MRFA डील: भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीद रहा है। दरअसल आपको बता दें फ्रांस राफेल F4 के बजाय F5 वेरिएंट के विकास को प्राथमिकता दे रहा है। राफेल F5 वेरिएंट पुराने लड़ाकू विमान की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली अधिक क्षमता के इंजन से लैस और कहीं तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने में माहिर होगा। F5 राफेल जेट को स्वदेशी मिसाइल और हथियार सिस्टम से लैस किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत को रूस ने 5th जेनरेशन SU57 फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन देने की पेशकश की है। वह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर SU-30 MK जेट्स को अपग्रेड भी कर रहा है। हालांकि रूस ने इन दोनों फाइटर जेट के सोर्स कोड अभी शेयर नहीं किए हैं।
114 F5 राफेल में से 18 राफेल जेट फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे और बाकी 96 जर्सी भारत में बनाए जाएंगे, जिसमें 25 परसेंट कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। उम्मीद है कि राफेल F5 वेरिएंट 2030 तक ऑपरेशनल क्लीयरेंस पा लेगा, जिसके बाद इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जा सकता है। भारत भी फ्रांस की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं। जिसका प्रमुख कारण भारतीय वायु सेवा में पहले से ऑपरेशनल राफेल F3R वेरिएंट को जरूरत के हिसाब से अपग्रेड करना है। इसके अलावा यह अपग्रेडेशन भारत के MRFA डील के लिए भी जरूरी बताया जा रहा है।
सोर्स कोड विवाद: फ्रांस और अमेरिका का सख्त रुख बरकरार
रिपोर्ट के मुताबिक इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट और स्वदेशी हथियार आपस में कैसे जुड़ेंगे यह तय किया जाएगा। रिपोर्ट्स में कहा गया कि फ्रांस सोर्स कोड देने को तैयार नहीं है। अधिकारियों ने बताया की कोई भी देश अपने फाइटर जेट का सोर्स कोड साझा नहीं करता। यही कोड रडार इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर टारगेट किंग ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को कंट्रोल करता है। इसी लिए, इसे सांझा नहीं किया जाता, हालांकि डील पर इसका असर नहीं है।
अमेरिका का भी यही रुख है भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलीकॉप्टर से जुड़े सॉफ्टवेयर कोड भी शेयर नहीं किए जाते।
114 राफेल के लिए ‘बाय एंड मेक’ मॉडल पर बड़ा फैसला
यह डील बाय एंड मेक मॉडल पर होगी, जिसकी कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड रुपए बताई जा रही है। योजना के अनुसार भारतीय वायु सेवा के लिए 114 राफेल राकू विमान को भी मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) डील के तहत खरीदने की तैयारी की जा रही है। इनमें से 18 विमान सीधे फ्रांस से तैयार हालत में आएंगे जबकि बाकी 96 विमान भारत में बनाए जाएंगे। इसमें 25% से ज्यादा हिस्सा देश में ही तैयार किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय अगले महीने फ्रांस की कंपनी डसाल्ट को प्रस्ताव (RFP) भेज सकता है। इसके बाद औपचारिक बातचीत शुरू होगी। इस डील को पहले ही 12 फरवरी को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल से मंजूरी मिल चुकी है।
भारत की रक्षा नीति में बड़ा बदलाव: आत्मनिर्भरता पर फोकस तेज
