पश्चिम एशिया में विकसित हो रही स्थिति पर नागरिक उद्यान मंत्रालय बारीकी से नजर रख रहा है जिससे भारत और पश्चिम एशिया क्षेत्र के बीच हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है। यात्री सुरक्षा और उड़ानों को सही ढंग से चलाने के लिए एयरलाइन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए व्यवस्था में जरूरी बदलाव कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 9 मार्च 2026 को राज्यसभा में जानकारी दी कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने पश्चिम एशिया जाने या वहां से गुजरने वाली उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइनों को विशेष सुरक्षा सलाह जारी की है।
DGCA ने एयरलाइनों को ईरान, इज़राइल, लेबनान, सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर सहित 11 संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है। साथ ही एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों, क्रू ड्यूटी समय और आपातकालीन योजना का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
सरकार ने बताया कि 9 मार्च को दुबई, अबू धाबी, मस्कट और जेद्दा जैसे शहरों से भारत के लिए लगभग 50 उड़ानें निर्धारित थीं। कई एयरलाइनों, जैसे एयर इंडिया और इंडिगो, ने प्रतिबंधित क्षेत्रों से बचने के लिए लंबा मार्ग अपनाया है, जिससे उड़ान समय में 30 से 60 मिनट तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शनिवार को भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंची, जिनमें 8,175 यात्री सवार थे।
डीजीसीए ने राज्यसभा में दिया बयान
सिविल एविएशन के मिनिस्टर “के राममोहन नायडू” ने राज्यसभा को बताया कि, माननीय सभापति महोदय, वेस्ट एशिया की स्थिति और सिविल एविएशन ऑपरेशन के सेफ्टी पहलू को देखते हुए डीजीसीए (DGCA) ने तुरंत एयरलाइन से बात की और उन्हें स्पेशल सर्कुलर जारी किया। डीजीसीए (DGCA) द्वारा एयरलाइंस के साथ कई मीटिंग की है ताकि वे तभी ऑपरेट कर सके जब वह पक्का कर ले की बेस्ट एशिया के इन एयरपोर्ट पर ऑपरेट करते समय 100% सेफ्टी हो और एयरलाइंस ने पैसेंजर्स को स्पेशल सेकुलर या ट्रैवल एडवाइजरी भी दी है ताकि यह पक्का हो सके कि जो फ्लाइट्स चल रही है वह कैंसिल है या नहीं ताकि उनकी यात्रा में कोई कंफ्यूजन ना हो जैसा की उम्मीद थी।
उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री की तरफ से मैं इसे सदन के सामने रख रहा हूं। मैं सदन को बता सकता हूं कि, सेफ ऑपरेशन और लोगों को उन जगहों से वापस भारत लाने के मामले में हम जो भी सबसे अच्छा कर सकते हैं हम एयरलाइंस की मदद से कर पा रहे हैं। वह भी बहुत ध्यान रख रहे हैं। भले ही एयरलाइंस इन्वेस्टिगेशन में एक एक्टिव फील है। वह उन स्लॉट को अच्छी तरह देख रहे हैं जहां वे ऑपरेट करने के लिए सेफ है और जब एयरपोर्ट खुलेंगे तो वह इन डेस्टिनेशन पर ऑपरेट करने की कोशिश कर रहे हैं। और बताया कि अब तक पिछले एक हफ्ते में ही लगभग 90000 लोग ट्रेवल कर पाए हैं और हम देख रहे हैं कि आगे की छुट्टियों में सिचुएशन बेहतर हो सकती है ताकि ज्यादा लोग सिविल एविएशन के लिए भी ट्रेवल कर सकें।
विश्व शांति यज्ञ
युद्ध की अनिश्चितता के मध्य भविष्यवक्ताओं द्वारा लगातार विमान हादसों और अग्नि जनित दुर्घटनाओं की आशंकाएँ जताई जा रही हैं। साथ ही लगातार साथ ही हमें यह भी सुनने को मिलता है कि सन् 2006 में भारत में एक हिंदू संत (शायरन) प्रकट होगा जिसकी आयु 50 से 60 वर्ष होगी और वह स्वर्ण युग का प्रारंभ करेगा अर्थात सनातन धर्म का पुनरुत्थान करके यथार्थ भक्ति मार्ग बताकर सर्वश्रेष्ठ हिंदू राष्ट्र बनाएगा। जो पूरे विश्व में शांति स्थापित करेगा और पूरे विश्व को एक करेगा, जिसका एक नारा होगा एक झंडा होगा और पूरे विश्व का नाम भारत होगा।
भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के अनुसार वह संत भारत में होगा और उनके द्वारा बताए गई भविष्यवाणियों के अनुसार वह तारणहार होगा। वह नया ज्ञान अविष्कार करेगा और सर्व समाज से सत्य साधना करवाएगा। यह हिंसक क्रूरचंद्र कौन है, कहां है, यह बात बताएगा और उससे मुक्त कराएगा। एशिया में उसे रोकना अर्थात उसके प्रचार में बाधा करना पागलपन होगा क्योंकि एशिया खण्डों में रामायण महाभारत आदि का ज्ञान जो हिंदू में प्रचलित है उससे भी भिन्न आगे का ज्ञान उस संत का होगा। सन 2006 में वह शायरन सबके समक्ष प्रकट हो चुका है, वह हैं “संत रामपाल जी महाराज”।
उपरोक्त ज्ञान जो बिचली पीढ़ी, वह प्रथम तथा अंतिम पीढ़ी वाला संत रामपाल जी महाराज अपने प्रवचनों में वर्षों से बताते आ रहे हैं तथा मई 1,2 और 3, 2026 को संत रामपाल जी महाराज द्वारा विश्व शांति यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसने सर्व मानव समाज आमंत्रित है।

