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Home » भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन: DRDO ने 6 टन हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन के लिए EoI जारी किया

Science

भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन: DRDO ने 6 टन हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन के लिए EoI जारी किया

SA News
Last updated: January 12, 2026 2:51 pm
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भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन: DRDO ने 6 टन हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन के लिए EoI जारी किया
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भारत ने रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और अहम पहल की है। DRDO की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) अब हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (HALE-RPAS) के विकास और उत्पादन की तैयारी में जुट गई है।

Contents
  • भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन, मुख्य बिंदु :
  • स्वदेशी ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव
  • भारत का स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन मिशन: रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
  • EoI प्रक्रिया और अहम तारीखें, कंपनियों के लिए बड़ी राहत
  • भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन से जुड़े FAQs 

इसके लिए DRDO ने 24 दिसंबर 2025 को Expression of Interest (EoI) जारी किया है। इस EoI के तहत केवल भारतीय कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं, जिन्हें डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर (DcPP) के रूप में चुना जाएगा।

इस परियोजना का उद्देश्य करीब 6 टन वर्ग के एक अत्याधुनिक स्वदेशी ड्रोन का विकास करना है, जो बहुत अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। यह ड्रोन इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन, रिकॉनिसेंस (ISTAR) के साथ-साथ स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे सकेगा।

भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन, मुख्य बिंदु :

  • DRDO-ADE ने HALE-RPAS ड्रोन के लिए EoI जारी किया
  • केवल भारतीय कंपनियां DcPP के रूप में चयन के लिए पात्र
  • करीब 6 टन वर्ग का अत्याधुनिक स्वदेशी ड्रोन विकसित होगा
  • ड्रोन ISTAR और स्ट्राइक मिशन दोनों में सक्षम होगा
  • कोई टेंडर फीस या EMD नहीं लगेगी
  • आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को मिलेगा बड़ा समर्थन

यह भी पढ़ें: DRDO के बनाए एंटी-कोविड ड्रग को मिली मंजूरी

स्वदेशी ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव

इस परियोजना के माध्यम से भारत में बड़े ड्रोन के डिजाइन, हाई-एल्टीट्यूड एयरोडायनामिक्स, टर्बोप्रॉप इंजन का इंटीग्रेशन, ऑटोनॉमस मिशन सिस्टम और सर्टिफिकेशन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमताओं को विकसित किया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य विदेशी ड्रोन और तकनीकों पर निर्भरता को कम करना है। साथ ही, लंबी अवधि में भारत में पूरी तरह स्वदेशी और मज़बूत ड्रोन निर्माण क्षमता तैयार करना भी इसका अहम लक्ष्य है।

भारत का स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन मिशन: रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

भारत ने रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और अहम पहल की है। DRDO की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) अब हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (HALE-RPAS) के विकास और उत्पादन की तैयारी में जुट गई है।

इसके लिए DRDO ने 24 दिसंबर 2025 को Expression of Interest (EoI) जारी किया है। इस EoI के तहत केवल भारतीय कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं, जिन्हें डेवलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर (DcPP) के रूप में चुना जाएगा।

इस परियोजना का उद्देश्य करीब 6 टन वर्ग के एक अत्याधुनिक स्वदेशी ड्रोन का विकास करना है, जो बहुत अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। यह ड्रोन इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन, रिकॉनिसेंस (ISTAR) के साथ-साथ स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे सकेगा।

यह कदम न सिर्फ भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई गति देगा।

यह भी पढ़ें: कजाकिस्तान के तेल उत्पादन में वृद्धि: तेंगिज़ विस्तार, नए अन्वेषण और निर्यात अनुकूलन क्षमता

EoI प्रक्रिया और अहम तारीखें, कंपनियों के लिए बड़ी राहत

इस परियोजना में भाग लेने वाली कंपनियों को किसी भी तरह की टेंडर फीस या अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) नहीं देना होगा। इच्छुक कंपनियां EoI से जुड़े सभी दस्तावेज निःशुल्क प्राप्त कर सकती हैं।

प्रोजेक्ट को लेकर प्री-बिड मीटिंग 9 जनवरी 2026 को बेंगलुरु स्थित ADE परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसमें तकनीकी और प्रक्रियागत पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी।

EoI के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 28 जनवरी 2026 तय की गई है, जबकि बोलियां 29 जनवरी 2026 को खोली जाएंगी।

भारत का स्वदेशी HALE ड्रोन मिशन से जुड़े FAQs 

Q1. HALE-RPAS ड्रोन क्या है?

यह हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन है, जो बहुत ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है।

Q2. इस ड्रोन का मुख्य उपयोग क्या होगा?

इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विजिशन, रिकॉनिसेंस और स्ट्राइक मिशन।

Q3. कौन सी कंपनियां आवेदन कर सकती हैं?

केवल भारतीय कंपनियां ही DcPP के रूप में आवेदन कर सकती हैं।

Q4. EoI कब जारी किया गया?

24 दिसंबर 2025 को जारी किया गया।

Q5. आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

28 जनवरी 2026 

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