SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड, सैलरी, PF, ग्रैच्युटी और वर्किंग आवर्स में बड़े बदलाव

Finance

1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड, सैलरी, PF, ग्रैच्युटी और वर्किंग आवर्स में बड़े बदलाव

SA News
Last updated: April 12, 2026 1:44 pm
SA News
Share
1 %E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%88%E0%A4%B2 2026 %E0%A4%B8%E0%A5%87 %E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%82 %E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%86 %E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE %E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A4%B0 %E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%A1 %E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%80 %E0%A4%95%E0%A5%80 %E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80 %E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80
SHARE

1 अप्रैल 2026 से देश में नया लेबर कोड लागू हो चुका है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी, काम के घंटे और रिटायरमेंट से जुड़े फायदों पर पड़ेगा। सरकार ने 44 पुराने श्रम कानूनों को समेटकर उन्हें 4 नए कोड्स में बदल दिया है, ताकि सिस्टम को आसान और पारदर्शी बनाया जा सके। इस बदलाव के बाद सैलरी स्ट्रक्चर, इन-हैंड पे और वर्किंग आवर्स में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे नौकरीपेशा लोगों के लिए इन नियमों को समझना पहले से ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।

Contents
  • 1अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड से संबंधित मुख्य बिंदु :
  • लेबर कोड को लेकर लोगों के मन में कई सवाल
    • 1. PF (Provident Fund) क्या होता है?
    • 2. UAN क्या है और इसका क्या महत्व है?
    • 3. नौकरी बदलने पर PF का क्या करें?
    • 4. क्या PF निकालना सही है?
    • 5. PF बैलेंस कैसे चेक करें?
    • 6. सैलरी स्लिप में PF कटौती क्यों होती है?
    • 7. ग्रेच्युटी क्या होती है?
    • 8. EPF और EPS में क्या अंतर है?
    • 9. क्या हर कर्मचारी के लिए PF जरूरी है?
    • 10. PF क्लेम करने में कितना समय लगता है?
    • 11. KYC अपडेट क्यों ज़रूरी है?
    • 12. क्या PF पर टैक्स लगता है?
  • क्यों लाया गया नया लेबर कोड?
  • ओवरटाइम और लीव एनकैशमेंट के नियमों को मिला सुरक्षित और मज़बूत अधिकार
  • पीएफ नियमों में बदलाव: आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी पर आधारित
  • ग्रैच्युटी और महिलाओं के लिए नए मौके
  • क्रेच अलाउंस और ESIC में बड़ा बदलाव
  • नए लेबर कोड के फायदे और चुनौतियां 
  • 1अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड से संबंधित मुख्य FAQs

1अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड से संबंधित मुख्य बिंदु :

  • 1 अप्रैल 2026 से नया लेबर कोड लागू हुआ, जिसमें 44 पुराने कानूनों को 4 कोड्स में बदला गया है।
  • बेसिक सैलरी अब कुल CTC का कम से कम 50% होगी, जिससे PF और ग्रैच्युटी बढ़ेगी।
  • इन-हैंड सैलरी में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन रिटायरमेंट सेविंग्स मज़बूत होंगी।
  • हफ्ते में 48 घंटे काम का नियम रहेगा, जिसमें 4 दिन वर्किंग का विकल्प भी मिल सकता है।
  • ओवरटाइम करने पर अब दोगुना वेतन देना कंपनी के लिए अनिवार्य होगा।
  • फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को 1 साल पूरा करने पर ग्रैच्युटी का लाभ 

यह भी पढ़ें : International Labour Day Hindi [2025] | कैसे हुई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत, क्या है इसका महत्व?

