SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » क्या 1920 की कहानी फिर दोहराएगा बाज़ार? तब बिजली-रेडियो और अब एआई के जुनून में फंस रहे निवेशक

Business

क्या 1920 की कहानी फिर दोहराएगा बाज़ार? तब बिजली-रेडियो और अब एआई के जुनून में फंस रहे निवेशक

SA News
Last updated: August 23, 2026 10:41 am
SA News
Share
Stock Market AI Bubble 2026: क्या 1920 का इतिहास दोहराएगा शेयर बाज़ार
SHARE

इतिहास का एक बहुत प्रसिद्ध नियम है; “जो लोग इतिहास से सबक नहीं लेते, वे उसे दोहराने के लिए अभिशप्त होते हैं।” आज का ग्लोबल और भारतीय शेयर बाज़ार कुछ ऐसे ही दोराहे पर खड़ा दिखाई दे रहा है। 1920 के दशक में दुनिया ‘रोअरिंग ट्वेंटीज’ (Roaring Twenties) के उन्माद में जी रही थी। उस दौर में बिजली (Electricity), रेडियो और ऑटोमोबाइल जैसी नई तकनीकों के आने से हर किसी को लग रहा था कि विकास की रफ्तार कभी नहीं थमेगी। नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने बिना सोचे-समझे पैसे लगाए और 1929 में दुनिया ने ‘द ग्रेट डिप्रेशन’ (The Great Depression) का सबसे भयावह आर्थिक क्रैश देखा।

आज 2026 में वही कहानी एक नए किरदार के साथ सामने आ रही है और उस किरदार का नाम है—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। हर छोटी-बड़ी कंपनी अपने नाम के आगे एआई का लेबल लगाकर वैल्यूएशन को आसमान पर पहुंचा रही है। रिटेल से लेकर बड़े संस्थागत निवेशक ‘फोमो’ (FOMO – छूट जाने का डर) के चक्कर में आंख मूंदकर पैसा लगा रहे हैं।

कड़वा सच: “तकनीक निश्चित रूप से समाज और उद्योग को बदलती है, लेकिन जब किसी नई तकनीक को लेकर उम्मीदें हकीकत की सीमाओं को पार कर जाती हैं, तो बाज़ार का वह गुब्बारा अंततः लाखों निवेशकों की जीवनभर की जमा-पूंजी को लील जाता है।”

AI और 1920 के मार्केट बूम से संबंधित मुख्य बिंदु:

  • तकनीकी उन्माद का दोहराव: 1920 में बिजली-रेडियो और आज जनरेटिव एआई (AI) को लेकर निवेशकों में एक जैसा अंधाधुंध उत्साह है।
  • आसमान छूती वैल्यूएशंस: टेक कंपनियों के शेयर वास्तविक मुनाफे और रेवेन्यू की तुलना में कई गुना ऊंचे दामों पर ट्रेड कर रहे हैं।
  • रिटेल निवेशकों का अंधाधुंध प्रवेश: आसान ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए बिना वित्तीय समझ के सट्टेबाजी और ट्रेडिंग का बढ़ता ट्रेंड।
  • सप्लाई-डिमांड का असंतुलन: एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और चिप्स पर भारी खर्च हो रहा है, लेकिन वास्तविक रेवेन्यू मॉडल अभी भी कई कंपनियों के लिए स्पष्ट नहीं है।
  • कर्ज और लेवरेज का बढ़ता जाल: आसान पूंजी और मार्जिन ट्रेडिंग के चलते बाजार में करेक्शन आने पर बड़े नुकसान का खतरा।

इस स्थिति पर क्या कहते हैं दुनिया के दिग्गज अर्थशास्त्री और निवेशक?

इतिहास और बाज़ार की इस अंधी दौड़ पर दुनिया के शीर्ष आर्थिक विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनियां दी हैं:

वॉरेन बफेट (चेयरमैन, बर्कशायर हैथवे): 

“नई तकनीकों का आना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उस तकनीक से जुड़ी हर कंपनी निवेशकों के लिए सोना साबित होगी। 1920 के ऑटोमोबाइल और 1990 के इंटरनेट बूम में भी सैकड़ों कंपनियां बर्बाद हुई थीं।”

रे डैलियो (संस्थापक, ब्रिजवाटर एसोसिएट्स):

“जब बाज़ार केवल भविष्य की अवास्तविक उम्मीदों पर चलने लगे और वैल्यूएशन बुनियादी आर्थिक सिद्धांतों से कट जाए, तो समझ लेना चाहिए कि हम एक बड़े क्लासिक बबल (Bubble) के मुहाने पर खड़े हैं।”

रॉबर्ट शिलर (नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री):

