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Home » रूस-यूक्रेन युद्ध: क्रीमिया पर यूक्रेन का बड़ा हमला, रूस ने घोषित की आपात स्थिति

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रूस-यूक्रेन युद्ध: क्रीमिया पर यूक्रेन का बड़ा हमला, रूस ने घोषित की आपात स्थिति

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Last updated: July 17, 2026 12:10 pm
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रूस-यूक्रेन युद्ध क्रीमिया पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला
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मास्को/कीव: पिछले चार सालों से चल रहा रूस और यूक्रेन का संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यूक्रेन ने क्रीमिया प्रायद्वीप पर अब तक का सबसे भीषण और घातक हमला किया है। इस अप्रत्याशित सैन्य कार्रवाई के बाद रूस ने क्रीमिया क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले ने युद्ध की दिशा और दशा दोनों बदल दी है।

Contents
  • यूक्रेन का क्रीमिया प्रायद्वीप पर हमला: रूसी नियंत्रण को झटका
  • यूक्रेन ने रूस सीमा पर स्थित कर्च पुल को उड़ाया: रसद मार्ग ठप
  • काला सागर में यूक्रेन का तांडव: 115 रूसी समुद्री जहाज नष्ट
  • ‘सी बेबी’ समुद्री ड्रोन का कहर: कई रूसी बंदरगाह पूरी तरह तबाह
  • चार साल के युद्ध की विभीषिका: 20 लाख से अधिक मौतें
  • रूस की जवाबी कार्रवाई की तैयारी और वैश्विक चिंताएं
  • आखिर क्या है इस तरह के भीषण युद्धो से बचने का समाधान? 
  • FAQs: रूस यूक्रेन युद्ध – रूस में आपातकाल 

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) का कहना है 

  • युद्ध का असली मकसद: जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन का मुख्य लक्ष्य रूस को नुकसान पहुंचाना (जैसे उसका पेट्रोल खत्म करना या उसे मध्यकाल में धकेलना) नहीं है।
  • संप्रभुता और शांति: उनका असली मकसद एक स्वतंत्र यूक्रेन का निर्माण करना है जो पूरी तरह से रूसी नियंत्रण और युद्ध से मुक्त हो।
  • यूरोपीय भविष्य और सुरक्षा: वह यूक्रेन को यूरोप के एक अटूट हिस्से के रूप में देखते हैं, जहाँ यूक्रेन और पूरे यूरोप को भविष्य में मॉस्को (रूस) के किसी भी सैन्य खतरे से पूरी तरह सुरक्षा मिले। 

Our warriors continue imposing long-range sanctions on Russian enterprises and facilities fueling the war.

An oil refinery was hit in Bashkortostan, approximately 1,300 kilometers from the front line. I thank the units of the Special Operations Forces of the Armed Forces of… pic.twitter.com/VCxzM55GL0

— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) July 14, 2026

यूक्रेन का क्रीमिया प्रायद्वीप पर हमला: रूसी नियंत्रण को झटका

यूक्रेन ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उसकी वायु सेना और विशेष बलों द्वारा किए गए घातक ड्रोन हमलों के कारण रूस का क्रीमिया प्रायद्वीप पर से प्रशासनिक और सैन्य नियंत्रण लगभग समाप्त हो चुका है। यूक्रेन के इस चौतरफा हमले ने क्रीमिया में मौजूद रूसी वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।

यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले का मुख्य उद्देश्य पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में लड़ रही रूसी अग्रिम पंक्ति की सेना को कमजोर करना था। क्रीमिया में रूसी सैन्य ठिकाने तबाह होने के कारण रूसी सैनिकों के लिए हथियार, गोला-बारूद और रसद सामग्री (Logistics) की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है, जिससे रूसी सेना बैकफुट पर आ गई है।

यूक्रेन ने रूस सीमा पर स्थित कर्च पुल को उड़ाया: रसद मार्ग ठप

इस पूरे सैन्य अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी यूक्रेन के लिए ‘कर्च पुल’ (Kerch Bridge) को नष्ट करना रही। यह रेलवे और सड़क मार्ग का पुल क्रीमिया को सीधे मुख्य भूमि रूस से जोड़ता था। रूसी सेना के लिए यह पुल एक लाइफलाइन की तरह था, जिसके जरिए भारी टैंक, मिसाइलें और सैनिक क्रीमिया भेजे जाते थे।