लेबर कोड को लेकर लोगों के मन में कई सवाल

नए लेबर कोड को लेकर कर्मचारियों के बीच काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है , सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी या फिर कोई फायदा मिलेगा? क्या काम के घंटे बढ़ेंगे या कुछ राहत मिलेगी? और क्या सच में अब सिर्फ एक साल में ग्रैच्युटी मिल सकेगी? इन सभी सवालों का जवाब कोर इंडीग्रा के एमडी महेश कृष्णमूर्ति ने दिया है, जिन्होंने 12 अहम सवालों को आसान भाषा में समझाकर लोगों की ज़्यादातर शंकाएं दूर करने की कोशिश की है।

1. PF (Provident Fund) क्या होता है?

यह एक बचत योजना है जिसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों योगदान करते हैं, ताकि रिटायरमेंट के समय आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

2. UAN क्या है और इसका क्या महत्व है?

UAN (Universal Account Number) एक यूनिक नंबर होता है, जिससे आपके सभी PF अकाउंट जुड़े रहते हैं।

3. नौकरी बदलने पर PF का क्या करें?

PF को निकालने के बजाय नए अकाउंट में ट्रांसफर करना बेहतर होता है, ताकि बचत बनी रहे।

4. क्या PF निकालना सही है?

ज़रूरत होने पर निकाल सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि के लिए इसे बनाए रखना ज्यादा फायदेमंद होता है।

5. PF बैलेंस कैसे चेक करें?

जवाब: आप EPFO की वेबसाइट, UMANG ऐप या SMS के जरिए आसानी से बैलेंस चेक कर सकते हैं।

6. सैलरी स्लिप में PF कटौती क्यों होती है?

जवाब: यह आपकी भविष्य की बचत के लिए अनिवार्य कटौती होती है, जो आपके ही काम आती है।

7. ग्रेच्युटी क्या होती है?

जवाब: यह एक तरह का बोनस है जो कंपनी आपको लंबे समय तक काम करने के बाद देती है।

8. EPF और EPS में क्या अंतर है?

EPF आपकी बचत है, जबकि EPS (Employee Pension Scheme) पेंशन के लिए होता है।

9. क्या हर कर्मचारी के लिए PF जरूरी है?

जिन कंपनियों में 20 या उससे अधिक कर्मचारी होते हैं, वहां PF अनिवार्य होता है।

10. PF क्लेम करने में कितना समय लगता है?

सही दस्तावेज होने पर आमतौर पर 7–20 दिनों में क्लेम प्रोसेस हो जाता है।

11. KYC अपडेट क्यों ज़रूरी है?

आधार, PAN और बैंक डिटेल अपडेट होने से क्लेम जल्दी और बिना समस्या के होता है।

12. क्या PF पर टैक्स लगता है?

अगर तय शर्तों के अनुसार पैसा निकाला जाए, तो PF टैक्स-फ्री भी हो सकता है।

क्यों लाया गया नया लेबर कोड?

अब तक देश में लागू श्रम कानून काफी पुराने हो चुके थे, जबकि आज के समय में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है, जैसे वर्क फ्रॉम होम और गिग इकॉनमी का बढ़ता चलन। इसी को ध्यान में रखते हुए नए लेबर कोड्स लाए गए हैं, जिनका उद्देश्य सिर्फ ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ भी सुनिश्चित करना है। नए नियमों के ज़रिए सिस्टम को डिजिटल, पारदर्शी और पूरे देश में एक समान बनाने की कोशिश की गई है, ताकि कर्मचारियों को कम जटिलताओं का सामना करना पड़े।

नए लेबर कोड को लेकर सबसे बड़ी चिंता इन-हैंड सैलरी और काम के घंटों को लेकर है। नए नियमों के अनुसार बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50% होना ज़रूरी होगा, जिससे पीएफ और ग्रैच्युटी में योगदान बढ़ेगा और हाथ में मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन इससे भविष्य की बचत मज़बूत होगी। वहीं काम के घंटों को लेकर हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे का नियम तय किया गया है, जिसे कंपनियां अपने अनुसार लागू कर सकती हैं, जैसे 8 घंटे रोज काम करने पर 6 दिन की वर्किंग या 12 घंटे की शिफ्ट में 4 दिन काम और 3 दिन की छुट्टी। यानी अब वर्किंग पैटर्न ज्यादा लचीला होगा, जो कंपनी और कर्मचारी की आपसी सहमति पर निर्भर करेगा।

