SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » Life after Death -मृत्यु के बाद का जीवन: विज्ञान और रिसर्च का नजरिया व अविश्वसनीय खुलासा 

Lifestyle

Life after Death -मृत्यु के बाद का जीवन: विज्ञान और रिसर्च का नजरिया व अविश्वसनीय खुलासा 

SA News
Last updated: October 18, 2024 3:34 pm
SA News
Share
Life after Death -मृत्यु के बाद का जीवन विज्ञान और रिसर्च का नजरिया व अविश्वसनीय खुलासा 
SHARE

मृत्यु हमेशा से ही मानव जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य बना रहा है, और यह न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गहन चर्चा का विषय रहा है। जीवन के बाद क्या होता है? क्या मृत्यु केवल जीवन का अंत है, या फिर कोई ऐसा द्वार है जिसके जरिए हम किसी नए जीवन में प्रवेश करते हैं? इस प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए सदियों से विभिन्न धर्मों और दर्शनशास्त्रियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं, लेकिन विज्ञान इस विषय को किस नज़रिये से देखता है, आइए जानते है?

Contents
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध
    • क्वांटम फिजिक्स और जीवन के बाद
  • धर्म और विज्ञान के बीच अंतर
  • मृत्यु के बाद जीवन: धर्म, विज्ञान और संत रामपाल जी महाराज का तत्त्वज्ञान

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध

मृत्यु के बाद जीवन के सवाल पर वैज्ञानिक शोध ज्यादातर दिमाग के अनुभवों, शरीर के जीव विज्ञान, और न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं पर केंद्रित हैं। कई वैज्ञानिकों का मानना है कि मृत्यु के समय मस्तिष्क में होने वाले बदलाव असाधारण होते हैं और ये अनुभव मृत्यु के बाद जीवन की संभावनाओं के बारे में सोचने को प्रेरित करते हैं।

एक प्रमुख वैज्ञानिक शोध नीयर डेथ एक्सपीरियंस (NDE) पर आधारित है। अमेरिका और यूरोप में हुए कई अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला कि ऐसे लोग जो मौत के करीब जा चुके हैं, वे एक अद्वितीय अनुभव साझा करते हैं। इन अनुभवों में शरीर से बाहर देखना, अंधेरे सुरंग से गुजरना, एक उजाले की ओर बढ़ना, या फिर अपने प्रियजनों से मिलने जैसे अनुभव शामिल होते हैं। डॉ. रेमंड मूडी जैसे मनोचिकित्सकों ने इसे अपनी किताब “Life After Life” में विस्तार से समझाया है, और इसे मृत्यु के समय मस्तिष्क में होने वाले रासायनिक और न्यूरोलॉजिकल बदलावों का परिणाम माना  है।

हालांकि, कुछ वैज्ञानिक NDE को मस्तिष्क की संरचना और उसकी रासायनिक प्रतिक्रियाओं से जोड़ते हैं। जब मस्तिष्क को ऑक्सीजन की कमी होती है या शरीर स्ट्रेस में होता है, तब ये अनुभव हो सकते हैं। डॉ. सैम पार्निया और उनके सहयोगियों ने मृत्यू के बाद चेतना पर अध्ययन करते हुए पाया कि कुछ मामलों में जब मस्तिष्क पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाता है, लोग फिर भी जागरूकता की भावना महसूस कर सकते हैं। इसे अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, लेकिन यह जीवन और मृत्यु के बीच की स्थिति के बारे में नई जानकारी प्रदान करता है।

क्वांटम फिजिक्स और जीवन के बाद

कुछ वैज्ञानिक, जैसे डॉ. स्टुअर्ट हैमरॉफ़ और सर रोजर पेनरोस, क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतों को जीवन के बाद की संभावना से जोड़ते हैं। उनके अनुसार, हमारे मस्तिष्क के न्यूरॉन्स में क्वांटम स्तर पर सूक्ष्म गतिविधियाँ होती हैं। अगर ये सिद्धांत सही हैं, तो संभव है कि हमारी चेतना मृत्यु के बाद भी किसी अन्य रूप में अस्तित्व में रह सके।

