NCERT New Update 2026: भारत की शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों को लागू करते हुए, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) एक बेहद इनोवेटिव योजना लेकर आ रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NCERT अंडरग्रेजुएट (UG), पोस्टग्रेजुएट (PG) और रिसर्च (PhD) कर रहे छात्रों के लिए एक नया ‘मल्टीलिंगुअल टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ विकसित कर रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को ज़मीन पर उतारने के उद्देश्य से लाए जा रहे इस मॉडल के तहत, भावी शिक्षकों को इस तरह प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे स्कूलों में एक नहीं, बल्कि एक से अधिक भारतीय भाषाएं आसानी से पढ़ा सकें। आइए जानते हैं कि यह नया ट्रेनिंग प्रोग्राम भारत के स्कूलों की तस्वीर कैसे बदलेगा और शिक्षकों के लिए इसके क्या मायने हैं।
NCERT New Update 2026 मुख्य बिंदु:
- NCERT एक नया टीचर ट्रेनिंग मॉडल तैयार कर रहा है, जिसमें शिक्षकों को कई भाषाओं में पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
- यह प्रोग्राम विशेष रूप से अंडरग्रेजुएट (UG), पोस्टग्रेजुएट (PG) और रिसर्च/डॉक्टोरल छात्रों के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है।
- इसका मुख्य उद्देश्य ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020’ के तहत बहुभाषावाद को बढ़ावा देना है।
- इस ट्रेनिंग में केवल भाषा का ज्ञान ही नहीं, बल्कि ‘क्लासरूम पेडागॉजी’ पर भी खास जोर दिया जाएगा।
- यह मॉडल उन स्कूलों की सबसे बड़ी समस्या सुलझाएगा, जहाँ किसी विशेष भाषा को चुनने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम होती है।
- फिलहाल यह प्रोग्राम विकास के चरण में है; भाषाओं की संख्या और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी गाइडलाइंस जल्द जारी होंगी।
क्या है NCERT का ‘मल्टीलिंगुअल टीचर ट्रेनिंग’ प्रोग्राम?
भारत एक भाषाई विविधताओं वाला देश है, और NEP 2020 इस बात पर विशेष जोर देती है कि शुरुआती वर्षों में बच्चों को उनकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा मिलनी चाहिए। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए, NCERT की डीम्ड यूनिवर्सिटी एक ऐसा शैक्षणिक ढांचा तैयार कर रही है, जहाँ शिक्षकों को एक से ज्यादा भाषाओं में निपुण बनाया जाएगा।
इस प्रस्तावित प्रोग्राम के तहत, ट्रेनिंग केवल इस बात तक सीमित नहीं होगी कि कोई छात्र कितनी भाषाएं बोल सकता है; बल्कि इसमें यह भी सिखाया जाएगा कि उन भाषाओं को कक्षा के माहौल में एक विषय के रूप में प्रभावी ढंग से कैसे पढ़ाया जाए (Classroom Pedagogy)। प्रासंगिक पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्र स्कूली शिक्षण के योग्य बन सकेंगे, जबकि रिसर्च (Doctoral) कर रहे छात्र शिक्षक शिक्षा और शैक्षिक अनुसंधान में अपना करियर बना सकेंगे।
स्कूलों की एक बड़ी व्यावहारिक समस्या का होगा समाधान
अक्सर यह देखा जाता है कि देश के कई स्कूलों में किसी विशेष भारतीय भाषा को पढ़ने वाले छात्रों की संख्या मुट्ठी भर होती है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन के लिए केवल कुछ छात्रों को पढ़ाने के लिए एक अलग फुल-टाइम भाषा शिक्षक नियुक्त करना वित्तीय और व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता।
NCERT का मानना है कि मल्टीलिंगुअल टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम इसी व्यावहारिक चुनौती (Practical Challenge) को खत्म करेगा। अगर एक ही शिक्षक दो या तीन भाषाओं में पारंगत होगा, तो स्कूल प्रबंधन उसी शिक्षक का उपयोग कई भाषाओं की कक्षाएं लेने के लिए कर सकेगा। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और छात्रों को भाषा चुनने के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
प्रोग्राम की योग्यता और आगे की प्रक्रिया (What’s Next?)
NCERT का यह मल्टीलिंगुअल प्रोग्राम अभी ड्राफ्टिंग और विकास के चरण में है। हालांकि यह स्पष्ट है कि UG, PG और रिसर्च लेवल के छात्र इस ट्रेनिंग का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन NCERT ने अभी तक कुछ प्रमुख विवरणों को अंतिम रूप नहीं दिया है। अधिकारियों को अभी यह तय करना है कि एक शिक्षक को अधिकतम कितनी भाषाओं में प्रशिक्षित किया जा सकता है, प्रत्येक भाषा के लिए दक्षता का स्तर क्या होगा, और प्रवेश की प्रक्रिया कैसे काम करेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रोग्राम को सही ढांचे के साथ लागू किया गया, तो यह भारत में भाषाओं को बचाने और पढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन या योग्यता से जुड़ी किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए NCERT की वेबसाइट का इंतज़ार करें।
FAQs about NCERT New Update 2026
1. NCERT का नया ‘मल्टीलिंगुअल टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ क्या है?
यह एक प्रस्तावित ट्रेनिंग मॉडल है जिसके तहत शिक्षकों को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे स्कूलों में एक से अधिक भाषाएं (Multiple Languages) पढ़ाने में सक्षम हो सकें।
2. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए कौन से छात्र पात्र होंगे?
शुरुआती प्रस्ताव के अनुसार, NCERT यूनिवर्सिटी के तहत अंडरग्रेजुएट (UG), पोस्टग्रेजुएट (PG) और रिसर्च की पढ़ाई कर रहे छात्र इस प्रोग्राम का हिस्सा बन सकेंगे।
3. NCERT यह नया मॉडल क्यों ला रहा है?
इसका मुख्य उद्देश्य ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020’ के तहत बहुभाषावाद को बढ़ावा देना है और स्कूलों में अलग-अलग भाषाओं के लिए अलग शिक्षक नियुक्त करने की व्यावहारिक समस्या को हल करना है।
4. क्या इस प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं?
नहीं, अभी यह प्रोग्राम विकास के चरण में है। प्रवेश प्रक्रिया, कोर्स की अवधि और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों की आधिकारिक घोषणा NCERT द्वारा जल्द ही की जाएगी।
5. क्या इस प्रोग्राम में केवल भाषा बोलना सिखाया जाएगा?
नहीं, इस प्रोग्राम में भाषा के ज्ञान के साथ-साथ ‘क्लासरूम पेडागॉजी’ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

