SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » कम उम्र में ज़्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की पढ़ाई और याददाश्त पर डाल सकता है असर

Lifestyle

कम उम्र में ज़्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की पढ़ाई और याददाश्त पर डाल सकता है असर

SA News
Last updated: August 30, 2026 12:15 pm
SA News
Share
कम उम्र में ज़्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की पढ़ाई और याददाश्त पर डाल सकता है असर
SHARE

आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, मनोरंजन, ऑनलाइन पेमेंट और रोज़मर्रा के कई कामों के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जब बात छोटे बच्चों की आती है, तो स्क्रीन टाइम को लेकर सावधानी बरतना ज़रूरी हो जाता है। कम उम्र में लंबे समय तक स्मार्टफोन या दूसरी स्क्रीन देखने की आदत बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है।

Contents
  • कम उम्र में बच्चों को स्मार्टफोन देने से पढ़ाई और मस्तिष्क पर पड़ सकता है असर से संबंधित मुख्य बिंदु 
  • 502 बच्चों पर किया गया अध्ययन
  • सिर्फ स्क्रीन टाइम नहीं, उम्र भी महत्वपूर्ण
  • स्क्रीन के कारण दूसरी गतिविधियों के लिए कम समय
  • भाषा विकास से भी जुड़ा है स्क्रीन टाइम
  • ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर भी असर की चिंता
  • बच्चों को स्मार्टफोन देने में बरतें सावधानी
  • कम उम्र में बच्चों को स्मार्टफोन देने से पढ़ाई और मस्तिष्क पर पड़ सकता है असर से संबंधित मुख्य FAQs 

एक नई रिसर्च ने बच्चों के स्क्रीन टाइम और आगे चलकर उनकी पढ़ाई तथा वर्किंग मेमोरी के बीच संबंध को लेकर चिंता बढ़ाई है। Inserm और National University of Singapore के शोधकर्ताओं ने बच्चों में अलग-अलग उम्र में स्क्रीन के इस्तेमाल और बाद के वर्षों में उनके संज्ञानात्मक प्रदर्शन के बीच संबंध को समझने की कोशिश की।

कम उम्र में बच्चों को स्मार्टफोन देने से पढ़ाई और मस्तिष्क पर पड़ सकता है असर से संबंधित मुख्य बिंदु 

1. कम उम्र में ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकता है।

2. 502 बच्चों पर स्क्रीन टाइम से जुड़ी रिसर्च की गई।

3. एक वर्ष की उम्र में ज्यादा स्क्रीन देखने का पढ़ाई पर असर देखा गया।

4. अधिक स्क्रीन टाइम का वर्किंग मेमोरी कमजोर होने से संबंध मिला।

5. करीब 6 वर्ष की उम्र में भी स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर चिंता सामने आई।

6. खेल, पढ़ाई और परिवार के साथ समय बिताना बच्चों के लिए जरूरी है।

यह भी पढ़ें : BWF World Championship में Treesa-Gayatri का जलवा: कांस्य पदक से बढ़ाया भारत का मान, युवाओं को मिली नई प्रेरणा

502 बच्चों पर किया गया अध्ययन

शोधकर्ताओं ने Growing Up in Singapore Towards Healthy Outcomes यानी GUSTO बर्थ कोहोर्ट में शामिल 502 बच्चों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। बच्चों के अलग-अलग उम्र में स्क्रीन देखने में बिताए गए समय की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद 9 वर्ष की उम्र में उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और लगभग 10.5 वर्ष की उम्र में वर्किंग मेमोरी का आकलन किया गया।

वर्किंग मेमोरी दिमाग की वह क्षमता है, जिसकी मदद से व्यक्ति किसी जानकारी को थोड़े समय तक याद रखता है और जरूरत के अनुसार उसका इस्तेमाल करता है। पढ़ाई, सवाल हल करने, निर्देशों को समझने और नई जानकारी सीखने में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है।

