SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » भारतीय न्यायपालिका के प्रमुख न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ का अदालत में योगदान और अनुच्छेद 370 का महत्वपूर्ण फैसला

National

भारतीय न्यायपालिका के प्रमुख न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ का अदालत में योगदान और अनुच्छेद 370 का महत्वपूर्ण फैसला

SA News
Last updated: November 9, 2024 3:07 pm
SA News
Share
Dhananjaya Yeshwant Chandrachud
SHARE

भारतीय न्यायपालिका में चन्द्रचूंड जी का उल्लेखनीय योगदान है, इन्होंने राम मंदिर को लेकर भूमि विवाद, अनुच्छेद 370 और समलैंगिकता को अपराध से बाहर करना जैसे 500 से अधिक फैसले दिये हैं । जिनमें इनको कहीं प्रसंशा तो कहीं आलोचना भी मिलीं। 

Contents
  • ख़बर से संबंधित मुख्य बिंदु
  • कौन हैं CJI चन्द्रचूंड
  • चन्द्रचूंड जी की उपलब्धियां और कार्यकाल
  • क्या है अनुच्छेद 370 का मामला
  • अन्य किन मामलों के फैसले सुनाए चंद्रचूड़ जी ने

भारत के 50वें प्रधान न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ का सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अंतिम दिन था। 

अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने काफ़ी ऐतिहासिक फैसले लिए। शुक्रवार को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का शीर्ष अदालत में अंतिम दिन था। इसके साथ ही एक वकील, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश और देश की न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में इनके लंबे सफ़र का समापन हो गया है। हालांकि चंद्रचूड़ जी रविवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 

ख़बर से संबंधित मुख्य बिंदु

  • कौन हैं CJI चन्द्रचूंड चन्द्रचूंड जी की उपलब्धियां और कार्यकाल 
  • क्या है अनुच्छेद 370 का मामला 
  • अन्य किन मामलों के फैसले सुनाए चंद्रचूड़ जी ने 

कौन हैं CJI चन्द्रचूंड

भारतीय न्यायपालिका के सुप्रसिद्ध न्यायधीश चंद्रचूड़ जी अपने उल्लेखनीय योगदान और उत्कृष्ट फैसलों से प्रसिद्ध हैं। 

धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ जी को 9 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने भारत के 50वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया। इनका जन्म 11 नवंबर 1959 को हुआ। चंद्रचूड़ जी 29 मार्च 2000 से 31 अक्टूबर 2013 तक इलाहाबाद में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त रहे। इसके पहले बंबई उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे। जून 1998 में ये बम्बई उच्च न्यायालय ने इनको वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया था। इन्होंने काफ़ी समय तक वहां वकालत की। इसके अलावा वे मुंबई विश्वविद्यालय में तुलनात्मक संवैधानिक कानून के ‘विजिटिंग प्रोफेसर’ रहे। इसके पश्चात् चंद्रचूड़ जी 13 मई 2016 को शीर्ष अदालत में पदोन्नत हुए।

चन्द्रचूंड जी की उपलब्धियां और कार्यकाल

भारतीय न्यायपालिका में शीर्ष अदालत में वकालत करने वाले चंद्रचूड़ जी को काफी अरसां हो गया था। जिसमें इन्होंने लगभग 500 से अधिक ऐतिहासिक और उल्लेखनीय फैसले लिए। जिनके चलते हुए इनको कहीं आलोचना तो कहीं प्रशंसा भी मिलीं। इनको 2016 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए और 2022 में मुख्य न्यायाधीश बनें। 

निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश के पिता वाई वी चंद्रचूड़ भी 1978-1985 तक प्रधान न्यायाधीश रहे थे जो इसका सबसे बड़ा कार्यकाल था। इसके अलावा यह 10 नवंबर 2024 को अपने इस अलौकिक कार्यकाल से सेवानिवृत्त होंगे। 

धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ जी ने आठ वर्षों तक वकालत की जिसमें इन्होंने 500 से अधिक फैसले लिए और 1274 बेंचों का हिस्सा भी रहे। 

क्या है अनुच्छेद 370 का मामला

निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ जी ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त कराने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने को बरकरार रखा था। जिसमें अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए लंबी याचिका दायर की थी जिसमें अदालत ने 370 आर्टिकल को हटाने के फैसले को संविधान के अनुसार ही माना था। 

अन्य किन मामलों के फैसले सुनाए चंद्रचूड़ जी ने

इसके अलावा न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने काफ़ी महत्वपूर्ण फैसले लिए जिसमें यह पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा सुनाए गए फैसले का भी हिस्सा थे, जिसने ‘पैसिव यूथेंसिया’ के लिए, असाध्य रोगों से पीड़ित रोगियों द्वारा तैयार किए गए ‘लिविंग विल’ को मान्यता दी। ‘लिविंग विल’ एक लिखित बयान होता है जिसमें भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में मरीज़ की चिकित्सा संबंधी इच्छाओं का उल्लेख रहता है, जब वह सहमति व्यक्त करने में सक्षम ना हो। इसके अलावा अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला लेते हुए एक सदी से भी अधिक विवादास्पद मामले को सुलझा दिया और राम मंदिर के निर्माण को बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। 

इसके अतिरिक्त ये वह उच्चतम न्यायालय के नौ न्यायाधीशों की उस पीठ का भी हिस्सा थे और सर्वसम्मति से लिए गए उस फैसले के प्रमुख लेखक थे जिसने अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) के तहत निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया। 

इन्होंने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने संबंधी उल्लेखनीय फैसला लिया था और तथाकथित अप्राकृतिक यौन संबंधों (अप्राकृतिक शारीरिक संबंध) पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को खारिज कर दिया था।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love2
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20
Next Article Unlocking Online Business Potential Why the Digital World is the Future of Wealth Creatio Unlocking Online Business Potential: Why the Digital World is the Future of Wealth Creation
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

The Indus Water Treaty 2025: दक्षिण एशिया में सहयोग और संघर्ष का संतुलन

भारत की आजादी से पहले अंग्रेजी शासन के दौरान पंजाब में सिंधु नदी पर बड़ी…

By SA News

National Energy Conservation Award 2025: Andhra Pradesh has won the national award for the fourth time in a row

Yes, Andhra Pradesh has won the National Energy Conservation Award 2025 for the fourth consecutive…

By SA News

Microgravity’s Impact on Human Thermoregulation

Recently, Voyager 1 reached a distance of 25 billion kilometers from Earth, making it the…

By SA News

You Might Also Like

भारतीय सशस्त्र बलों ने भारत-पाक सीमा पर विशाल त्रि-सेनाई अभ्यास शुरू किया
National

भारतीय सशस्त्र बलों ने भारत-पाक सीमा पर विशाल त्रि-सेनाई अभ्यास शुरू किया

By SA News
Who is Rohit Arya? Understanding the Mumbai Hostage Crisis
National

Who is Rohit Arya? Understanding the Mumbai Hostage Crisis

By Gudya Maddheshiya
Mahila Samriddhi Yojana दिल्ली की महिलाओं को बड़ा तोहफा! सीएम रेखा गुप्ता करेंगी बड़ा ऐलान, मिलेगी ₹2500 की सहायत
National

Mahila Samriddhi Yojana: दिल्ली की महिलाओं को बड़ा तोहफा! सीएम रेखा गुप्ता करेंगी बड़ा ऐलान, मिलेगी ₹2500 की सहायता

By SA News
President Appoints Five New Governors Ajay Kumar Bhalla For Manipur & Others For Kerala, Mizoram, Odisha & Bihar
National

President Appoints Five New Governors: Ajay Kumar Bhalla For Manipur & Others For Kerala, Mizoram, Odisha & Bihar

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.