दिल्ली में पुरानी लाडली योजना बंद कर 1 अप्रैल 2026 से नई “लखपति बिटिया योजना” शुरू की जा सकती है, जिसमें बेटियों को शिक्षा व अन्य चरणों में कुल ₹56,000 से लेकर ग्रेजुएशन तक ₹1 लाख से अधिक की सहायता का प्रस्ताव है, यह योजना दिल्ली निवासी परिवारों की दो बेटियों के लिए होगी, जिसमें शादी की शर्त 18 साल लागू रहेगी।
- दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा
- दिल्ली सरकार का 1 वर्ष पूरे होने पर 100 करोड़ का तोहफा
- योजना का लाभ लेने के लिए ज़रूरी पात्रता ?
- लाडली योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- वित्तीय सहायता का विवरण (2008 के बाद जन्मी बालिकाओं के लिए):
- दिल्ली में लाडली योजना के तहत कुल कितनी बहनों को लाभ मिला?
- लाडली योजना से क्या सुधार आया है।
- “दहेज मुक्त भारत” “नशा मुक्त भारत” और “अन्नपूर्णा योजना” बना रही है धरती को स्वर्ग
- दिल्ली की लखपतिया बिटिया योजना से संबंधित FAQs
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा
दिल्ली सरकार ने लाडली योजना को 31 मार्च तक बंद करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 1 अप्रैल से ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना‘ शुरू होगी, जिसमें बेटियों को पहले से अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। नई योजना में अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा और वार्षिक आय सीमा 1.20 लाख रुपये होगी। स्नातक पूरा होने पर राशि मिलेगी, जिसका बजट 160 करोड़ रुपये है।
दिल्ली सरकार का 1 वर्ष पूरे होने पर 100 करोड़ का तोहफा
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडली योजना वर्ष 2008 में शुरू की गई थी, जिसके तहत अलग-अलग चरणों में कुल 36 हजार रुपये बैंक में जमा किए जाते थे और यह राशि मेच्योरिटी पर मिलती थी। हालांकि, इस योजना के तहत एक लाख से अधिक खाते अनक्लेम्ड रह गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद 31 हजार बच्चियों को चिह्नित कर 90 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अलावा 41 हज़ार और लाभार्थियों की पहचान की गई, जिन्हें सरकार के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर 100 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए ज़रूरी पात्रता ?
- बेटी का जन्म दिल्ली में होना चाहिए।
- पूरा टीकाकरण अनिवार्य।
- मान्यता प्राप्त स्कूल से पढ़ाई।
- 18 वर्ष से पहले विवाह नहीं।
लाडली योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
फॉर्म जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, दिल्ली सरकार की वेबसाइट या भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से प्राप्त किए जा सकते हैं। इस योजना के लिए सरकार जल्द ही एक अलग डिजिटल पोर्टल बनाएगी, जिसके ज़रिए आवेदन की जा सकेगी।
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वित्तीय सहायता का विवरण (2008 के बाद जन्मी बालिकाओं के लिए):
- जन्म के समय (संस्थागत): ₹11,000 (अस्पताल/नर्सिंग होम में)
- जन्म के समय (घर पर): ₹10,000 (अस्पताल के बाहर)
- कक्षा 1 में प्रवेश पर: ₹5,000
- कक्षा 6 में प्रवेश पर: ₹5,000
- कक्षा 9 में प्रवेश पर: ₹5,000
- कक्षा 10 पास करने पर: ₹5,000
- कक्षा 12 में प्रवेश पर: ₹5,000
दिल्ली में लाडली योजना के तहत कुल कितनी बहनों को लाभ मिला?
