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Google ने लॉन्च किया भारत में Android यूज़र्स के लिए Emergency Location Service (ELS) 

SA News
Last updated: December 28, 2025 12:18 pm
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Google ने लॉन्च किया भारत में Android यूज़र्स के लिए Emergency Location Service (ELS) 
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Google ने भारत में एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए एक कमाल का फीचर लॉन्च किया है। इसका नाम इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (Emergency Location Service – ELS) है। यह फीचर खासतौर पर आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने में मदद करेगा।

Contents
  • Google का ELS फीचर से जुड़े मुख्य तथ्य: 
  • इमरजेंसी में लोकेशन बताने की टेंशन खत्म, ELS खुद करेगा मदद
  • कैसे शेयर होती है आपकी लोकेशन? जानिए ELS कैसे करता है काम
  • ELS कैसे पता लगाता है आपकी सटीक लोकेशन?
  • Emergency Location Service से संबंधित मुख्य FAQs 

भारत में यह सुविधा पहली बार शुरू की गई है और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से हुई है। गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से मौजूद यह फीचर तब अपने आप एक्टिव हो जाता है, जब कोई यूज़र इमरजेंसी नंबर डायल करता है।

जैसे ही कॉल की जाती है, ELS यूज़र की सटीक लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देती है। इससे पुलिस, एंबुलेंस या अन्य राहत सेवाओं को यह जानने में आसानी होती है कि मदद कहां पहुंचानी है। कई बार घबराहट या अनजान जगह होने की वजह से लोग अपनी लोकेशन ठीक से नहीं बता पाते, ऐसे में यह फीचर बेहद कारगर साबित होगा।

Google का ELS फीचर से जुड़े मुख्य तथ्य: 

  • ELS फीचर इमरजेंसी कॉल या SMS करते ही ऑटोमैटिक एक्टिव हो जाता है
  • यूज़र की सटीक लोकेशन सीधे इमरजेंसी सर्विसेज़ तक पहुंचती है
  • GPS, Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क की मदद से लोकेशन ट्रैक होती है
  • लोकेशन की एक्यूरेसी लगभग 50 मीटर तक हो सकती है
  • कॉल ड्रॉप होने पर भी लोकेशन शेयर हो चुकी होती है
  • Android 6.0 और उससे ऊपर के सभी डिवाइस में यह सुविधा उपलब्ध है

यह भी पढ़ें : Google and Reliance Jio Revolutionize AI Access in India: Free Gemini Pro Plan Worth ₹35,100 for Jio Users

इमरजेंसी में लोकेशन बताने की टेंशन खत्म, ELS खुद करेगा मदद

कई बार इमरजेंसी की स्थिति में लोग इतना घबरा जाते हैं कि वे ठीक से अपनी लोकेशन नहीं बता पाते। कभी चोट लगने की वजह से बोलना मुश्किल हो जाता है, तो कभी अनजान जगह होने के कारण सही पता शेयर करना संभव नहीं हो पाता। इसके अलावा, कमज़ोर नेटवर्क सिग्नल भी एक बड़ी परेशानी बन जाती है।

ऐसी ही मुश्किल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) काम करती है। जब कोई व्यक्ति इमरजेंसी कॉल करता है या SMS भेजता है, तो यह फीचर अपने आप उसकी लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देता है। यूज़र को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती।

कैसे शेयर होती है आपकी लोकेशन? जानिए ELS कैसे करता है काम

यह फीचर Android 6.0 और उसके बाद के सभी वर्जन में उपलब्ध है। चूंकि इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) एंड्रॉयड सिस्टम में पहले से ही मौजूद होती है, इसलिए यूज़र्स को इसके लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड या इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह फीचर सिर्फ इमरजेंसी के समय ही एक्टिव होता है। जैसे ही कोई यूज़र 112 या किसी अन्य इमरजेंसी नंबर पर कॉल करता है या मैसेज भेजता है, ELS अपने आप उस यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर कर देता है।

इतना ही नहीं, यह फीचर यूज़र की डिवाइस लैंग्वेज की जानकारी भी भेजता है, ताकि इमरजेंसी रिस्पॉन्डर यह समझ सकें कि यूज़र से किस भाषा में बात करनी है। इससे बातचीत आसान होती है और मदद पहुंचाने में समय की बचत होती है।

इस तकनीक की मदद से पुलिस, एंबुलेंस और फायर सर्विस जैसी एजेंसियों को सही जगह पर जल्दी पहुंचाया जा सकता है, जो किसी भी आपात स्थिति में बेहद अहम साबित होता है।

यह भी पढ़ें : BharOS: भारतीय स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम की टेस्टिंग हुई सफल, Google के Android तथा Apple के iOS को देगा कड़ी टक्कर

ELS कैसे पता लगाता है आपकी सटीक लोकेशन?

जैसे ही कोई यूजर इमरजेंसी नंबर पर कॉल या मैसेज करेगा, यह फीचर GPS, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगा लेगा. फिर यह जानकारी इमरजेंसी सर्विसेस के पास भेजी जाती है और इसकी एक्यूरेसी 50 मीटर तक हो सकती है. एक बार फोन कनेक्ट होने पर अगर कॉल ड्रॉप भी होती है तो भी लोकेशन शेयर हो जाएगी.

इसके बाद यह जानकारी सीधे इमरजेंसी सर्विसेज़ तक पहुंचा दी जाती है। खास बात यह है कि इसकी लोकेशन एक्यूरेसी लगभग 50 मीटर तक हो सकती है, जिससे मदद सही जगह पर जल्दी पहुंच सके।

अगर एक बार कॉल कनेक्ट हो जाती है और बाद में किसी वजह से कॉल ड्रॉप भी हो जाए, तब भी यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ के साथ शेयर हो चुकी होती है। इस वजह से आपात स्थिति में मदद मिलने की संभावना और भी बढ़ जाती है।

Emergency Location Service से संबंधित मुख्य FAQs 

Q1. Emergency Location Service (ELS) क्या है?

ELS एक Android फीचर है जो इमरजेंसी कॉल करते ही यूज़र की लोकेशन इमरजेंसी सर्विसेज़ से शेयर करता है।

Q2. क्या इसके लिए अलग से ऐप डाउनलोड करना होगा?

नहीं, यह फीचर Android सिस्टम में पहले से मौजूद होता है।

Q3. ELS किन Android डिवाइस में काम करता है?

Android 6.0 और उससे ऊपर के सभी स्मार्टफोन्स में।

Q4. क्या यह फीचर हर समय एक्टिव रहता है?

नहीं, यह सिर्फ इमरजेंसी कॉल या मैसेज के दौरान ही एक्टिव होता है।

Q5. लोकेशन कितनी सटीक होती है?

लगभग 50 मीटर तक की एक्यूरेसी हो सकती

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