NTA Exam Overhaul: मई 2026 में हुए NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं। परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए, NTA ने अपने एग्जामिनेशन सिस्टम में एक बड़े सिक्योरिटी ओवरहॉल की शुरुआत की है। इस सुधार के तहत सबसे बड़ा कदम 5,000 से अधिक नए विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति और एक विशाल ‘कॉमन क्वेश्चन बैंक’ का निर्माण है।
NTA Exam Overhaul से जुड़े मुख्य बिंदु:
- 5,000 से अधिक नए विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी।
- NTA ने अपने पुराने पैनल से लगभग 600 विषय विशेषज्ञों को हटा दिया है।
- 5,000 एक्सपर्ट्स अलग-अलग विषयों के हजारों सवाल तैयार करेंगे।
पुराने एक्सपर्ट्स की छुट्टी, 5,000 नए विशेषज्ञों की एंट्री
मीडिया रिपोर्ट्स और एजुकेशन अपडेट्स के अनुसार, NTA ने परीक्षा की गोपनियता बनाए रखने के लिए अपने पुराने पैनल से लगभग 600 विषय विशेषज्ञों को हटा दिया है। इसके स्थान पर, देश भर के विश्वविद्यालयों, आईआईटी और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से 5,000 से अधिक नए प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को NTA के एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया गया है। ये सभी एक्सपर्ट्स एक सख्त 4-स्तरीय वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुज़रे हैं और उनसे नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) साइन करवाया गया है ताकि परीक्षा की गोपनीयता भंग न हो।
कैसे काम करेगा नया ‘क्वेश्चन बैंक’ सिस्टम?
पहले कुछ गिने-चुने लोग ही पूरा प्रश्नपत्र सेट करते थे, जिससे पेपर लीक का खतरा बना रहता था। लेकिन अब यह नया सिस्टम पूरी तरह से अलग होगा।
- सवालों का पूल: ये 5,000 एक्सपर्ट्स अलग-अलग विषयों के हज़ारों सवाल तैयार करेंगे।
- अनुवाद और मॉडरेशन: इन सवालों की अकादमिक सटीकता जांची जाएगी और उनका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा।
- सुरक्षित स्टोरेज: इन सभी जांचे गए सवालों को एक बड़े और बेहद सुरक्षित ‘कॉमन क्वेश्चन बैंक’ में स्टोर किया जाएगा।
- आखिरी समय में पेपर सिलेक्शन: सबसे अहम बात यह है कि खुद सवाल बनाने वाले विशेषज्ञ को भी यह पता नहीं होगा कि उनका सवाल फाइनल पेपर में आएगा या नहीं। परीक्षा से ठीक पहले, सिस्टम रैंडम तरीके से इस क्वेश्चन बैंक से सवाल चुनकर फाइनल पेपर तैयार करेगा। इससे पेपर लीक होने की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी।
NEET-UG 2027 से हो सकता है ऑनलाइन (CBT)
क्वेश्चन बैंक के अलावा, NTA परीक्षा के माध्यम में भी बदलाव करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 से NEET-UG परीक्षा पारंपरिक पेन-एंड-पेपर (OMR) मोड की बजाय कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जा सकती है। ऑनलाइन परीक्षा होने से पेपर ट्रांसपोर्टेशन और सेंटर्स पर होने वाली गड़बड़ियों पर भी लगाम लगेगी।
नंदन नीलेकणि पैनल की रिपोर्ट का इंतजार
परीक्षा सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई ‘नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स’ का कार्यकाल जनवरी 2027 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह पैनल परीक्षा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और वेंडर मैनेजमेंट पर अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगा, जिसे NTA भविष्य की सभी बड़ी परीक्षाओं NEET UG, JEE Main, CUET में लागू करेगा।
NTA की कोशिश है कि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा फिर से कायम हो और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सिलेबस और परीक्षा पैटर्न से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स के लिए NTA की वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
FAQs about NTA Exam Overhaul:
1. NTA ने हाल ही में कितने नए एक्सपर्ट्स की नियुक्ति की है?
NTA ने अपनी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए 5,000 से अधिक नए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स और प्रोफेसरों को अपने पैनल में शामिल किया है।
2. नया ‘क्वेश्चन बैंक’ सिस्टम क्या है?
इस सिस्टम के तहत हज़ारों सवालों का एक बड़ा डेटाबेस तैयार किया जाएगा। परीक्षा से ठीक पहले इस बैंक से रैंडमली सवाल चुनकर पेपर सेट किया जाएगा, जिससे सवाल बनाने वालों को भी यह पता नहीं होगा कि कौन सा सवाल परीक्षा में आ रहा है।
3. क्या NEET UG 2027 ऑनलाइन होगा?
जी हाँ, रिपोर्ट्स के अनुसार NTA पेपर लीक रोकने के लिए पेपर कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की योजना बना रहा है।
4. NTA ने पुराने एक्सपर्ट्स को क्यों हटाया?
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को खत्म करने के लिए NTA ने लगभग 600 पुराने विषय विशेषज्ञों को अपने पैनल से हटा दिया है।
5. नंदन नीलेकणि पैनल क्या है और इसका कार्यकाल कब तक बढ़ाया गया है?
‘नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स’ केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एक समिति है जो NTA परीक्षाओं में सुरक्षा, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और अन्य सुधारों पर सुझाव देगी। इस पैनल का कार्यकाल जनवरी 2027 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

