नोएडा से गुरुग्राम के बीच रैपिड रेल की चर्चा ज़ोर पकड़ने लगी है। दिल्ली एनसीआर में रैपिड रेल के चार बड़े कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है, जिससे आठ बड़े शहरों को कनेक्ट करने का प्रस्ताव है। नेशनल कैपिटल रीजन के ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ने हरियाणा सरकार को गुरुग्राम के इफ्को चौक से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक रैपिड रेल की डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना का खाका सौंप दिया है। हाईस्पीड रेल लिंक की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है इससे ट्रैफिक समस्या सुधरेगी और यातायात में समय कम लगेगा भविष्य में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाईस्पीड नेटवर्क से कनेक्ट किया जा सकेगा।
- एनसीआर के 8 शहरों को जोड़ने वाली 4 नई रैपिड रेल लाइनें, देखें रुट
- दिल्ली एनसीआर रैपिड रेल परियोजना के लिए कितना खर्चा आएगा?
- दिल्ली एनसीआर के शहरों में आने-जाने का समय घट जाएगा
- Delhi-NCR Rapid Rail Route update
- रैपिड रेल परियोजना के प्रमुख मार्ग और कनेक्ट होने वाले शहर
- भविष्य मैं कैसा होगा भारत का परिदृश्य?
- रैपिड रेल परियोजना से जुड़े मुख्य FAQs
एनसीआर के 8 शहरों को जोड़ने वाली 4 नई रैपिड रेल लाइनें, देखें रुट
1.दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल चालू होने के बाद अब एनसीआर के 8 शहरों को भी इससे जोड़ने की योजना है। एनसीआरटीसी दिल्ली-एनसीआर में 4 रैपिड रेल कॉरीडोर बनाने की तैयारी कर रहा है।
2.दिल्ली से होते हुए गुरुग्राम, मानेसर, बावल और दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल रूट का प्रस्ताव पहले ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इसके लिए केंद्र की मंजूरी का इंतज़ार किया जा रहा है।
3.एनसीआरटीसी के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के अनुसार, यह कॉरिडोर फरीदाबाद के सेक्टर-54 से होकर गुजरेगा। इसके आगे बाटा चौक होते हुए सेक्टर-85, 86 होते हुए नोएडा के सेक्टर 142-168 तक जाएगा और आगे सूरजपुर तक इसका विस्तार किया जाएगा। इस रूट पर 6 स्टेशन बनाए जाएंगे।
4.इस परियोजना में गाज़ियाबाद से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल का काम भी शामिल है। इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भी रैपिड मेट्रो कनेक्टिविटी का प्लान बना रही है। गुरुग्राम-नोएडा कॉरिडोर को दिल्ली-बावल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इस कॉरिडोर में आईजीआई एयरपोर्ट पर भी एक स्टेशन बनाया जाएगा।

दिल्ली एनसीआर रैपिड रेल परियोजना के लिए कितना खर्चा आएगा?