भारत सर्वप्रथम रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी परियोजनाओं पर भी जोर दे रहा है। इसमें तेजस मार्ग 1ए, लंबी दूरी की मिसाइल और भविष्य का एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) शामिल है। इसका मकसद आने वाले समय में विदेशी हथियारों पर निर्भरता काम करना है। भारत डील के जरिए न सिर्फ ने लाखों विमान हासिल करना चाहता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि देश में बने हथियारों का इस्तेमाल बड़े और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मजबूत हो।
राफेल F4: भारत की वायुसेना का 4.5 जेनरेशन पावरहाउस
फ्रांस की डसाल्ट एविएशन द्वारा निर्मित एक 4.5 जेन, ट्विन इंजन और बहू भूमिका (multirole) वाला लड़ाकू विमान है। यह 2200 से 2300 किलोमीटर/घंटा की गति, 3700 किलोमीटर की रेंज और 9500 किलोग्राम के हथियार भार क्षमता के साथ हवा तथा जमीन में सटीक प्रहार करने की क्षमता रखता है भारत ने 36 राइफल जेट खरीदे हैं और 26 नौसैनिक संस्करण (Marine) का आर्डर दिया है। यह एक साथ 40 लक्षण को ट्रैक कर सकता है और आठ लक्षणों को इंगेज कर सकता है।
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राफेल F4 वेरिएंट उन्नत डेटा शेयरिंग, सेटेलाइट लिंक और सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो के साथ आता है। यह MICA NG मिसाइलें, AASM हैमर स्मार्ट बम ले जा सकता है। भारतीय वायु सेवा ने क्षितिज राफेल जेट शामिल किए हैं जो अंबाला और हाशिमारा एयरपोर्ट पर तैनात है।
(Dassault Rafale) डसाल्ट राफेल F5
डसाल्ट राफेल F5 फाइटर जेट का आगामी उन्नत वेरिएंट है जिसे 6th – जेनरेशन जैसी क्षमताएं प्रदान करने के लिए शिक्षित किया जा रहा है। यह वेरिएंट पायलट के साथ चलने वाले ड्रोन (UCAS) को नियंत्रित करने की अनुमति देगा जो उत्तरजीविता बढ़ाएंगे और खतरनाक मिशनों को अंजाम दे सकेंगे।
यह वेरिएंट ASN4G हाइपरसोनिक परमाणु मिसाइल और नई फ्यूचर क्रूज मिसाइल को फायर करने में सक्षम होगा इसमें संभावित रूप से अधिक शक्तिशाली M88 T-Rex इंजन का उपयोग किया जाएगा। यह केवल एक लड़ाकू विमान नहीं बल्कि कई प्रणालियों (systems of systems) का ऑपरेटर होगा, जो दुश्मन के खतरे की सटीक जानकारी देगा।
संग्राम का वास्तविक अर्थ: युद्ध नहीं, आत्मिक संघर्ष
संग्राम का अर्थ है संघर्ष यां युद्ध। यह केवल भारी लड़ाई ही नहीं, जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों से जूझने का प्रतीक भी है। जिस प्रकार समस्त देश अपनी युद्ध क्षमताओं को बढ़ावा दे रहे हैं उससे यह स्पष्ट होता है कि यह बाहरी लड़ाई है जो की विनाश का प्रतीक है।
श्री भगवत गीता अनुसार गीता ज्ञान दाता काल ब्रह्म ने अर्जुन को भी बाहरी लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया और सफल भी हुए। यह भी बताया की युद्ध से पाप लगता है। परम सुख परम शांति प्राप्त करने के लिए तू उस परमेश्वर की शरण में जा, जहां जाकर आत्मा कभी वापिस नहीं आती और मैं (काल ब्रह्म; मंत्र ॐ) भी उसी आदि पुरुष/परमेश्वर की शरण हूं।
वेद अनुसार संघर्ष अज्ञान पर विजय प्राप्त करने का है। ऋग्वेद मंडल 9, सुक्त 20, मंत्र 1 में कबिर्देव अर्थात कबीर परमात्मा सबका रक्षक है, विद्वानों की तृप्ति के लिए ज्ञान देता है, सहनशील है, संपूर्ण दुष्टों को संग्रामों में तिरस्कृत करता है।
इस वेद मंत्र में स्पष्ट है कि वह परमात्मा तत्व ज्ञान बताता है और पापों का नाश करता है। यही वास्तविक संग्राम है, जिससे अज्ञानी को ही ज्ञानी बनाकर धर्म की स्थापना की जाती है। अधिक जानकारी के लिए आप Sant Rampal Ji Maharaj App डॉउनलोड करें।

