SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » Indian Passport Ranking 2026: भारतीय पासपोर्ट फिर फिसला, अब 81वें नंबर पर पहुंचा, जानिए आखिर क्यों घटी रैंकिंग और कौन है दुनिया में नंबर-1

Hindi News

Indian Passport Ranking 2026: भारतीय पासपोर्ट फिर फिसला, अब 81वें नंबर पर पहुंचा, जानिए आखिर क्यों घटी रैंकिंग और कौन है दुनिया में नंबर-1

Parav Choudhary
Last updated: July 25, 2026 11:53 am
Parav Choudhary
Share
Indian Passport Ranking 2026: भारतीय पासपोर्ट फिर फिसला
SHARE

Indian Passport Ranking 2026: अगर आप विदेश घूमने या भविष्य में बाहर पढ़ाई या नौकरी करने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जानना जरूरी है। Henley Passport Index 2026 की नई रिपोर्ट सामने आ गई है और इस बार भारतीय पासपोर्ट को 81वीं रैंक मिली है। पिछले अपडेट की तुलना में भारत एक पायदान नीचे आ गया है। फिलहाल भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोग करीब 55 देशों में बिना पहले से वीजा लिए, वीजा ऑन अराइवल या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) के जरिए यात्रा कर सकते हैं। पासपोर्ट की रैंकिंग सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह किसी देश के दूसरे देशों के साथ संबंध, वीजा समझौते और अंतरराष्ट्रीय भरोसे को भी दिखाती है। इसलिए हर साल इस रिपोर्ट का इंतजार किया जाता है।

Contents
  • Henley Passport Index क्या होता है और यह कैसे बनता है?
  • 20 साल में भारतीय पासपोर्ट का सफर कैसा रहा?
  • आखिर भारतीय पासपोर्ट की रैंक क्यों घटी?
  • भारतीय नागरिक किन देशों में बिना वीजा या आसान प्रक्रिया से जा सकते हैं?
  • दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट किस देश का है?
  • भारत के पड़ोसी देशों का क्या हाल है?
  • इस रैंकिंग का आम भारतीय पर क्या असर पड़ेगा?
  • आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

Henley Passport Index क्या होता है और यह कैसे बनता है?

कई लोग पासपोर्ट रैंकिंग की खबर तो पढ़ लेते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि आखिर यह लिस्ट बनती कैसे है। दरअसल Henley Passport Index दुनिया की सबसे चर्चित पासपोर्ट रैंकिंग में से एक है और इसे इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के ट्रैवल और वीजा डेटा के आधार पर तैयार किया जाता है। इसमें दुनिया के लगभग 199 पासपोर्ट और 227 देशों या क्षेत्रों का विश्लेषण किया जाता है। जिस देश के नागरिक सबसे ज्यादा जगहों पर बिना पहले से वीजा लिए जा सकते हैं, उसकी रैंक उतनी बेहतर मानी जाती है। इसी आधार पर हर कुछ महीनों में नई रैंकिंग जारी की जाती है।

20 साल में भारतीय पासपोर्ट का सफर कैसा रहा?

अगर पिछले करीब 20 साल का रिकॉर्ड देखा जाए तो भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में कई बार बदलाव देखने को मिला है। साल 2006 में भारत 71वें स्थान पर था और उस समय स्थिति आज की तुलना में थोड़ी बेहतर मानी जाती थी। इसके बाद कुछ सालों तक रैंकिंग लगातार नीचे गई और 2012 तक भारत 82वें स्थान पर पहुंच गया। बीच में कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। कोविड महामारी के दौरान 2021 में भारत 90वें स्थान तक पहुंच गया, जो अब तक की सबसे कमजोर रैंक थी। उसके बाद धीरे-धीरे सुधार हुआ, लेकिन 2026 की रिपोर्ट में भारत फिर 81वें स्थान पर दिखाई दे रहा है।

आखिर भारतीय पासपोर्ट की रैंक क्यों घटी?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भारत की रैंकिंग नीचे क्यों आई। इसकी एक वजह यह नहीं है कि भारत ने कुछ गलत किया है। असल में दुनिया के कई देशों ने पिछले कुछ वर्षों में नए वीजा-फ्री समझौते किए हैं और अपने नागरिकों को ज्यादा देशों में बिना वीजा यात्रा की सुविधा दिलाई है। वहीं भारत के लिए वीजा-फ्री देशों की संख्या लगभग स्थिर रही। ऐसे में दूसरे देश तेजी से ऊपर निकल गए और भारत एक स्थान नीचे पहुंच गया। यानी अगर दूसरे देश आगे बढ़ते हैं और आपकी स्थिति वैसी ही रहती है, तब भी आपकी रैंकिंग नीचे जा सकती है।

भारतीय नागरिक किन देशों में बिना वीजा या आसान प्रक्रिया से जा सकते हैं?

फिलहाल भारतीय नागरिकों को करीब 55 देशों में आसान यात्रा की सुविधा मिलती है। इनमें भूटान, नेपाल, मलेशिया, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, फिलीपींस, फिजी, बारबाडोस, जमैका, रवांडा और कजाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इसके अलावा मालदीव, इंडोनेशिया, कतर, कंबोडिया, जॉर्डन, मंगोलिया, मेडागास्कर, तंजानिया, समोआ और जिम्बाब्वे जैसे देशों में भारतीय यात्रियों को वीजा ऑन अराइवल या ETA की सुविधा मिल जाती है। हालांकि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ज्यादातर यूरोपीय देशों के लिए अभी भी पहले से वीजा लेना जरूरी है।

दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट किस देश का है?

