प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हवाई अड्डे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। यह यात्रा मात्र 1 घंटा 45 मिनट की थी, लेकिन इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया।
बताया जा रहा है कि यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के विशेष निमंत्रण पर हुआ और इसका उद्देश्य भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करना तथा कई गंभीर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यूएई नेता की भारत यात्रा भारत-यूएई मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मैं हमारी चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।”
इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और उनके परिवार का स्वागत किया। समय की कमी के बावजूद दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रपति का प्रस्थान शाम 6:05 बजे हुआ।
राजनयिक उपहार और उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री द्वारा भेंट किए गए उपहार
भारतीय परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति और उनके परिवार को सांस्कृतिक उपहार दिए।
- राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को गुजरात की नक्काशीदार लकड़ी का शाही झूला भेंट किया गया, जिस पर फूलों और पारंपरिक डिजाइनों की जटिल कारीगरी की गई थी। यह झूला पारिवारिक एकता और पीढ़ियों के बीच संबंध का प्रतीक है, जो यूएई द्वारा घोषित “परिवार वर्ष 2026” के अनुरूप है।
- प्रधानमंत्री ने तेलंगाना से लाए गए अलंकृत चांदी के डिब्बे में कश्मीरी पशमीना शॉल भी भेंट किया।
- इसी प्रकार शेख फातिमा बिन्त मुबारक अल केतबी को भी एक पशमीना शॉल और अलंकृत चांदी के डिब्बे में कश्मीरी केसर दिया गया।
दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बैठक
विदेश मंत्री की मीडिया ब्रीफिंग के अनुसार यह बैठक निर्धारित दो घंटे के बजाय तीन घंटे से अधिक चली। पहले यह सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई, बाद में विस्तारित स्तर पर चर्चा की गई।
यूएई प्रतिनिधिमंडल में दुबई और अबू धाबी के शाही परिवारों के सदस्य, वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष अधिकारी शामिल थे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- शेख अहमद बिन जायद अल नह्यान (अबू धाबी निवेश प्राधिकरण)
- हमदान बिन मोहम्मद बिन रशीद अल मकतूम (उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री)
- शेख हमदान बिन जायद बिन सुल्तान अल नहयान (राष्ट्रपति न्यायालय के उपाध्यक्ष)
साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, उन्नत प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा से जुड़े मंत्री भी उपस्थित रहे।
रणनीतिक साझेदारी, व्यापार लक्ष्य और क्षेत्रीय सहयोग
बैठक में भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।
प्रमुख निर्णय और समझौते:
- परमाणु ऊर्जा, रेलवे और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर।
- बड़े परमाणु रिएक्टरों और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास पर संयुक्त कार्य।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर और डिजिटल अवसंरचना में निवेश बढ़ाने पर सहमति।
- फरवरी 2026 में भारत में होने वाले AI शिखर सम्मेलन में यूएई की उच्चस्तरीय भागीदारी।
- “डिजिटल/डेटा दूतावास” की संभावना पर विचार।
- अबू धाबी में “हाउस ऑफ इंडिया” की स्थापना—एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र और संग्रहालय।
यूएई में लगभग 45 लाख भारतीय रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यूएई ने ब्रिक्स में भारत की अध्यक्षता का समर्थन किया और आगामी AI इंपैक्ट समिट में उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व की पुष्टि की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह संक्षिप्त यात्रा भारत-यूएई संबंधों की प्रगाढ़ता और निरंतर उच्चस्तरीय संपर्क को दर्शाती है।