ओवरटाइम और लीव एनकैशमेंट के नियमों को मिला सुरक्षित और मज़बूत अधिकार

नए लेबर कोड में कर्मचारियों के हक को ध्यान में रखते हुए ओवरटाइम और लीव एनकैशमेंट के नियमों को पहले से ज़्यादा स्पष्ट और मजबूत बना दिया गया है। अब तय समय से ज़्यादा काम करने पर कंपनी को दोगुना वेतन देना अनिवार्य होगा, जिससे कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त मेहनत का सही भुगतान मिलेगा। वहीं छुट्टियों को लेकर भी नियम साफ किए गए हैं, आप एक सीमित संख्या तक ही छुट्टियां आगे बढ़ा पाएंगे, जबकि उससे ज़्यादा बची छुट्टियों का पैसा देना कंपनी के लिए ज़रूरी होगा। यानी अब आपकी मेहनत और आपकी छुट्टियां दोनों की सही कदर होगी।

पीएफ नियमों में बदलाव: आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी पर आधारित

नए लेबर कोड के अनुसार पीएफ अब आपकी वास्तविक बेसिक सैलरी पर आधारित होगा, जिससे आपकी बचत का ढांचा और मजबूत बनेगा। खास बात यह है कि इसमें आपको विकल्प भी दिया गया है अगर आप करियर की शुरुआत में हैं और हाथ में ज़्यादा पैसा रखना चाहते हैं, तो ₹15,000 की न्यूनतम सीमा पर योगदान चुन सकते हैं। वहीं, अगर आप भविष्य के लिए बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना चाहते हैं, तो पूरी बेसिक सैलरी पर पीएफ जमा कर सकते हैं। यानी अब फैसला पूरी तरह आपके हाथ में होगा।

ग्रैच्युटी और महिलाओं के लिए नए मौके

नए लेबर कोड में फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट (FTC) कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी गई है। अब यदि वे सिर्फ एक साल का कॉन्ट्रैक्ट भी पूरा करते हैं, तो ग्रैच्युटी के हकदार होंगे, जो पहले संभव नहीं था। साथ ही, बेसिक सैलरी बढ़ने से ग्रैच्युटी की कुल राशि में भी इजाफा होगा। वहीं महिलाओं को लेकर भी नियम ज्यादा प्रगतिशील बनाए गए हैं, अब वे अपनी इच्छा से नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं, बशर्ते कंपनी उनकी सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और अन्य ज़रूरी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखे। इसके अलावा महिलाओं और थर्ड जेंडर की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी नियमों को सरल और समावेशी बनाया गया है।

image 21

क्रेच अलाउंस और ESIC में बड़ा बदलाव

नए लेबर कोड में कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्रेच अलाउंस का विकल्प जोड़ा गया है, जिससे अब कंपनियां क्रेच बनाने के बजाय कर्मचारियों को एक तय राशि दे सकती हैं, ताकि वे अपने घर के पास ही बच्चों की देखभाल की व्यवस्था कर सकें। वहीं ESIC के नियमों में भी बदलाव किया गया है ,अब इसका कैलकुलेशन ग्रॉस सैलरी की जगह वेजेस (बेसिक + डीए) पर होगा, जिससे कर्मचारियों का प्रीमियम कम और कवरेज ज्यादा हो सकता है। साथ ही, ESIC की सैलरी लिमिट ₹21,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की चर्चा है, जिससे अधिक लोगों को सरकारी मेडिकल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

नए लेबर कोड के फायदे और चुनौतियां 

नए लेबर कोड के साथ जहां कई फायदे जुड़े हैं, वहीं कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। एक तरफ पारदर्शिता बढ़ेगी, रिटायरमेंट सिक्योरिटी मजबूत होगी, गिग वर्कर्स को पहचान मिलेगी और महिलाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे, साथ ही डिजिटल सिस्टम से कामकाज आसान होगा। वहीं दूसरी ओर कंपनियों पर पीएफ और ग्रैच्युटी का खर्च बढ़ सकता है, जिससे शुरुआती समय में कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी थोड़ी कम महसूस हो सकती है। कुल मिलाकर, ये बदलाव भारत के वर्क कल्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिनके साथ तालमेल बैठाने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह सभी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: International Women’s Day 2026 (Hindi) पर जानिए कैसे वापस मिल सकता है महिलाओं को उनका सम्मान?

1अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया लेबर कोड से संबंधित मुख्य FAQs

1. नया लेबर कोड क्या है और इसमें क्या बदलाव हुए हैं?

नया लेबर कोड 29+ पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 कोड्स में बनाया गया है, जो वेज, सोशल सिक्योरिटी, इंडस्ट्रियल रिलेशन और वर्कप्लेस सेफ्टी को कवर करता है। 

2. क्या नए नियम से इन-हैंड सैलरी कम होगी?

बेसिक सैलरी 50% होने के नियम से PF और ग्रैच्युटी बढ़ेंगे, जिससे टेक-होम सैलरी थोड़ी कम दिख सकती है, लेकिन लंबी अवधि में फायदे ज्यादा होंगे। 

3. काम के घंटे बढ़ेंगे या कम होंगे?

नए कोड के तहत हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम तय है, लेकिन कंपनियां 8–12 घंटे की शिफ्ट के साथ फ्लेक्सिबल वर्किंग लागू कर सकती हैं। 

4. क्या ओवरटाइम का भुगतान बदलेगा?

तय समय से ज़्यादा काम करने पर कर्मचारी को कम से कम दोगुना वेतन देना अनिवार्य होगा। 

5. क्या नए लेबर कोड से सभी कर्मचारियों को फायदा होगा?

नए नियमों से कर्मचारियों को बेहतर सोशल सिक्योरिटी, यूनिफॉर्म नियम और पारदर्शिता मिलेगी, साथ ही गिग और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भी अधिकार मिलेंगे। 

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article The El Niño Warning: Why India Faces a Looming Drought Risk in Monsoon 2026 The El Niño Warning: Why India Faces a Looming Drought Risk in Monsoon 2026
Next Article नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी से खुलासा धरती पर बढ़ता दबाव नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी से खुलासा धरती पर बढ़ता दबाव, इंसानों की खपत से पृथ्वी का संतुलन खतरे में
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

U.S. Imposes 25% Tariff on Indian Goods: Key Facts

On July 30, 2025, President Donald Trump announced a 25% tariff on all Indian goods…

By SA News

पंजाब सरकार का नया प्लान: महिलाओं को 1100 रुपए नकद राशि की जगह मिलेगा ज़रूरी राशन

पंजाब सरकार का नया प्लान: पंजाब में महिलाओं को हर महीने एक हज़ार रुपये देने…

By Tuleshwar

Fatehabad: Where Administration Failed, Sant Rampal Ji Maharaj Became the Messiah; 13,200 Feet of Pipeline Sent Free to Gadli Village

Fatehabad, Haryana: When natural adversity combines with administrative failure, it is often humanity and spirituality…

By SA News

You Might Also Like

बाज़ार में भूचाल! गिरावट ने बढ़ाई हलचल, जानिए मार्च में क्या रहेगा रुख
Finance

बाज़ार में भूचाल! गिरावट ने बढ़ाई हलचल, जानिए मार्च में क्या रहेगा रुख

By SA News
Silver Loan India 2026: RBI Rules, LTV Limits, Eligibility & Application Guide
Finance

Silver Loan India 2026: RBI Rules, LTV Limits, Eligibility & Application Guide

By SA News
ATM Withdrawal Charges Increase from May 1, 2025, everything You Need to Know
Finance

ATM Withdrawal Charges Increase from May 1, 2025, everything You Need to Know

By SA News
Top Government Schemes To Strengthen Your Personal Finance 
BusinessFinance

Top Government Schemes To Strengthen Your Personal Finance 

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.