariff policy लागू होने से वैश्विक बाजार में oil prices अस्थिर हो सकते हैं। यह नया शुल्क आपूर्ति और मांग (supply and demand) को प्रभावित करेगा, जिससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
2. India और China पर प्रभाव
- India और China oil imports महंगे हो सकते हैं।
- Reliance Industries को नए oil suppliers की तलाश करनी पड़ सकती है।
- China-U.S. trade relations में नए तनाव उत्पन्न हो सकते हैं।
- भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लानी होगी ताकि इस शुल्क का असर कम किया जा सके।
3. अमेरिकी तेल रिफाइनरियों के लिए लागत बढ़ेगी
- American refineries को Venezuelan crude oil की जरूरत होती है, जिससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ सकती है।
- इस टैरिफ से अमेरिकी तेल रिफाइनरियों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है।
Reliance’s difficulties will increase due to oil trade: वेनेजुएला के तेल पर 25% टैरिफ से बढ़ेगी reliance की मुश्किलें
Reliance और Venezuelan Oil Trade
भारत का Venezuelan crude oil imports का 90% हिस्सा Reliance Industries के माध्यम से आता है। यदि यह टैरिफ प्रभावी होता है, तो रिलायंस को महंगे तेल का सामना करना पड़ सकता है।
- Kepler की रिपोर्ट के अनुसार, Reliance इस साल की शुरुआत से अब तक 6.5 मिलियन बैरल तेल खरीद चुका है।
- विभाग से संबंधित जानकार लोगों का कहना है कि, रिलायंस ने वेनेजुएला को कच्चे तेल का ऑर्डर दिया हुआ है।इस कार्गो के आने के बाद रिलायंस कंपनी वेनेजुएला से और तेल की डील नहीं करेगा।
- एक Venezuelan crude oil shipment जल्द ही भारत पहुंचने वाला है।
- इस टैरिफ के कारण Reliance को नए oil trade deals पर विचार करना पड़ सकता है।
यदि यह टैरिफ लंबे समय तक जारी रहता है, तो Reliance Industries को अन्य देशों जैसे ईरान, रूस, या खाड़ी देशों से कच्चे तेल की खरीद पर ध्यान देना पड़ सकता है।
क्या यह वेनेजुएला के खिलाफ रणनीतिक कदम है?
25% tariff on Venezuelan oil केवल एक आर्थिक नीति (economic policy) नहीं है, बल्कि यह Venezuelan government के खिलाफ एक राजनीतिक कदम भी हो सकता है। अमेरिका लंबे समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की नीतियों का विरोध करता आया है। इस टैरिफ का उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना और उसे कमजोर करना हो सकता है।
निष्कर्ष: क्या भारत और चीन को नया समाधान खोजना चाहिए?
अब सवाल यह है कि India और China जैसे देश इस oil tariff policy का सामना कैसे करेंगे? क्या वे वैकल्पिक तेल आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख करेंगे या अमेरिका से छूट की मांग करेंगे? आने वाला समय इसका उत्तर देगा।