SA NewsSA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
SA NewsSA News
  • Home
  • Business
  • Politics
  • Educational
  • Tech
  • History
  • Events
  • Home
  • Business
  • Educational
  • Events
  • Fact Check
  • Health
  • History
  • Politics
  • Sports
  • Tech
Follow US
© 2024 SA News. All Rights Reserved.

Home » चंद्र ग्रहण: डरिए मत, गलत मान्यताओं को तोड़कर असली धार्मिक महत्व समझिए

Science

चंद्र ग्रहण: डरिए मत, गलत मान्यताओं को तोड़कर असली धार्मिक महत्व समझिए

SA News
Last updated: September 5, 2025 5:52 pm
SA News
Share
चंद्र ग्रहण: डरिए मत, गलत मान्यताओं को तोड़कर असली धार्मिक महत्व समझिए
SHARE

चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डाल देती है। यह घटना केवल पूर्णिमा को ही संभव है। 7 सितंबर 2025 की रात को भारत में साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसे ‘Blood Moon’ कहा जाता है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखता है। यह दृश्य वैज्ञानिक, धार्मिक और आध्यात्मिक—तीनों दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।

Contents
  • कब, कहां और कैसे दिखेगा चंद्र ग्रहण ?
  • सूतक काल क्या होता है ?
  • कितने प्रकार के चन्द्र ग्रहण होते हैं? (Types of Lunar Eclipse)
  • चंद्र ग्रहण को कैसे देखें? (How to watch Lunar Eclipse safely)
  • चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व और मनगढ़ंत मान्यताएँ
  • चंद्रग्रहण से जुड़ी गलत मान्यताओं का खंडन और इसके पीछे का सच
  • चंद्र ग्रहण 2025 पर FAQs 

कब, कहां और कैसे दिखेगा चंद्र ग्रहण ?

7 सितंबर 2025 की रात यह ग्रहण 9:58 बजे (IST) शुरू होगा और 8 सितंबर की सुबह 3:25 बजे समाप्त होगा। समय-सारणी इस प्रकार है:

  • पेनुम्ब्रल (Penumbral) शुरू: रात 9:58 बजे
  • आंशिक शुरू: रात 10:56 बजे
  • पूर्ण शुरू: रात 11:59 बजे
  • चरम (मध्य): रात 12:42 बजे
  • पूर्ण समाप्त: रात 1:26 बजे
  • आंशिक समाप्त: रात 2:24 बजे
  • पेनुम्ब्रल समाप्त: सुबह 3:25 बजे

कुल अवधि: 5 घंटे 27 मिनट

पूर्ण ग्रहण: 1 घंटा 27 मिनट

यह नजारा पूरे भारत में साफ दिखेगा, साथ ही एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी।

सूतक काल क्या होता है ?

हिंदू धर्म में प्रचलित कुछ मनगढ़ंत मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व है। यह ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। 7 सितंबर को दोपहर 12:58 बजे शुरू होकर 8 सितंबर की सुबह 3:25 बजे समाप्त होगा।

कुछ गलत मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में :

  • पूजा-पाठ, विवाह या शुभ कार्य नहीं किए जाते।
  • गर्भवती महिलाओं को बाहर न निकलने और नुकीली वस्तुओं से बचने की सलाह दी जाती है।
  • भोजन में तुलसी पत्ते डालकर रखने से नकारात्मक प्रभाव कम माना जाता है।

कितने प्रकार के चन्द्र ग्रहण होते हैं? (Types of Lunar Eclipse)

मुख्यतः चन्द्रग्रहण तीन प्रकार के माने गए हैं एक ग्रहण होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण, एक आंशिक चंद्र ग्रहण और उपच्छाया चंद्र ग्रहण। जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चांद को पूरी तरह से ढक लेती है तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से लाल दिखाई देता है। वहीं, जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है और चंद्रमा के कुछ ही भाग पर पृथ्वी की छाया पड़ पाती है, इसे ही आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं।

Also Read: धर्म, विज्ञान और कला का अनोखा संगम 

उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूर्य और चंद्र के बीच पृथ्वी उस समय आती है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं।

चंद्र ग्रहण को कैसे देखें? (How to watch Lunar Eclipse safely)

  • चंद्र ग्रहण को नग्न आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
  • दूरबीन या टेलीस्कोप से ‘Blood Moon’ और भी स्पष्ट दिखता है ।
  • बेहतर अनुभव के लिए अंधेरे और खुले स्थान पर जाया जा सकता है।
  • फोटोग्राफी के लिए कैमरे में लंबी एक्सपोजर सेटिंग उपयोग की जा सकती है।

लेकिन ठहरिए, पहले इस लेख को पूरा पढिए, आपको समझ आएगा कि आपको ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है । ये असली कार्य नहीं है जो करने लायक है । लेख के अगले हिस्से में आप एक अहम जानकारी पढ़ने जा रहे हैं। 

चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व और मनगढ़ंत मान्यताएँ

चंद्र ग्रहण खगोल विज्ञान का अद्भुत प्रयोगशाला जैसा अवसर है। ‘Blood Moon’ का लाल रंग पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा सूर्य की किरणों के बिखराव (Scattering) के कारण होता है। यह हमें पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति और गति के बारे में गहराई से समझने का मौका देता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण राहु-केतु के प्रभाव से जुड़ा है। 