दिल्ली-NCR रैपिड रेल (नमो भारत) परियोजना के तहत कई कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। प्राथमिक दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ कॉरिडोर (82 किमी) की अनुमानित लागत लगभग ₹30,274 करोड़ से ₹32,000 करोड़ के बीच है। इसके अलावा, नए मंजूरी प्राप्त दिल्ली-हरियाणा (करनाल और बावल) कॉरिडोर पर 650 अरब (65,000 करोड़) रुपये से अधिक की लागत आने की उम्मीद है।
दिल्ली एनसीआर के शहरों में आने-जाने का समय घट जाएगा
कॉरिडोर बन जाने के बाद इफ्को चौक से फरीदाबाद पहुंचने में मात्र 22 मिनट का समय लगेगा। इसके अलावा इफ्को चौक से नोएडा पहुंचने में मात्र 38 मिनट का समय लगेगा।
Delhi-NCR Rapid Rail Route update
एनसीआरटीसी दिल्ली-एनसीआर में 4 रैपिड रेल कॉरीडोर बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एनसीआरटीसी ने हरियाणा सरकार को डीपीआर का खाका भी सौंप दिया है। इसमें गुरुग्राम के इफ्को चौक से लेकर ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक रैपिड रेल बनाने का प्लान है।
रैपिड रेल परियोजना के प्रमुख मार्ग और कनेक्ट होने वाले शहर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर:
यह भारत का पहला रैपिड रेल कॉरिडोर है, जो दिल्ली, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और मेरठ (मोदीपुरम) को जोड़ता है।
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर:
यह हरियाणा और राजस्थान के शहरों को जोड़ेगा, जिसमें दिल्ली (सराय काले खां), गुरुग्राम, मानेसर, बावल, नीमराना, बहरोर, शाहजहाँपुर और अलवर शामिल हैं।
3. दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर:
यह कॉरिडोर उत्तर की ओर दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल को कनेक्ट करेगा
4.गाज़ियाबाद-जेवर एयरपोर्ट:
गाज़ियाबाद से जेवर हवाई अड्डे (ग्रेटर नोएडा) को जोड़ने की भी योजना है।
रैपिड रेल परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- इंटरऑपरेबल: तीनों मुख्य कॉरिडोर (मेरठ, पानीपत, अलवर) दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन पर आपस में जुड़ेंगे, जिससे यात्री बिना ट्रेन बदले एक से दूसरे कॉरिडोर में जा सकेंगे।
- गति: रैपिड ट्रेनें 180 किमी/घंटा की अधिकतम गति से चलेंगी, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
- इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर और कर्नाटक में बेंगलुरु के आसपास के शहरों (मैसूरु, तुमकुरु, होसुर) के लिए भी रैपिड रेल का प्रस्ताव है।
भविष्य मैं कैसा होगा भारत का परिदृश्य?
पिछले कुछ सालों में रोड कनेक्टिविटी और रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार आया है।
भारतवर्ष में पिछले कुछ समय से जो भी कुछ घटित हो रहा है उसके पीछे सूक्ष्म जगत की अच्छी शक्तियों का हाथ है।
भारत का भविष्य उज्ज्वल बताया जाता है संत रविदास जी, व फ्रांस के महान भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस व विश्व के सभी भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों की मानें तो बहुत सी उथल-पुथल के बाद 2032 तक भारत की सत्ता धर्म निष्ठ लोगों के हाथ में होगी और हिंदुस्तान विश्व गुरु और विश्व महाशक्ति के रूप में उभर के आएगा। अब तो प्रत्यक्ष हो रहा है कि भारतवर्ष में अद्भुत अलौकिक आध्यात्मिक ज्ञान, सुख, समृद्धि, का नवीनतम भविष्य लिखा जा रहा है नीचे दिए गए लिंक में आप सभी भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों के प्रमाण देख सकते हैं और जान सकते हैं कि कौन है वह महापुरुष जो हिंदुस्तान की तस्वीर बदलेगा?
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रैपिड रेल परियोजना से जुड़े मुख्य FAQs
केंद्र सरकार ने रैपिड रेल परियोजनाओं के लिए कितना बजट आवंटित किया है?
कुल अनुमानित लागत (नए कॉरिडोर): दोनों नए कॉरिडोर मिलाकर लगभग 65,000 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।
रैपिड रेल परियोजना क्या है?
दिल्ली एनसीआर में रैपिड रेल के चार बड़े कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है, जिससे आठ बड़े शहरों को कनेक्ट करने का प्रस्ताव है।
रैपिड रेल योजना के तहत कौन-कौन से शहर जुड़ेंगे?
पहले चरण में दिल्ली, गाजियाबाद, साहिबाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और मेरठ प्रमुख रूप से जुड़े हैं। इसके अलावा, आगामी कॉरिडोर्स के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत, करनाल, और अलवर जैसे शहरों को जोड़ा जाएगा।
रैपिड रेल को क्या कहा जाता है?
इन हाई-स्पीड रेल को ‘नमो भारत’ कहा जा रहा है, जो 160 किमी/घंटा की गति से चलेंगी और मेट्रो स्टेशन/रेलवे स्टेशनों से जुड़ेंगी
रैपिड रेल के चारों कॉरिडोर के क्या नाम है?
1.दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर 2.दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर कॉरिडोर
3.दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर
4.दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल कॉरिडोर