सिर्फ स्क्रीन टाइम नहीं, उम्र भी महत्वपूर्ण

इस अध्ययन की खास बात यह रही कि शोधकर्ताओं ने केवल यह नहीं देखा कि बच्चे कुल कितने घंटे स्क्रीन देखते हैं। उन्होंने छह अलग-अलग उम्र में बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल का अध्ययन किया। इसका उद्देश्य यह समझना था कि बचपन के किस चरण में स्क्रीन का अधिक संपर्क आगे चलकर ज्यादा प्रभाव डाल सकता है।

रिसर्च में पाया गया कि शैशवावस्था और शुरुआती बचपन के दौरान अधिक स्क्रीन इस्तेमाल का बाद में कमजोर शैक्षणिक प्रदर्शन और वर्किंग मेमोरी से संबंध देखा गया। खास तौर पर करीब 1 वर्ष की उम्र में ज्यादा स्क्रीन देखने वाले बच्चों में आगे चलकर पढ़ाई से जुड़े कमजोर परिणाम और वर्किंग मेमोरी की कम क्षमता देखने को मिली।

लगभग 6 वर्ष की उम्र में स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर भी इसी तरह के नकारात्मक संबंध सामने आए। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती बचपन और स्कूल जाने के शुरुआती वर्ष बच्चों के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

स्क्रीन के कारण दूसरी गतिविधियों के लिए कम समय

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसके पीछे एक संभावित वजह यह हो सकती है कि स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बच्चों को विकास में मदद करने वाली दूसरी गतिविधियों के लिए कम समय मिलता है। छोटे बच्चों के लिए खेलना, किताबें पढ़ना, बातचीत करना, शारीरिक गतिविधियां करना और माता-पिता के साथ समय बिताना सीखने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

अगर बच्चा इन गतिविधियों की जगह लंबे समय तक मोबाइल या दूसरी स्क्रीन में व्यस्त रहता है, तो उसके सीखने और सामाजिक विकास के अवसर कम हो सकते हैं। हालांकि, इस तरह के अध्ययन से केवल संबंध सामने आता है और इसे सीधे तौर पर यह प्रमाण नहीं माना जा सकता कि स्क्रीन ही इन समस्याओं का एकमात्र कारण है।

भाषा विकास से भी जुड़ा है स्क्रीन टाइम

स्क्रीन टाइम को लेकर पहले भी कई शोध सामने आ चुके हैं। वर्ष 2020 में शोधकर्ताओं ने 18,905 बच्चों से जुड़े 42 अध्ययनों की समीक्षा की थी। इसमें ज़्यादा स्क्रीन इस्तेमाल और कमजोर भाषा कौशल के बीच संबंध पाया गया था।

हालांकि, इस शोध में यह भी सामने आया कि स्क्रीन की सामग्री और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक सामग्री देखने और माता-पिता के साथ स्क्रीन का इस्तेमाल करने का संबंध बेहतर भाषा कौशल से पाया गया था। वहीं, बाद की उम्र में स्क्रीन का इस्तेमाल शुरू करने वाले बच्चों में भाषा कौशल अपेक्षाकृत मजबूत पाया गया।

ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर भी असर की चिंता

वर्ष 2023 में किए गए एक अन्य अध्ययन में छोटे बच्चों से संबंधित 15 अध्ययनों की समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य स्क्रीन के अधिक इस्तेमाल और ध्यान संबंधी समस्याओं के बीच संभावित संबंध को समझना था।

समीक्षा किए गए पांच अल्पकालिक अध्ययनों में स्क्रीन के अधिक इस्तेमाल और ध्यान संबंधी कठिनाइयों के बीच संबंध पाया गया। लंबे समय तक बच्चों का अध्ययन करने वाले 10 अध्ययनों में से छह में शुरुआती स्क्रीन इस्तेमाल और बाद में ध्यान संबंधी समस्याओं के बीच संबंध मिला, जबकि चार अध्ययनों में स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया।

बच्चों को स्मार्टफोन देने में बरतें सावधानी

इन शोधों से यह संकेत मिलता है कि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम केवल घंटों की संख्या का सवाल नहीं है। बच्चे की उम्र, स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली सामग्री, इस्तेमाल की अवधि और माता-पिता की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

