SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » इज़राइल-लेबनान युद्धविराम समझौता लागू: स्थायी शांति की ओर बढ़ा पहला कदम

World

इज़राइल-लेबनान युद्धविराम समझौता लागू: स्थायी शांति की ओर बढ़ा पहला कदम

SA News
Last updated: December 6, 2024 12:45 pm
SA News
Share
इज़राइल-लेबनान युद्धविराम समझौता लागू: स्थायी शांति की ओर बढ़ा पहला कदम
SHARE

नई दिल्ली: 13 महीने से जारी इज़राइल और लेबनान के बीच हिंसा को समाप्त करने के लिए बुधवार को युद्धविराम समझौता लागू हो गया। यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने “स्थायी शांति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम” बताया। यह युद्धविराम बुधवार सुबह 4 बजे (स्थानीय समयानुसार) और भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे प्रभाव में आया।

Contents
  • समझौते की प्रमुख शर्तें
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 का आधार 
  • इज़राइल और हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रियाएं
  • स्थानीय और क्षेत्रीय प्रभाव
  • भारत की प्रतिक्रिया
  • संत रामपाल जी महाराज और इस युद्ध विराम का संबंध 

समझौते की प्रमुख शर्तें

इस युद्धविराम के तहत हिज़्बुल्लाह को इज़राइल-लेबनान सीमा से 40 किलोमीटर पीछे हटना होगा। इसी तरह, इज़राइली सेना को भी लेबनानी क्षेत्र से पूरी तरह हटने की शर्त रखी गई है। समझौते की अवधि 60 दिनों की है, जिसमें दोनों पक्षों को सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियां रोकनी होंगी। इसके बाद, लेबनानी सेना दक्षिणी क्षेत्र में 5,000 जवानों की तैनाती करेगी और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की निगरानी में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हिज़्बुल्लाह इस क्षेत्र में पुनः हथियार न बनाए या जमा करे।

Today, I have good news to report from the Middle East.

I have spoken to the Prime Ministers of Lebanon and Israel. And I am pleased to announce:

They have accepted the United States’ proposal to end the devastating conflict between Israel and Hezbollah.

— President Biden (@POTUS) November 26, 2024

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 का आधार 

यह समझौता 2006 के युद्ध के बाद बने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव 1701 पर आधारित है। इस प्रस्ताव के अनुसार, लिटानी नदी के दक्षिण का क्षेत्र सिर्फ लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों द्वारा हथियारों से संरक्षित होगा। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इज़राइल का कहना है कि हिज़्बुल्लाह ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य संरचना बनाई, जबकि लेबनान का आरोप है कि इज़राइली विमानों ने उनकी वायु सीमा का उल्लंघन किया।

इज़राइल और हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रियाएं

इज़राइल ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इस समझौते को अपने सुरक्षा मंत्रिमंडल में 10-1 वोट से मंजूरी दी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “यह समझौता क्षेत्र में शांति बहाल करेगा, लेकिन यदि हिज़्बुल्लाह इसका उल्लंघन करता है, तो इज़राइल पूरी ताकत से जवाब देगा।”

दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने भी इस समझौते को स्वीकार किया। इसके राजनीतिक परिषद के उपाध्यक्ष महमूद कमाती ने कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता के समझौते पर नहीं।” अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस समझौते का स्वागत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, “यह दिखाता है कि शांति संभव है। अगले 60 दिनों में इज़राइल अपनी सेना वापस बुलाएगा और दोनों देशों के नागरिक अपने घर लौटकर फिर से जीवन शुरू कर पाएंगे।”

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “लेबनान में हिंसा रोकने और इज़राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम” बताया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे “देर से लिया गया, लेकिन आवश्यक निर्णय” कहते हुए युद्ध से प्रभावित नागरिकों के लिए राहत की उम्मीद जताई।

स्थानीय और क्षेत्रीय प्रभाव

इस युद्धविराम से दक्षिण लेबनान के लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। युद्ध के दौरान अपने घरों को छोड़ने वाले कई परिवार अब जश्न मनाते हुए अपने गांवों में लौट रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के नागरिकों को न केवल सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें पुनर्निर्माण और सामान्य जीवन शुरू करने का अवसर भी देगा।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इस समझौते का स्वागत किया और कहा कि वह हमेशा शांति और बातचीत का पक्षधर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम” बताया।

संत रामपाल जी महाराज और इस युद्ध विराम का संबंध 

संत रामपाल जी के अनुसार, संसार का कल्याण युद्ध और हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, भाईचारे और भक्ति के माध्यम से संभव है। उनके अनुसार, जब समाज में पाप और भ्रष्टाचार का बोलबाला होता है, तब संतों का आगमन होता है, जो मानवता को सही मार्ग दिखाते हैं और युद्धों से परे एक शांतिपूर्ण जीवन का आदर्श प्रस्तुत करते हैं और संसार को मोक्ष मार्ग प्रदान करते हैं। 