दिल्ली में अब तक की (2025-2026 की ताज़ा जानकारी अनुसार) लाडली योजना (जिसे अब ‘लखपति बिटिया योजना’ कहा जा रहा है) के तहत कुल 71,000 से अधिक बेटियों को सीधा लाभ पहुँचाया जा रहा है। 2025 में 30,000 लाभार्थियों को ₹90 करोड़ मिले, और 41,000 नई पात्र बेटियों को ₹100 करोड़ जल्द मिलेंगे।

लाडली योजना से क्या सुधार आया है।
शिक्षा में आया सुधार
योजना ने स्कूली शिक्षा (कक्षा 1, 5, 9, 10, 12 में) और उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे ड्रॉप-आउट दर में कमी आई और लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित हुई।
आर्थिक रूप से भी हुई मज़बूत
- 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर एक निश्चित परिपक्वता राशि (maturity amount) प्रदान की जाती है, जो उनकी उच्च शिक्षा या शादी के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- कन्या भ्रूण हत्या में कमी: जन्म के समय वित्तीय सहायता प्रदान करके, इस योजना ने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में सकारात्मक योगदान दिया है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी आया बेहतर अंतर
यह योजना लड़कियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है, जिससे उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त हो सके।
दिल्ली में लाडली योजना कब से लागू हुई थी ?
दिल्ली में मूल रूप से बेटियों के लिए ‘दिल्ली लाडली योजना’ (Delhi Ladli Scheme) 1 जनवरी 2008 से शुरू की गई थी, जो महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित थी। हालांकि, अब इस पुरानी योजना के स्थान पर सरकार ‘लखपति बिटिया योजना’ ला रही है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की घोषणा की गई है।
“दहेज मुक्त भारत” “नशा मुक्त भारत” और “अन्नपूर्णा योजना” बना रही है धरती को स्वर्ग
एक तरफ हम महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार को देख रहे हैं तो दूसरी तरफ हमें भारत के सच्चे संत की छवि भी दिखाई दे रही है, लगातार पिछले समय से जिस तरह “जगतगुरु, तत्वदर्शी, बाखबर, अंतिम पैगंबर, संत रामपाल जी महाराज” समाज कल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं उन योजनाओं से महिला सुरक्षा और उनका सम्मान काफी हद तक सुनिश्चित हुआ है।
दहेज मुक्त भारत के तहत हज़ारों बहन बेटियों के दहेज मुक्त विवाह हुए हैं और नशा मुक्त भारत से घरेलू हिंसा समाप्त हुई है। बता दें कि यह बदलाव” संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक ” जीने की राह” और” ज्ञान गंगा” की वजह से हो रहा है। यह दोनों ही पुस्तकें समाज कल्याण के लिए हैं। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित ज्ञान गंगा और जीने की राह पढ़ने के लिए आप Sant Rampal Ji Maharaj app download कर वहां से पुस्तकों की मुफ्त pdf भी डाउनलोड कर सकते हैं।
दिल्ली की लखपतिया बिटिया योजना से संबंधित FAQs
दिल्ली की लखपतिया बिटिया योजना क्या है?
दिल्ली में मौजूदा लाडली योजना को बंद कर 1 अप्रैल 2026 से नई “Delhi Lakhpati Bitiya Yojana” शुरू करने का ऐलान किया गया है।
दिल्ली की लखपति या बिटिया योजना के तहत कुल कितने रुपए मिलेंगे?
ग्रेजुएशन पूरी होने पर 1 लाख रुपये से अधिक की मैच्योरिटी राशि मिलेगी, बशर्ते 18 साल से पहले शादी न हो।
पुरानी “लाडली योजना” में कुल कितने रुपए बिटिया को दिए जाते थे?
इसके तहत अलग-अलग चरणों में 36,000 रुपये तक की मदद मिलती थी।
लाडली योजना कब शुरू हुई?
लाडली लक्ष्मी योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल, 2007 को की गई थी, जिसका उद्देश्य बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य में सुधार करना है, ताकि वे सशक्त बन सकें।
लाडली बहन योजना के प्राथमिक उद्देश्य क्या हैं?
दिल्ली में (अब बंद होने वाली) लाडली योजना का प्राथमिक उद्देश्य गरीब परिवारों में जन्मी बेटियों को जन्म से लेकर 18 वर्ष तक वित्तीय सहायता देकर उनके सशक्तिकरण, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। यह योजना लिंगानुपात में सुधार और बाल विवाह रोकने का भी एक महत्वपूर्ण ज़रिया थी।

