SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » SC का बड़ा फैसला: दहेज न लेने पर भी लगेगा 498A, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

Hindi News

SC का बड़ा फैसला: दहेज न लेने पर भी लगेगा 498A, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

SA News
Last updated: February 22, 2025 3:18 pm
SA News
Share
SC का बड़ा फैसला दहेज न लेने पर भी लगेगा 498A, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक
SHARE

देश की सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया है कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत मामला दर्ज कराने के लिए दहेज की मांग आवश्यक शर्त नहीं है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की।

Contents
  • मुख्य बिंदु:- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
  • पत्नी के साथ मारपीट का मामला
  • पीड़िता के आरोप पर हाईकोर्ट का फैसला
  • महिलाओं के अधिकारों को मिलेगी मजबूती
  • सन्त रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से हो रहे है घर की कलह दूर

सुप्रीम कोर्ट ने यह रेखांकित किया कि धारा 498ए मुख्य रूप से क्रूरता से संबंधित है, और दहेज की मांग न किया जाना इसके दायरे को प्रभावित नहीं करता। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रावधान को लागू करने के लिए दहेज लेना या न लेना कोई निर्णायक आधार नहीं हो सकता।

मुख्य बिंदु:- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

  • पत्नी पर अत्याचार का मामला
  • पीड़िता के आरोप पर हाईकोर्ट का फैसला
  • महिलाओं के अधिकारों को मिलेगी मजबूती
  • संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से खत्म हो रही पारिवारिक कलह

पत्नी के साथ मारपीट का मामला

सुप्रीम कोर्ट आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले की समीक्षा कर रहा था, जिसमें एक व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए के तहत दर्ज मामला इसलिए रद्द कर दिया गया था क्योंकि उसमें दहेज की मांग का आरोप नहीं था।

Also Read: रणवीर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से झटका

आरोप था कि उक्त व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उसे ससुराल से निकाल दिया। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 498ए का उद्देश्य केवल दहेज उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वैवाहिक जीवन में की गई किसी भी प्रकार की क्रूरता को शामिल किया जाता है।

पीड़िता के आरोप पर हाईकोर्ट का फैसला

पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने कई बार ससुराल लौटने की कोशिश की, लेकिन उसे घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस को दी गई शिकायत में उसने अपने पति और सास पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक:

आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उन्होंने दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित नहीं किया, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने यह मानते हुए कि धारा 498ए के तहत अपराध नहीं बनता, मामला खारिज कर दिया।

इसके बाद पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। शीर्ष अदालत ने इस मामले की जांच करते हुए स्पष्ट किया कि धारा 498ए में क्रूरता की परिभाषा विस्तृत है, जिसमें शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की यातनाएँ शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए कहा कि यदि शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं, तो दहेज की मांग न होना इस धारा की प्रयोज्यता को नकारने का आधार नहीं बन सकता।

महिलाओं के अधिकारों को मिलेगी मजबूती

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे उन मामलों में भी कार्रवाई सुनिश्चित होगी, जहां घरेलू हिंसा के अन्य पहलू शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से धारा 498A की व्याख्या और स्पष्ट हो गई है, जिससे विवाहिता के अधिकारों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

सन्त रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान से हो रहे है घर की कलह दूर

संत रामपाल जी महाराज के दिव्य ज्ञान से महिलाओं को समाज में समानता और सम्मान का अधिकार प्राप्त हो रहा है। उनके अनुयायी दहेज मुक्त रमैनी विवाह अपनाकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ नहीं डालते और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

संत जी का सिद्धांत है कि नारी केवल सम्मान की हकदार ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से समान अधिकारों की पात्र भी है। उनके मार्गदर्शन में जातिवाद, ऊँच-नीच और भेदभाव को नकारकर समाज में समरसता स्थापित की जा रही है। घरेलू हिंसा, शोषण और अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाकर वे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जिससे एक आदर्श समाज की स्थापना हो रही है।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का एक्शन मोड: मोहल्ला क्लीनिक और फ्री बस राइड पर बड़े फैसले
Next Article CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा अब साल में होगी दो बार CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा अब साल में होगी दो बार, छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त अवसर, तनाव होगा कम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

How to Choose the Best Family Health Insurance Plan Without Making Costly Mistakes

Today, we are often told that health insurance is no longer optional. For many families,…

By SA News

Jio, Airtel, BSNL Users Can Now Call Without Signal – A Game-Changer

In a significant advancement for India's telecommunications sector, users of major service providers—Reliance Jio, Airtel,…

By SA News

What is a Mechanical Qubit?

Quantum computers can solve problems that conventional computers cannot, thanks to their basic unit of…

By SA News

You Might Also Like

अपने फोन और डेटा को हैकर्स से बचाने के आसान तरीके
Hindi News

अपने फोन और डेटा को हैकर्स से बचाने के आसान तरीके

By SA News
2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मारिया कोरिना माचाडो को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नहीं बने विजेता
Hindi News

2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मारिया कोरिना माचाडो को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नहीं बने विजेता

By Tuleshwar
अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद ट्रंप ने कनाडा पर लगाया 10% अतिरिक्त टैरिफ
Hindi News

अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद: ट्रंप ने कनाडा पर लगाया 10% अतिरिक्त टैरिफ

By SA News
मासूम की मौत से हिला राजस्थान: फ्री कफ सिरप बना जानलेवा
HealthHindi News

मासूम की मौत से हिला राजस्थान: फ्री कफ सिरप बना जानलेवा

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.