धर्म और विज्ञान के बीच अंतर

धर्म और विज्ञान इस मुद्दे पर दो अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं। जहां धर्म आत्मा और पुनर्जन्म जैसी अवधारणाओं पर विश्वास करता है, वहीं विज्ञान अभी भी इस मुद्दे को समझने के लिए शोध कर रहा है। हालांकि विज्ञान ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर रोशनी डाली है, परंतु अभी तक इस प्रश्न का पूर्ण रूप से वैज्ञानिक उत्तर नहीं मिल सका है।

मृत्यु के बाद जीवन पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण निश्चित रूप से अभी भी एक खुला सवाल है। विज्ञान ने नीयर डेथ एक्सपीरियंस और चेतना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान की है, लेकिन अभी तक किसी निश्चित परिणाम पर नहीं पहुंचा जा सका है। अब तक वैज्ञानिक अनुसंधान इस रहस्य का समाधान नहीं कर पाया है।

मृत्यु के बाद जीवन: धर्म, विज्ञान और संत रामपाल जी महाराज का तत्त्वज्ञान

हमारे शास्त्रों के अनुसार, जीवन और मृत्यु एक निरंतर चक्र है, जिसमें आत्मा शरीर बदलती रहती है। यह चक्र तब तक चलता है जब तक आत्मा सत्य ज्ञान प्राप्त नहीं करती और परमात्मा की शरण नहीं जाती। सत्य साधना और सतगुरु के मार्गदर्शन से इस चक्र को तोड़ा जा सकता है, जिससे आत्मा मोक्ष प्राप्त कर सके। संत रामपाल जी का तत्त्वज्ञान न केवल मानव कल्पना और जिज्ञासा को संतुष्ट करता है, बल्कि इसे प्रमाणित भी करता है। उनके लाखों अनुयायियों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि मृत्यु केवल एक शारीरिक परिवर्तन है; आत्मा अमर है और परमात्मा से मिलन के लिए सदैव प्रयासरत रहती है।

इस प्रकार, संत रामपाल जी महाराज का तत्त्वज्ञान और धर्म की दृष्टि मिलकर मृत्यु के बाद जीवन के रहस्यों को समझने में एक सशक्त आधार प्रस्तुत करती हैं, जो विज्ञान की खोज को भी एक नई दिशा देती हैं।

अनुभव की एक झलक साधना टीवी सत्संग: 

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article युवाओ मे बढ़ता दिल के दौरे का डर कारण, प्रक्रिया और बचाव के उपाय युवाओ मे बढ़ता दिल के दौरे का डर : कारण, प्रक्रिया और बचाव के उपाय
Next Article UP Encounter बहराइच सांप्रदायिक हिंसा मामले के दो आरोपी पुलिस एनकाउंटर में हुए घायल  UP Encounter: बहराइच सांप्रदायिक हिंसा मामले के दो आरोपी पुलिस एनकाउंटर में हुए घायल 
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

The Universe’s Deadliest: Where One Wrong Move Means Instant Annihilation

Deadliest Universe Objects Black Holes: You're floating in space, admiring the cosmos, when suddenly you…

By SA News

SHANTI Bill and India’s Nuclear Power Sector: A New Policy Direction

India’s nuclear power sector has traditionally remained under strict government control, guided primarily by the…

By SA News

North Korea Reopen for Tourism: उत्तर कोरिया लगभग 4 साल बाद देश में अंतर्राष्ट्रीय टूरिज़्म शुरू करने जा रहा है

North Korea Reopen for tourism: उत्तर कोरिया ने कोरोना महामारी के कारण साल 2020 में…

By SA News

You Might Also Like

योग: एक प्राचीन भारतीय वरदान जो तन, मन और आत्मा को जोड़ता है
Lifestyle

योग: एक प्राचीन भारतीय वरदान जो तन, मन और आत्मा को जोड़ता है

By SA News
How Colour Psychology Is Being Used in Retail to Control Spending
Lifestyle

How Colour Psychology Is Being Used in Retail to Control Spending

By SA News
India’s Indoor Air Crisis: Homes Found 2–10 Times More Polluted
Lifestyle

India’s Indoor Air Crisis: Homes Found 2–10 Times More Polluted

By Khushi Sharma
Smartphone Photography Expert Tips for Stunning Pics
Lifestyle

Smartphone Photography: Expert Tips for Stunning Pics

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748kLike
340kFollow
13kPin
216kFollow
1.75MSubscribe
3kFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.