छोटे बच्चों को व्यस्त रखने के लिए हर बार स्मार्टफोन देना उचित नहीं माना जाता। माता-पिता बच्चों को खेल, किताबों, बातचीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल कर सकते हैं। यदि स्क्रीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उम्र के अनुसार उपयुक्त सामग्री चुनना और बच्चे के साथ मिलकर स्क्रीन देखना बेहतर तरीका हो सकता है।

कुल मिलाकर, नई रिसर्च कम उम्र में अत्यधिक स्क्रीन एक्सपोजर को लेकर सावधानी बरतने का संकेत देती है। बच्चों के सीखने, याद रखने, भाषा विकास और ध्यान जैसी क्षमताओं के लिए संतुलित दिनचर्या और स्क्रीन के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय देना महत्वपूर्ण है।

कम उम्र में बच्चों को स्मार्टफोन देने से पढ़ाई और मस्तिष्क पर पड़ सकता है असर से संबंधित मुख्य FAQs 

1. बच्चों के लिए ज़्यादा स्क्रीन टाइम क्यों चिंता का विषय है?

ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों की पढ़ाई, वर्किंग मेमोरी, भाषा और ध्यान संबंधी क्षमताओं पर नकारात्मक प्रभाव कर सकती है।

2. रिसर्च में कितने बच्चों को शामिल किया गया था?

इस अध्ययन में GUSTO बर्थ कोहोर्ट के 502 बच्चों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

3. किस उम्र में स्क्रीन टाइम ज़्यादा संवेदनशील माना गया?

अध्ययन में खास तौर पर करीब 1 वर्ष और 6 वर्ष की उम्र में अधिक स्क्रीन इस्तेमाल से बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। 

4. वर्किंग मेमोरी क्या होती है?

वर्किंग मेमोरी दिमाग की वह क्षमता है, जिससे व्यक्ति थोड़े समय के लिए जानकारी को याद रखकर उसे इस्तेमाल कर पाता है।

5. क्या स्क्रीन की सामग्री भी बच्चों को प्रभावित करती है?

हां, स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली सामग्री और उसे देखने का तरीका भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शैक्षणिक सामग्री और माता-पिता की भागीदारी बेहतर परिणाम मिल सकता है।

6. बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?

बच्चों को खेल, किताब पढ़ने, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ बातचीत के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article WhatsApp Phishing: WhatsApp Adds Multiple Passkeys to Strengthen Security WhatsApp Strengthens Phishing Protection With Multiple Passkeys and Stronger Security
Next Article SATHEE Portal 2026: Free Government Coaching for JEE, NEET, SSC, CUET & More SATHEE Portal: Government’s Free Coaching Platform for JEE, NEET, SSC, CUET and More — Features, Login, Benefits and Future Plans
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

Sadhan Village in Agra Receives Permanent Flood Relief Under Kisan Mazdoor Bachao Abhiyan Phase 2 From Sant Rampal Ji Maharaj

For years, farmers in Sadhan Village, Kiraoli Tehsil, Agra district, Uttar Pradesh, struggled with severe…

By SA News

Maratha Military Forts Now Part of UNESCO World Heritage – A Moment of Great Pride for India

India has added another glorious feather to its already rich cultural and historical heritage. In…

By SA News

Kablana Farmers Resume Cultivation After Years of Waterlogging in Jhajjar

Kablana village in Jhajjar district of Haryana, known for its historical and spiritual significance, has…

By SA News

You Might Also Like

कम आय में पैसे कैसे बचाएं? जानिए 5 असरदार तरीके
Lifestyle

कम आय में पैसे कैसे बचाएं? जानिए 5 असरदार तरीके

By SA News
The Science of Sound and Silence: Mastering Modern Communication
Lifestyle

The Science of Sound and Silence: Mastering Modern Communication

By SA News
मानवता की सेवा सर्वश्रेष्ठ कार्य
Lifestyle

मानवता की सेवा : सर्वश्रेष्ठ कार्य

By SA News
Grandparents Day 2025 Date, History & Modern Significance
Lifestyle

Grandparents Day 2025: Date, History & Modern Significance

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.