संत रामपाल जी महाराज ही विश्व में शांति लाने वाले संत हैं इसके समर्थन में निम्न भविष्यवाणियां हैं :

1. इंग्लैंड के ज्योतिषी कीरो ने 1925 में लिखी एक पुस्तक में भविष्यवाणी की थी – 20वीं सदी के उत्तरार्ध यानी 2000 ई. में (वर्ष 1950 के बाद) जन्मा कोई संत ही दुनिया में ‘नई सभ्यता’ लाएगा, जो पूरे विश्व में फैल जाएगी। भारत का वह एक व्यक्ति पूरे विश्व में ज्ञान की क्रांति लाएगा।

2. भविष्यवक्ता “श्री वेजीलेटिन” के अनुसार, 20वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में परस्पर प्रेम का अभाव, मानवता का पतन, धन-संपत्ति, लूट-खसोट की होड़, अन्यायी राजनीतिज्ञ आदि अनेक विपत्तियाँ देखने को मिलेंगी। लेकिन भारत से उत्पन्न शांति और भाईचारे पर आधारित एक नई सभ्यता देश, राज्य और जाति की सीमाओं को तोड़कर पूरे विश्व में शांति और संतोष को जन्म देगी।

3. अमेरिका की महिला ज्योतिषी “जीन डिक्सन” के अनुसार 20वीं सदी के अंत से पहले दुनिया में मानव जाति का बहुत बड़ा नरसंहार और विनाश होगा। वैचारिक युद्ध के बाद, संभवतः एक ग्रामीण परिवार के भारतीय व्यक्ति के नेतृत्व में अध्यात्मवाद पर आधारित एक नई सभ्यता का उदय होगा और दुनिया से युद्धों को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा।

4. अमेरिका के “मिस्टर एंडरसन” के अनुसार 20वीं सदी के अंत से पहले या 21वीं सदी के पहले दशक में दुनिया में असभ्यता का नंगा नाच होगा। इस बीच एक धार्मिक ग्रामीण भारतीय एक मानव जाति, एक भाषा और एक ध्वज के सिद्धांतों पर संविधान तैयार करके नैतिकता, उदारता, मानव सेवा और प्रेम का पाठ पढ़ाएगा। 1999 तक यह मसीहा आने वाले हजारों वर्षों के लिए पूरे विश्व को धर्म, सुख और शांति से भर देगा।

अधिक जानकारी के लिए पढिए: https://www.jagatgururampalji.org/en/sant-rampal-ji-maharaj/more-prophecies-about-sant-rampal-ji-maharaj

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article सूक्ष्म शरीर में रंगो के रुप में विद्यमान है शक्ति भंडार सूक्ष्म शरीर में रंगो के रुप में विद्यमान है शक्ति भंडार
Next Article History of World War 1 The War to End All Wars History of World War 1: The War to End All Wars
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा में चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों का नामांकन – लोकतंत्र और विविधता का सम्मान

भारत के संविधान में प्रदत्त विशेष अधिकारों के अंतर्गत हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू…

By SA News

भारत का आत्मविश्वासी रुख: “जल्दबाज़ी या दबाव में नहीं होंगे व्यापार समझौते” – पीयूष गोयल का बर्लिन से स्पष्ट संदेश

बर्लिन, 25 अक्टूबर 2025: भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Berlin Global…

By SA News

How Saint Rampal Ji Maharaj Turned Mockery into Reality in Baghdu Village

This is the account of Baghdu village, located in Tehsil Sonipat of Sonipat district in…

By SA News

You Might Also Like

पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में अफगानिस्तान में 10 की मौत, क्रिकेट खिलाड़ियों समेत कई घायल
Hindi NewsWorld

पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में अफगानिस्तान में 10 की मौत, क्रिकेट खिलाड़ियों समेत कई घायल

By Parav Choudhary
India beat Japan to Become the World’s Fourth-Largest Economy
World

India beat Japan to Become the World’s Fourth-Largest Economy

By SA News
Trump Imposes 145% Tariffs on Chinese Imports What It Means for Global Trade
World

Trump Imposes 145% Tariffs on Chinese Imports: What It Means for Global Trade

By SA News
nepal-pro-monarchy-protest-clash-in-kathmandu-vehicles-torched-curfew-in-many-areas-hindi
WorldHindi News

नेपाल में राजशाही को लेकर सड़कों में उतरे लोग, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प कई इलाकों में लगे कर्फ्यू!

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748kLike
340kFollow
13kPin
216kFollow
1.75MSubscribe
3kFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.