रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों और विदेशी ईंधन पर निर्भरता को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने एक बेहद क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक पूरी तरह से स्वदेशी ‘इथेनॉल आधारित कुकिंग स्टोव’ तकनीक का अनावरण किया है।
इस अत्याधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह स्टोव पानी और इथेनॉल के मिश्रण से चलता है, जो पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की तुलना में काफी सस्ता और सुरक्षित है। यह ‘मेड इन इंडिया’ इनोवेशन न केवल आम आदमी के घर का बजट कम कर सकता है, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी फायदेमंद है।
Nitin Gadkari Ethanol Stove से जुड़े मुख्य बिंदु:
- नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्वदेशी इथेनॉल स्टोव का किया प्रदर्शन।
- इस स्टोव को जलाने के लिए पानी में केवल 7 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है, जिससे बिल्कुल गैस जैसी नीली आंच पैदा होती है।
- एलपीजी के मुकाबले रसोई का खर्च काफी हद तक कम कर सकता है।
- इथेनॉल गन्ने, मक्के और कृषि अवशेषों से बनता है, जिससे सीधे तौर पर भारतीय किसानों की आमदनी में भारी इजाफे की उम्मीद है।
- इस कदम से भारत का 87 प्रतिशत कच्चा तेल आयात का भारी-भरकम बिल कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
यह इथेनॉल स्टोव कैसे काम करता है?
आमतौर पर इथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों को चलाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन रसोई के लिए विकसित इस नए स्टोव में एक विशेष प्रकार का चैंबर होता है। जब इसमें पानी और 7% इथेनॉल का लिक्विड मिश्रण डालते हैं, तो स्टोव का मैकेनिज्म इसे भाप में बदल देता है। जब यह वाष्प ऑक्सीजन के संपर्क में आता है, तो यह बिना किसी धुएं के तेज़ी से जलने लगता है। इससे निकलने वाली हीट बिल्कुल वैसी ही होती है जैसी एलपीजी गैस में देखते हैं।

विदेशी निर्भरता होगी खत्म, किसानों को मिलेगा फायदा
भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस पश्चिमी एशियाई देशों से आयात करता है। इसमें हर साल अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। गडकरी जी के विजन से अगर 140 करोड़ की आबादी वाले देश में यह स्टोव व्यावसायिक रूप से सफल हो जाता है, तो हमें विदेशों से एलपीजी मंगाने की जरूरत बेहद कम हो जाएगी। इसके अलावा, चूंकि इथेनॉल भारत में ही किसानों द्वारा उपजाए गए गन्ने और मक्के से तैयार किया जाता है, इसलिए तेल उत्पादक देशों को जाने वाला पैसा सीधे भारतीय किसानों की जेब में जाएगा।
FAQs about Nitin Gadkari Ethanol Stove
1. इथेनॉल स्टोव क्या है और यह कैसे काम करता है?
यह एक खास तरह का कुकिंग स्टोव है जो एलपीजी गैस के बजाय इथेनॉल और पानी के मिश्रण को वाष्पीकृत करके आग जलाता है।
2. क्या इथेनॉल स्टोव एलपीजी गैस सिलेंडर से सस्ता है?
हां, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल का खर्च कम आता है।
3. क्या इस स्टोव से निकलने वाला धुआं सेहत के लिए हानिकारक है?
बिल्कुल नहीं। इथेनॉल एक बेहद स्वच्छ और ग्रीन ईंधन है। इसे जलाने पर कार्बन मोनोऑक्साइड या कोई भी जहरीला धुआं नहीं निकलता है, जो इसे घर के अंदर उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाता है।
4. यह इथेनॉल स्टोव बाज़ार में आम जनता के लिए कब तक उपलब्ध होगा?
सरकार ने अभी इस तकनीक का अनावरण और प्रदर्शन किया है। इसके कमर्शियल प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के तैयार होने के बाद, जल्द ही इसे भारतीय बाज़ारों में आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

