नई दिल्ली: अधिकारियों ने बताया कि तमिलगा बैटट्री कज़गम (TVK) प्रमुख विजय से सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में राजनीतिक रैली के दौरान लोगों में धक्का मुक्की हुई, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
पूछताछ का मुख्य बिंदु
पूछताछ का मुख्य बिंदु रैली में विजय का देरी से आना था । सुबह 11:00 का समय देकर शाम 7:00 बजे पहुंचने का कारण पूछा गया। आपको बता दें, देरी से आने से भीड़ निरंतर बढ़ती गई और गर्मी से थकावट और निर्जलीकरण के मामले भी सामने आए, जिससे भीड़ में भाग कर मच गई। जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई, उनमें नौ बच्चे भी शामिल थे और 60 से अधिक लोगों घायल हो गए।
सूत्रों के मुताबिक की ने विजय को भगदड़ मामले की जांच में सहयोग करने के लिए नोटिस भेजा और उन्हें 12 जनवरी को दिल्ली में पेश होने के लिए कहा गया।
भीड़, हंगामा और पुलिस एक्शन—CBI ने विजय से की गहन पूछताछ
एजेंसी ने पहले ही टीवीके (TVK) के कई पदाधिकारी से पूछताछ कर ली थी और अब विजय (Vijay) से पूछताछ जारी है। सीबीआई द्वारा पूछताछ का मुख्य बिंदु तो देरी से आना रहा पर साथ ही में अन्य कई बिंदुओं पर भी पूछताछ की गई। अधिकारियों ने यह भी पूछा कि क्या आपका आपको जानकारी थी कि कार्यक्रम में कितनी भीड़ थी और कितने लोगों के आने की संभावना थी? उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें भाषण के दौरान किसी लापता बच्चों के बारे में कोई घोषणा की गई थी? और क्या उन्हें चल रहे हंगामे की जानकारी थी ? सीबीआई ने यह भी पूछा कि क्या उन्हें जानकारी थी कि पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज किया था ?
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सोपा केस
यह जिम्मेदारी 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा आदेश के बाद ही सीबीआई ने विशेष जांच दल एसआईटी से अपने हाथ में ली। सीबीआई को जांच का आदेश देते हुए न्याय मूर्ति जेके माहेश्वरी और एनवी अंजारी ने कहा कि करूर भगदड़ ने राष्ट्रीय चेतना पर गहरी छाप छोड़ी है और नागरिकों के जीवन के अधिकार पर व्यापक परिणाम हुए हैं।

पुलिस के डीजीपी डेविडसन देवसिरवथम को भी सोमवार को सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा है। इस मामले के संबंध में टीवीके के चुनाव महासचिव आधव अर्जुन, संयुक्त महासचिव निर्मल कुमार और निर्माता जगदीश पलानिसामी को भी अगली पूछताछ के लिए समय जारी किया है।
न सुख, न सिद्धि, न गति: अकाल मृत्यु और शास्त्रविरुद्ध आचरण का सच
भगदड़ में मृत्यु को प्राप्त होना शास्त्र अनुसार अकाल मृत्यु कहा गया है। अकाल मृत्यु उसे कहते हैं, जो समय से पहले मृत्यु हो, लंबी बीमारी से मृत्यु हो, जल – थल – वायु दुर्घटना से मृत्यु हो, किसी का खून कर देना, भूत – प्रेत द्वारा मृत्यु हो। अकाल मृत्यु में यम के दूत भी उस आत्मा को नहीं संभालते। यह सिर्फ तभी होता है, जब मनुष्य भक्ति न करके फिल्म, सीरियल, मैच, नाच-गाना, आधी – आधी में ही अपना जीवन व्यतीत करता है। अगर भक्ति करता भी है तो शास्त्र विरुद्ध करता है, जिसका उल्लेख भगवत गीता अध्याय 16 शोक 23 और 24 में स्पष्ट किया है कि शास्त्र विधि को त्याग कर जो मनमाना आचरण करते हैं, उन्हें न ही सिद्धि प्राप्त होती है, न हीं सुख मिलता है और ना ही मृत्यु उपरांत गति ही होती है।
सद्गुरु द्वारा बताई शास्त्र अनुसार सत भक्ति से ही सुख, समृद्धि और गति होती है। गति का अर्थ मृत्यु लोक को त्याग कर जीव आत्मा अमर लोक में प्रवेश करना होता है, जिसे मोक्ष कहते हैं। आज वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज ही है जो शास्त्र अनुसार सत भक्ति अपने अनुयायियों को प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनके अनुयाई जब कभी भी किसी भी समारोह का आयोजन करते हैं तो किसी भी प्रकार की भगदड़ नहीं देखने को मिलती और ना ही किसी प्रकार की अकाल मृत्यु होती है।
संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों का कहना है कि गुरु जी हमें सत सनातन धर्म का पालन करवाते हैं, जिसे आदि सनातन भी कहते हैं। इससे परम सुख की प्राप्ति होती है और मृत्यु उपरांत मोक्ष भी प्राप्त होता है। अधिक जानकारी के लिए आप डाउनलोड करें Sant Rampal Ji Maharaj app