“मानव स्वभाव में जब ‘इरेशनल एक्सुबरेंस’ (तर्कहीन अति-उत्साह) हावी होता है, तो लोग इतिहास भूल जाते हैं। 1929 हो या आज का दौर, अत्यधिक सट्टेबाजी हमेशा विनाशकारी आर्थिक परिणामों की नींव रखती है।”

यह भी पढ़ें: EPFO PF Withdrawal Rules 2026: PF खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट

1920 और 2026 के बीच की 5 सबसे बड़ी समानताएं

1. क्रांतिकारी तकनीक का हाइप बनाम ज़मीनी मुनाफा

1920 के दशक में रेडियो कंपनियों के शेयर कई सौ गुना बढ़ गए थे, भले ही उनमें से अधिकांश के पास कोई ठोस बिज़नेस मॉडल नहीं था। आज एआई चिप्स, क्लाउड और एआई सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ हूबहू यही हो रहा है। खरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, लेकिन वास्तविक मुनाफा देने वाली कंपनियां गिने-चुने हाथों में सिमटी हुई हैं।

2. ‘नया युग’ (New Era) का झूठा तर्क

1929 के क्रैश से पहले विश्लेषकों का दावा था कि बाज़ार अब कभी नहीं गिरेगा क्योंकि दुनिया ‘न्यू एरा’ में प्रवेश कर चुकी है। आज भी ठीक यही तर्क दिया जा रहा है कि एआई पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को रातों-रात बदल देगा, इसलिए पारंपरिक वैल्यूएशन के नियम अब लागू नहीं होते।

3. रिटेल निवेशकों की सट्टेबाजी और ‘FOMO’

1920 के दशक में आम नागरिकों ने स्टॉक मार्केट को अमीर बनने का शॉर्टकट मान लिया था। आज 2026 में स्मार्टफोन ऐप्स, फिन-इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया ट्रेंड्स ने पहली बार बाज़ार में आए लाखों युवाओं को रिस्की ट्रेड्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग में झोंक दिया है।

4. लेवरेज और आसान क्रेडिट का इस्तेमाल

उस दौर में लोग उधार लेकर शेयर खरीदते थे (Margin Buying)। आज आधुनिक वित्तीय प्रोडक्ट्स और इंस्टेंट लोन के ज़रिए निवेशक अपनी क्षमता से कई गुना ज़्यादा जोखिम उठा रहे हैं, जो मार्केट में हल्की सी गिरावट आते ही पूरे सिस्टम को हिला सकता है।

5. असमानता और एकाधिकार की प्रवृत्ति

1920 के दशक में भी चुनिंदा कॉर्पोरेट्स के पास पूरी पूंजी केंद्रित थी। आज भी पूरा टेक और एआई बूम दुनिया की 5-7 दिग्गज कंपनियों (Big Tech) के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिससे बाज़ार का आधार (Breadth) बेहद संकरा और कमज़ोर हो चुका है।

क्या 1929 की तरह मार्केट क्रैश तय है?

हर तकनीकी क्रांति के बाद एक सफाई (Market Correction) का दौर आता है। 1929 का महामंदी का दौर इसलिए इतना भयावह था क्योंकि उस समय कोई मज़बूत बैंकिंग नियम या सेंट्रल बैंक की सख्त नीतियां नहीं थीं। हालांकि आज दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अधिक सतर्क हैं, फिर भी अत्यधिक सट्टेबाज़ी की कीमत हमेशा आम निवेशक को अपनी गाढ़ी कमाई गंवाकर चुकानी पड़ती है।

भौतिक अंधी दौड़ और आर्थिक असुरक्षा के बीच सच्ची शांति और आत्मनिर्भरता का मार्ग

आज पूरी दुनिया पैसे की अंधी दौड़, शेयर बाज़ार के सट्टे और रातों-रात अमीर बनने के शॉर्टकट्स में अपनी मानसिक शांति और जीवन की खुशियां खोती जा रही है। लोग अनिश्चितता और आर्थिक तनाव के साये में जी रहे हैं, जहाँ एक तरफ बढ़ती महंगाई और आर्थिक मंदी का डर है, तो वहीं दूसरी तरफ समाज में लालच और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जहाँ आधुनिक आर्थिक व्यवस्थाएं इंसान को केवल एक ‘उपभोक्ता’ बनाकर लालच और तनाव के दलदल में धकेल रही हैं, वहीं हरियाणा की पावन धरा से जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में एक अद्वितीय आध्यात्मिक और सामाजिक क्रांति चल रही है, जो समाज को लालच, सट्टेबाजी और अशांति से मुक्त कर सही दिशा दिखा रही है।