चंद्रग्रहण से जुड़ी गलत मान्यताओं का खंडन और इसके पीछे का सच

चंद्रग्रहण से बहुत सी वर्जनाएँ जुड़ी हुई हैं जैसे कई कार्यों पर रोक लगना, सूतक मानना, बाहर न आना जाना आदि। ये सभी मान्यताएँ केवल मान्यताएँ ही हैं और ग्रहण एक खगोलीय घटना है। वास्तविक जीवन में व्यक्ति अपने कर्मफल भोगता है और उसके ही कारण उसके जीवन में सुख, दुख, बीमारियाँ आतीं हैं। चूँकि ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना है, इसे ज्योतिष भिन्न भिन्न राशियों और उन पर प्रभाव से भी जोड़कर देखते हैं। सतभक्ति सभी प्रकार के ग्रहण चाहे वो जीवन में हों या भाग्य में, से बचाती है।

पूर्ण परमेश्वर सच्चे साधक की रक्षा स्वयं करता है। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं इस बात की शास्त्र गवाही देते हैं। इस लोक में सबकुछ फना अर्थात नाशवान है। राजा, गांव, शहर, जीव-जंतु, वन, दरिया सब नाशवान है। शिवजी का कैलाश पर्वत तक नाशवान है। यह सब कृत्रिम संसार सब झूठ है। अतः तत्वदर्शी संत  रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लेकर श्वांसों का स्मरण करके अविनाशी परमेश्वर की भक्ति करें। सतभक्ति मंदिर जाना, उपवास करना और शास्त्रों का अध्ययन करना कतई नहीं है।

सतभक्ति है गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में कहे अनुसार पूर्ण तत्वदर्शी संत की शरण खोजना और उससे अध्याय 17 श्लोक 23 में दिए तीन मन्त्रों को प्राप्त कर उनका जाप करना है। सतभक्ति केवल पूर्ण तत्वदर्शी संत ही समझा सकता है। वर्तमान में एकमात्र तत्वदर्शी संत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर अपने हर तरह के असाध्य कष्टों का निवारण करवाएं एवं भक्ति करके मोक्ष का रास्ता चुनें। 

चंद्र ग्रहण 2025 पर FAQs 

1. चंद्र ग्रहण 2025 भारत में कब लगेगा?

7 सितंबर 2025 को रात 9:58 बजे शुरू होकर 8 सितंबर को सुबह 3:25 बजे समाप्त होगा।

2. पूर्ण ग्रहण कितनी देर रहेगा?

रात 11:59 बजे से 1:26 बजे तक — कुल 1 घंटा 27 मिनट।

3. सूतक काल कब रहेगा?

7 सितंबर दोपहर 12:58 बजे से 8 सितंबर सुबह 3:25 बजे तक।

4. क्या चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

हां, यह पूरे भारत में साफ दिखाई देगा।

Share This Article
Email Copy Link Print
What do you think?
Love1
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
BySA News
Follow:
Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.
Previous Article UPSC CDS-II & NDA/NA-II 2025 Admit Cards Released | Exam Scheduled for Sept 14 UPSC CDS-II & NDA/NA-II 2025 Admit Cards Released | Exam Scheduled for Sept 14
Next Article Grandparents Day 2025 Date, History & Modern Significance Grandparents Day 2025: Date, History & Modern Significance
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Popular Posts

Saint Rampal Ji Maharaj Rescues Byana Kheda (Hisar), Haryana: 10,500 Acres Sown After Devastating Floods

​In the village of Byana Kheda, falling under the Barwala tehsil of Hisar district in…

By SA News

Business Sustainability Practices: 15 Proven Strategies to Future-Proof Your Company

Climate change isn't just an environmental concern—it's reshaping how businesses operate, compete, and survive. With…

By SA News

Sant Rampal Ji Maharaj Becomes the Lifeline of Gujarat’s Kundaliya Village – A Permanent Solution to a 50-Year-Old Flood Crisis

Kundaiya Village Flood: The small village of Kundaliya, located in Banaskantha district of Gujarat, was…

By SA News

You Might Also Like

Understanding The key Difference Between Comets, Asteroids, and Meteors
Science

Understanding The key Difference Between Comets, Asteroids, and Meteors

By SA News
India’s Strategic Edge Amplified Successful Test-Firing of Agni-5 Ballistic Missile
Science

India’s Strategic Edge Amplified: Successful Test-Firing of Agni-5 Ballistic Missile

By SA News
Space Telescopes Eyes in the Sky Exploring the Universe
Science

Space Telescopes: Eyes in the Sky Exploring the Universe

By SA News
Lichens Survive in Mars-Like Conditions: A Breakthrough for Life Beyond Earth
Science

Lichens Survive in Mars-Like Conditions: A Breakthrough for Life Beyond Earth

By SA News
SA NEWS LOGO SA NEWS LOGO
748KLike
340KFollow
13KPin
216KFollow
1.8MSubscribe
3KFollow

About US


Welcome to SA News, your trusted source for the latest news and updates from India and around the world. Our mission is to provide comprehensive, unbiased, and accurate reporting across various categories including Business, Education, Events, Health, History, Viral, Politics, Science, Sports, Fact Check, and Tech.

Top Categories
  • Politics
  • Health
  • Tech
  • Business
  • World
Useful Links
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Copyright Notice
  • Contact Us
  • Official Website (Jagatguru Sant Rampal Ji Maharaj)

© SA News 2025 | All rights reserved.