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Home » Meta CSAM Ads Issue: भारत सरकार हुई सख्त, मेटा को इंस्टाग्राम से ‘बाल यौन शोषण’ वाले विज्ञापन तुरंत हटाने का दिया आदेश, मांगा 7 दिन में जवाब 

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Meta CSAM Ads Issue: भारत सरकार हुई सख्त, मेटा को इंस्टाग्राम से ‘बाल यौन शोषण’ वाले विज्ञापन तुरंत हटाने का दिया आदेश, मांगा 7 दिन में जवाब 

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Last updated: July 12, 2026 12:28 pm
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Meta CSAM Ads 2026
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को एक कड़ा नोटिस जारी किया है। भारत सरकार ने कंपनी को इंस्टाग्राम पर उन सभी विज्ञापनों और सामग्री को तुरंत प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है, जो बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा देते हैं या उस तक पहुंच को आसान बनाते हैं। इसके साथ ही, सरकार ने मेटा से सात दिनों के भीतर एक विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है कि आखिर ऐसे घिनौने विज्ञापन उनके प्लेटफॉर्म की स्वचालित निगरानी प्रणाली से कैसे बचकर लाइव हो गए।

Contents
  • Meta CSAM Ads Issue से जुड़े मुख्य बिंदु:
  • मेटा का आधिकारिक बयान 
  • सरकार का सख्त रुख और भविष्य की कार्रवाई
  • FAQs about Meta CSAM Ads Issue

Meta CSAM Ads Issue से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • भारत सरकार ने इंस्टाग्राम के ‘एल्गोरिदम’ द्वारा यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा दिए जाने के मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा और बाल अपराध की दृष्टि से बेहद गंभीरता से लिया।
  • आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद मेटा को नोटिस जारी कर सात दिन में विस्तृत जवाब मांगा।
  • मामला ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर (BBC) की एक हालिया खोजी रिपोर्ट के बाद उजागर हुआ है, जिसमें इंस्टाग्राम पर चल रहे आपत्तिजनक विज्ञापनों का पर्दाफाश किया गया था।
  • इन विज्ञापनों के जरिए इंस्टाग्राम के यूजर्स को बाहरी मैसेजिंग ऐप ‘टेलीग्राम’ के उन चैनल्स पर भेजा जा रहा था, जहां यह अवैध सामग्री बेची जा रही थी।
  • मेटा ने अपनी सफाई में दावा किया है कि उसने एडवांस एआई (AI) तकनीक की मदद से पिछले छह महीनों में भारत में ऐसे 1 लाख 60 हजार से अधिक संदिग्ध अकाउंट्स हटाए हैं।

मेटा का आधिकारिक बयान 

मेटा के प्रवक्ता ने जुलाई 2026 में एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि उनकी कंपनी की बाल यौन शोषण सामग्री पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। मेटा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रिपोर्ट सामने आने से पहले ही कई विज्ञापनों और उन्हें चलाने वाले अकाउंट्स को हटा दिया था। कंपनी अब अपना एआई (AI) डिफेंस सिस्टम और भी ज्यादा मजबूत कर रही है ताकि साइबर अपराधियों को प्लेटफॉर्म से पूरी तरह बाहर किया जा सके।

सरकार का सख्त रुख और भविष्य की कार्रवाई

भारतीय आईटी नियम 2021 (IT Rules 2021) के तहत सोशल मीडिया कंपनियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की अवैध और बाल शोषण से जुड़ी सामग्री की पहचान कर उसे तुरंत ब्लॉक करें।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मेटा सात दिनों के भीतर पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है या भविष्य में इन विज्ञापनों को रोकने में विफल रहती है, तो उसे आईटी एक्ट 2000 की धारा 79 के तहत मिली ‘थर्ड-पार्टी छूट’ से हाथ धोना पड़ सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी भी अवैध सामग्री के लिए कंपनी और उसके अधिकारियों पर सीधे तौर पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा सकेंगे। सरकार ने इसके अलावा गृह मंत्रालय के ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर भी इस तरह की शिकायतों को उच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

FAQs about Meta CSAM Ads Issue

1. भारत सरकार ने मेटा को नोटिस क्यों भेजा है?

सरकार ने इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) का प्रचार करने वाले विज्ञापनों को रोकने में विफलता के कारण मेटा को यह सख्त नोटिस भेजा है।

2. इस पूरे मामले का खुलासा कैसे हुआ?

इस गंभीर मामले का खुलासा जुलाई 2026 की शुरुआत में बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट के जरिए हुआ था।

3. इन विज्ञापनों के जरिए अपराधियों का क्या नेटवर्क था?

अपराधी इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापन चलाकर यूजर्स को टेलीग्राम के उन ग्रुप्स तक ले जाते थे, जहां अवैध सामग्री बेची जा रही थी।

4. सरकार ने मेटा को जवाब देने के लिए कितना समय दिया है?

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने मेटा को विस्तृत स्पष्टीकरण और सुधारात्मक रिपोर्ट जमा करने के लिए मात्र सात दिन का समय दिया है।

5. इस मामले पर मेटा की क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया रही है?

मेटा ने दावा किया है कि वह ऐसी सामग्री पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति रखता है और एआई (AI) के ज़रिए लाखों संदिग्ध अकाउंट्स लगातार हटाए जा रहे हैं।

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