पुल के पूरी तरह से नष्ट होने के बाद अब क्रीमिया प्रायद्वीप शेष दुनिया और रूस से कट गया है। इसका सीधा असर वहां रह रहे आम नागरिकों पर पड़ा है। क्रीमिया में खाद्य सामग्री, पीने के पानी और पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है। पेट्रोल पंपों पर किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई हैं, और स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग समुद्र के रास्ते या सुरक्षित गलियारों से रूस की तरफ पलायन करने को मजबूर हैं।

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काला सागर में यूक्रेन का तांडव: 115 रूसी समुद्री जहाज नष्ट

यूक्रेन ने न केवल जमीन और आसमान से, बल्कि समुद्र के रास्ते भी रूस को ऐतिहासिक चोट पहुंचाई है। कीव से मिली रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन ने अपने उन्नत एंटी-शिप मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स की मदद से काला सागर (Black Sea) में तैनात रूस के लगभग 115 समुद्री जहाजों को या तो डुबो दिया है या उन्हें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसमें रूस के कई युद्धपोत, लैंडिंग क्राफ्ट और रसद ले जाने वाले जहाज शामिल हैं।

इस भारी नुकसान के कारण रूस का काला सागर पर से दबदबा खत्म हो गया है। अब रूस के लिए अपनी कृषि सामग्री (जैसे गेहूं) और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करना असंभव हो गया है, जिसके कारण रूसी अर्थव्यवस्था पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है और रूबल (रूसी मुद्रा) में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

‘सी बेबी’ समुद्री ड्रोन का कहर: कई रूसी बंदरगाह पूरी तरह तबाह

यूक्रेन ने इस युद्ध में अपनी स्वदेशी तकनीक का लोहा मनवाया है। यूक्रेन के विशेष बलों ने अपने घातक गाइडेड समुद्री ड्रोन, जिन्हें ‘सी बेबी’ (Sea Baby) नाम दिया गया है, का इस्तेमाल करके काला सागर और आज़ोव सागर में स्थित कई रूसी बंदरगाहों (Ports) को निशाना बनाया।

इन हमलों में बंदरगाहों के गोदी (Docks), ईंधन डिपो और लोडिंग क्रेन पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। सर्दियों के मौसम में भी चालू रहने वाले ये समुद्री मार्ग अब रूसी जहाजों के आवागमन के लिए पूरी तरह से असुरक्षित और बाधित हो गए हैं। इस वजह से रूस का वैश्विक आयात और निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे रूसी उद्योगों को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

Also Read- यूक्रेन के बच्चों को रूस ले जाने का आरोप: ICC की कार्रवाई से बढ़ा वैश्विक विवाद

चार साल के युद्ध की विभीषिका: 20 लाख से अधिक मौतें

यह युद्ध मानव इतिहास के सबसे खूनी संघर्षों में से एक बनता जा रहा है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच पिछले चार सालों से जारी इस भीषण युद्ध के कारण अब तक 20 लाख से अधिक सैनिक और निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। शहरों के शहर मलबे में तब्दील हो चुके हैं और करोड़ों लोग विस्थापित होकर शरणार्थी बन गए हैं।

इसके साथ ही, दोनों देशों के बुनियादी ढांचों (Infrastructure) को भारी नुकसान पहुंचा है। एक तरफ जहां यूक्रेन के बिजली ग्रिड और पावर प्लांट रूसी मिसाइलों के निशाने पर रहे हैं, वहीं यूक्रेन के हालिया हमलों ने रूस के ऊर्जा केंद्रों को हिलाकर रख दिया है। दोनों देशों की ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने से पूरी अर्थव्यवस्था, बैंकिंग प्रणाली और बाजार व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।

रूस की जवाबी कार्रवाई की तैयारी और वैश्विक चिंताएं

क्रीमिया पर हुए इस बड़े हमले और आपातकाल की घोषणा के बाद क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति भवन) में हड़कंप मच गया है। रूसी राष्ट्रपति ने एक आपातकालीन सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है और यूक्रेन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। रूस अब यूक्रेन के प्रमुख शहरों जैसे कीव, खार्किव और ओडेसा पर बड़े मिसाइल और परमाणु-सक्षम हथियारों से जवाबी हमला करने की योजना बना रहा है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक नेताओं ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। दुनिया भर के विशेषज्ञों को डर है कि अगर रूस ने इस हमले के जवाब में अपने रणनीतिक परमाणु हथियारों (Tactical Nuclear Weapons) का इस्तेमाल किया, तो यह युद्ध तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे पूरी मानवता संकट में पड़ जाएगी।

आखिर क्या है इस तरह के भीषण युद्धो से बचने का समाधान? 