इस बार भी सिंगापुर ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। Henley Passport Index 2026 के मुताबिक सिंगापुर दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट रखने वाला देश बना हुआ है। यहां के नागरिक लगभग 192 देशों में बिना पारंपरिक वीजा प्रक्रिया के यात्रा कर सकते हैं। दूसरे स्थान पर जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं, जिनके नागरिक करीब 187 से 188 देशों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इन देशों ने पिछले कई वर्षों में दूसरे देशों के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंध बनाए हैं, जिसका फायदा उनके नागरिकों को यात्रा के दौरान मिलता है।

भारत के पड़ोसी देशों का क्या हाल है?

अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो भारत की स्थिति कुछ देशों से बेहतर है तो कुछ से कमजोर भी नहीं कही जा सकती। पाकिस्तान करीब 101वें स्थान पर है, जबकि बांग्लादेश 97वें और नेपाल 98वें स्थान पर मौजूद है। श्रीलंका की रैंक भी भारत से नीचे है और अफगानिस्तान अब भी दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट रखने वाले देशों में शामिल है। वहीं चीन भारत से बेहतर स्थिति में बना हुआ है। इससे यह साफ होता है कि हर देश की रैंक उसके वीजा समझौतों और विदेश नीति पर काफी हद तक निर्भर करती है।

इस रैंकिंग का आम भारतीय पर क्या असर पड़ेगा?

रैंकिंग में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि भारतीय नागरिक विदेश नहीं जा पाएंगे। इसका सीधा असर सिर्फ यात्रा प्रक्रिया पर पड़ता है। जिन देशों में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा है, वहां पहले की तरह यात्रा की जा सकती है। लेकिन अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और शेंगेन देशों जैसे लोकप्रिय गंतव्यों के लिए पहले से वीजा आवेदन करना होगा। इसलिए विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को यात्रा से पहले संबंधित देश के ताजा वीजा नियम जरूर जांच लेने चाहिए।

आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

पासपोर्ट रैंकिंग हमेशा एक जैसी नहीं रहती। हर साल कई देश नए समझौते करते हैं और वीजा नियमों में बदलाव होता रहता है। अगर भारत आने वाले समय में ज्यादा देशों के साथ वीजा-फ्री यात्रा समझौते करता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ता है तो भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में भी सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल 2026 की रिपोर्ट में भारत 81वें स्थान पर है और आगे की रैंकिंग पूरी तरह आने वाले कूटनीतिक फैसलों और नए वीजा समझौतों पर निर्भर करेगी।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
ByParav Choudhary
Follow:
Parav Das has dedicated himself to social writing as a form of sewa rather than a profession. He has been active in digital media since the age of 20, he joined the SA News team in 2024 as an Author. Over time, he has closely observed diverse social realities, spiritual discourses and humanitarian initiatives around the world and conveys them to readers through emotionally rooted and insightful articles. He believes that writing should not merely inform but awaken and transform. Through his words, Parav continues to contribute towards nurturing awareness and positivity in society.
Previous Article Mukhya Mantri Sehat Yojana Mukhya Mantri Sehat Yojana: Punjab Delivers Free Cashless Cancer Treatment to Over 8,000 Patients
Next Article JWST Discovers Beta Pictoris d, Black Hole Feeding Cycle James Webb Space Telescope Uncovers Hidden Exoplanet and Reveals How Supermassive Black Holes Feed Themselves
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

मानव द्वारा जल संसाधनों का दोहन

मनुष्य ने जल संसाधनों का यथासंभव प्रयोग किया और उसका दोहन भी किया है। आज…

By SA News

ED का बड़ा कदम: अनिल अंबानी के खिलाफ़ ₹3,000 करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में लुकआउट नोटिस जारी

नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025 – रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ़ Enforcement…

By SA News

A Village Reborn: How Sant Rampal Ji Maharaj Saved Mundal Khurd

BHIWANI, HARYANA — The recent floods in Haryana didn't just drown fields; they drowned the…

By SA News

You Might Also Like

बेंगलुरु में प्रेस्टीज करेगा फ्लाई ओवर का निर्माण, BBMP से मिली मंजूरी

By SA News
मासूम की मौत से हिला राजस्थान: फ्री कफ सिरप बना जानलेवा
HealthHindi News

मासूम की मौत से हिला राजस्थान: फ्री कफ सिरप बना जानलेवा

By SA News
MCD Birth Certificate Update: 2012 से 2022 के बीच बने जन्म प्रमाण पत्र
Hindi News

MCD Birth Certificate Update: 2012 से 2022 के बीच बने जन्म प्रमाण पत्र को करना होगा दोबारा डाउनलोड, MCD ने जारी किया अलर्ट

By SA News
Trump’s 25% Tariff on Venezuelan Oil: वैश्विक बाजार पर प्रभाव
Hindi News

Trump’s 25% Tariff on Venezuelan Oil: वैश्विक बाजार पर प्रभाव

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.