SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में कोयला खदान हादसा, धमाके में 16 मजदूरों की मौत

Local

मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में कोयला खदान हादसा, धमाके में 16 मजदूरों की मौत

SA News
Last updated: February 6, 2026 11:15 am
SA News
Share
मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में कोयला खदान हादसा
SHARE

मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक कोयला खदान में भीषण हादसा हो गया। खदान के भीतर हुए जोरदार धमाके में 16 मजदूरों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, ताशखाई क्षेत्र की इस कोयला खदान में धमाके के समय कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे, जो इसकी चपेट में आ गए। अब तक 16 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य मजदूरों के अब भी खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक मजदूरों के असम के निवासी होने की बात सामने आई है।

Contents
  • DGP आई नोंगरंग ने दी घटना की जानकारी
  • मेघालय में रैट-होल माइनिंग पर पहले से प्रतिबंध
  • ऐसे हादसों से बचने का एकमात्र उपाय
  • मेघालय कोयला खदान हादसा पर FAQs 

DGP आई नोंगरंग ने दी घटना की जानकारी

मेघालय के पुलिस महानिदेशक (DGP) आई नोंगरंग ने बताया कि यह हादसा ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में स्थित ताशखाई कोयला खदान में हुआ। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है, जिसमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें जुटी हुई हैं।

DGP के अनुसार, अभी तक 16 शव बरामद किए गए हैं, लेकिन हादसे के समय खदान में कितने लोग मौजूद थे, इसकी सही जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। आशंका है कि कई मजदूर अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं। प्रशासन ने धमाके के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव या किसी तकनीकी खराबी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि पूरी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

Also Read: New Labour Codes 2025 लागू: 21 नवंबर से देशभर में बदले श्रम कानून, जानिए वर्कर्स, महिलाओं और गिग वर्कर्स पर क्या पड़ेगा असर

मेघालय में रैट-होल माइनिंग पर पहले से प्रतिबंध

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह खदान रैट-होल माइनिंग से जुड़ी थी, जिसे अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्योंकि इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था।

रैट-होल माइनिंग में बेहद संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनकी ऊंचाई आमतौर पर 3 से 4 फीट होती है, ताकि मजदूर अंदर घुसकर कोयला निकाल सकें। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को उचित ठहराया था।

Also Read: कैसे हुई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत, क्या है इसका महत्व?

ऐसे हादसों से बचने का एकमात्र उपाय

इस तरह की अप्रिय घटनाओ से बचने का एकमात्र उपाय है सतभक्ति । यदि आप भी सुरक्षित रहना चाहते हैं, और ऐसी अप्रिय घटनाओं का शिकार नहीं बनना चाहते हैं तो पूर्ण परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए । सतभक्ति प्राप्त करने के लिए तत्वदर्शी संत की आवश्यकता होती है । वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज ही एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जो सर्व शास्त्रों के अनुसार सतभक्ति प्रदान कर रहे हैं । प्रसिद्ध भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों में संत रामपाल जी महाराज के बारे में कहा गया है कि वो प्राकृतिक परिवर्तन भी कर सकते हैं । वेदों में परमात्मा की महिमा बताते हुए कहा गया है कि पूर्ण परमात्मा साधक की आयु भी बढ़ा देता है, रोगी को रोगमुक्त कर देता है । ऐसे अनेकों उदाहरण मौजूद हैं, जिन्होंने संत रामपाल जी महाराज से दीक्षा प्राप्त की और ये सब सुख प्राप्त हुए । आप इन्हे यूट्यूब पर देख सकते हैं । संत रामपाल जी महाराज के यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करने के लिए लिंक पर क्लिक करें ।  

मेघालय कोयला खदान हादसा पर FAQs 

Q1. मेघालय में कोयला खदान हादसा कहां हुआ?

यह हादसा मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के ताशखाई क्षेत्र में हुआ।

Q2. हादसे में कितने मजदूरों की मौत हुई है?

अब तक 16 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।

Q3. धमाके के समय क्या मजदूर खदान के अंदर थे?

हां, धमाके के समय कई मजदूर खदान के भीतर काम कर रहे थे।

Q4. हादसे की संभावित वजह क्या मानी जा रही है?

प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को कारण माना जा रहा है।

Q5. रैट-होल माइनिंग पर मेघालय में प्रतिबंध क्यों है?

पर्यावरण को नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा को खतरा होने के कारण NGT ने 2014 में इस पर प्रतिबंध लगाया था।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article Khabda Kala Waterlogging Crisis: Farmers’ Suffering Continuing Since 2013 Solved by Sant Rampal Ji Maharaj Khabda Kala Waterlogging Crisis: Farmers’ Suffering Continuing Since 2013 Solved by Sant Rampal Ji Maharaj
Next Article महंगाई की मार: भ्रष्टाचार, युद्ध और व्यवस्था की कीमत चुका रहा आम आदमी महंगाई की मार: भ्रष्टाचार, युद्ध और व्यवस्था की कीमत चुका रहा आम आदमी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

India’s First World-Class City: Andhra Pradesh Unveils ₹64,000 Cr Plan for Amaravati Capital

In a historic move that could redefine urban development in India, Andhra Pradesh has officially…

By SA News

Apple Event 2024: iPhone 16 Series हुई लॉन्च, जानें फीचर्स से लेकर कीमत तक की सारी डिटेल

एप्पल फैंस का इंतज़ार हुआ खत्म! एक लंबे समयांतराल के बाद Apple ने iPhone 16…

By SA News

Divine Grace of Sant Rampal Ji Maharaj Rescues Luksar, Jhajjar from a ₹30 Crore Flood Catastrophe

The village of Luksar in Badli Tehsil, Jhajjar District, Haryana, was witnessing a slow-motion catastrophe…

By SA News

You Might Also Like

Moga Sex Scandal मोगा कांड में इंसाफ पुलिस की वर्दी पर लगा दाग, 4 अफसरों को जेल और जुर्माना
Local

Moga Sex Scandal: मोगा कांड में इंसाफ: पुलिस की वर्दी पर लगा दाग, 4 अफसरों को जेल और जुर्माना

By SA News
आंध्र प्रदेश सरकार ने मुस्लिम वक्फ बोर्ड भंग किया, राजनीतिक हलचल तेज
Local

आंध्र प्रदेश सरकार ने मुस्लिम वक्फ बोर्ड भंग किया, राजनीतिक हलचल तेज

By SA News
बिहार का मखाना: किसानों की मेहनत, कंपनियों का मुनाफा और MSP की ज़रूरत
Local

बिहार का मखाना: किसानों की मेहनत, कंपनियों का मुनाफा और MSP की ज़रूरत

By SA News
Delhi Government Launches Full-Day AC Bus Tour to Top Tourist Spots
LifestyleLocal

Delhi Government Launches Full-Day AC Bus Tour to Top Tourist Spots

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.