संत रामपाल जी महाराज जी की प्रेरणा से संचालित ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ और ‘किसान-मज़दूर बचाओ अभियान’ के तहत बिना किसी भेदभाव के ज़रूरतमंद परिवारों को रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। छोटे किसानों को मुफ्त खाद-बीज और संसाधन देकर कर्ज के जाल से मुक्त कराया जा रहा है। समाज से नशा, रिश्वतखोरी, मिलावटखोरी, दहेज और पाखंडवाद जैसी बुराइयों का समूल नाश कर एक आदर्श और सतयुगी समाज की नींव रखी जा रही है।

यदि समाज का हर नागरिक इन आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को अपनाकर सत्य भक्ति और सात्विक जीवन का मार्ग चुने, तो हर प्रकार के आर्थिक व मानसिक संकट से मुक्ति संभव है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करे Sa news youtube channel। 

शेयर बाज़ार और AI बूम से संबंधित मुख्य FAQs

प्रश्न 1: 1920 के दशक की ‘Roaring Twenties’ और आज के बाज़ार में क्या समानता है?

उत्तर: उस समय बिजली और रेडियो जैसी नई तकनीकों को लेकर अत्यधिक सट्टेबाज़ी  हुई थी, जिसने 1929 के महाक्रैश को जन्म दिया। आज एआई (AI) को लेकर निवेशकों में बिल्कुल वैसा ही अति-उत्साह देखा जा रहा है।

प्रश्न 2: क्या एआई (AI) वाकई एक वित्तीय बबल (Financial Bubble) है?

उत्तर: एआई तकनीक वास्तविक है, लेकिन कई कंपनियों की शेयर कीमतें उनके वास्तविक मुनाफे और रेवेन्यू की तुलना में बहुत अधिक बढ़ चुकी हैं, जिसे अर्थशास्त्री ‘बबल’ की स्थिति मानते हैं।

प्रश्न 3: 1929 के ‘ग्रेट डिप्रेशन’ का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: अत्यधिक उधारी (लेवरेज), अनियंत्रित सट्टेबाजी, आसमान छूती अवास्तविक वैल्यूएशंस और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता की कमी 1929 के क्रैश के मुख्य कारण थे।

प्रश्न 4: आम निवेशकों को ऐसे हाई-हाइप मार्केट में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

उत्तर: बिना रिसर्च के सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर भरोसा न करें, किसी एक सेक्टर (जैसे एआई) में सारा पैसा न लगाएं, और हमेशा कंपनी के वास्तविक फंडामेंटल्स व मुनाफे को देखकर ही निवेश करें।

प्रश्न 5: संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इन अभियानों का उद्देश्य समाज से गरीबी, भुखमरी, नशा और सामाजिक बुराइयों को खत्म कर हर ज़रूरतमंद को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना और सतभक्ति के जरिए मानसिक व सामाजिक शांति स्थापित करना है।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article 8th Pay Commission: How the 5 Family Unit Formula Could Hike Salaries by 66% Decoding the 8th Pay Commission’s ‘5 Family Unit’ Formula: Could Central Government Salaries Jump by 66%?
Next Article CBSE Class 9 Third Language Evaluation: नौवीं कक्षा में तीसरी भाषा के मूल्यांकन का बदला नियम CBSE Class 9 Third Language Evaluation: नौवीं कक्षा में तीसरी भाषा के मूल्यांकन का बदला नियम, अब रटने पर नहीं बल्कि स्किल पर लगेगा ज़ोर 
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

डायबिटीज प्रबंधन के नए तरीके जीवनशैली में बदलाव और आधुनिक मेडिकल तकनीकें

डायबिटीज, जिसे मधुमेह भी कहा जाता है, आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन…

By SA News

IIT-Delhi, Germany Team Demonstrates Device to Separate Electrons by Chirality Without Magnetic Fields

Scientists from IIT-Delhi and Germany have demonstrated a device that separates electrons based on their…

By SA News

सतलोक आश्रम धनाना धाम आस्था का एक केंद्र

भारत में निःशुल्क आवास (free stay) ढूँढना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सतलोक आश्रम एक…

By SA News

You Might Also Like

A Guide to AB Testing Your Website for Better Result 
Business

A Guide to A/B Testing Your Website for Better Result 

By SA News
How to Create a Business Website Complete Step-by-Step Guide
Business

How to Create a Business Website: Complete Step-by-Step Guide

By SA News
The Great Fracture: How Global Trade Is Being Rewired in 2026
Business

The Great Fracture: How Global Trade Is Being Rewired in 2026

By SA News
%E0%A4%A8%E0%A4%8F %E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B8 %E0%A4%95%E0%A5%80 %E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%A4 %E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87 %E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82
Business

नए बिजनेस की शुरुआत कैसे करें

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.