आज पूरे विश्व मे अनेक देशो के बीच इस प्रकार के आपसी युद्धो की समस्या छाई हुई है। वैश्विक वर्चस्व की होड़ के चलते कई देश एक-दूसरे पर जैविक हथियार और वायरस की बीमारियां फैला रहे है। वर्तमान समय की परिस्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि गंभीर युद्धो के खतरे के साथ-साथ मानव सभ्यता के अस्तित्व का संकट भी खडा हो गया है।

प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों में उल्लेख है कि 20 वीं सदी के उत्तरार्द्ध में, विश्व में आपसी प्रेम का अभाव, मानवता का ह्रास, माया संग्रह की दौड़, लूट व राजनेताओं का अन्यायी हो जाना आदि-2 बहुत से उत्पात देखने को मिलेगें। 21 वीं सदी के प्रथम दशक में भयंकर युद्ध के कारण कई देशों का अस्तित्व ही मिट जाएगा। परन्तु भारत का एक महापुरूष सम्पूर्ण विश्व को मानवता के एक सूत्र में बांध देगा व हिंसा, फूट-दुराचार, कपट आदि को संसार से सदा के लिए मिटा देगा। उन्हीं भविष्यवक्ताओं ने उस महापुरुष की पहचान भी बताई है, जिन पर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज खरे उतरते हैं। 

आज संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार के कार्य को देखकर यह आसानी से माना जा सकता है कि उनके ज्ञान और उनकी आध्यात्मिक शक्ति से एक दिन निश्चित ही पूरे विश्व में शांति छाएगी। विश्व मे किसी भी शारीरिक और मानसिक समस्या का निराकरण और शास्त्र अनुसार भक्ति विधि संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक “ज्ञान गंगा” मे लिखित है। ,आप आज ही गूगल पर  jagatgururampalji.org सर्च करके घर बैठे निशुल्क पुस्तक मंगवा सकते है।

FAQs: रूस यूक्रेन युद्ध – रूस में आपातकाल 

1. यूक्रेन ने क्रीमिया पर हमला क्यों किया?

यूक्रेन का मुख्य उद्देश्य क्रीमिया प्रायद्वीप पर रूसी सैन्य नियंत्रण को खत्म करना और डोनबास क्षेत्र में लड़ रही रूसी सेना की हथियार तथा रसद (Logistics) आपूर्ति लाइन को पूरी तरह काटना है।

2. कर्च पुल (Kerch Bridge) का क्या महत्व है?

कर्च पुल मुख्य भूमि रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाला एकमात्र रेलवे और सड़क मार्ग है। इसके नष्ट होने से रूसी सेना के लिए भारी सैन्य साजो-सामान ले जाना बंद हो गया है और स्थानीय नागरिकों के लिए राशन व पेट्रोल का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

3. ‘सी बेबी’ (Sea Baby) ड्रोन क्या हैं?

‘सी बेबी’ यूक्रेन द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित किए गए बेहद घातक और गाइडेड समुद्री ड्रोन (Naval Drones) हैं। इनका उपयोग काला सागर में रूसी युद्धपोतों और बंदरगाहों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

4. रूस ने क्रीमिया में आपातकाल क्यों घोषित किया?

यूक्रेन के चौतरफा ड्रोन हमलों में रूसी वायु रक्षा प्रणालियों के नष्ट होने, कर्च पुल के टूटने और वहां बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, पेट्रोल) के पूरी तरह ठप हो जाने के कारण रूस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संभालने के लिए आपात स्थिति घोषित की है।

5. इस हमले का रूसी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

काला सागर में यूक्रेन द्वारा लगभग 115 रूसी जहाजों और कई बंदरगाहों को नष्ट करने से रूस का कृषि सामग्री (गेहूं) और पेट्रोलियम का वैश्विक निर्यात ठप हो गया है, जिससे रूसी मुद्रा (रूबल) में भारी गिरावट आई है।


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