नोएडा में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उनकी जान बचाने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ऑपरेशन FAST की शुरुआत की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की पहल पर इसके लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाली हेल्पलाइन नंबर भी जारी की गई है। इस व्यवस्था के तहत हेल्पलाइन पर कॉल मिलते ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम सक्रिय होगा और एम्बुलेंस के रास्ते को रेस्पॉन्सिव कॉलियर्स के जरिए खाली कराया जाएगा। इसका ट्रायल चिल्ला बॉर्डर से फोर्टिस-मैक्स अस्पताल तक 12 किलोमीटर के रूट पर किया गया, जिसे एम्बुलेंस ने महज 10 मिनट में पूरा किया। इस पहल का उद्देश्य जाम के कारण मरीजों को होने वाली घातक समस्या से बचाना है।
मुख्य बिंदु:-
1. नोएडा में बड़ा बदलाव अब एम्बुलेंस के लिए खुद रास्ता खाली कराएगा ट्रैफिक सिस्टम।
2. एम्बुलेंस की मदद के लिए 24 घंटे अलर्ट रहेगा कंट्रोल रूम, जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर।
3. सायरन बजते ही बनेगा ग्रीन कॉरिडोर एम्बुलेंस के आगे रास्ता खाली कराएगी ट्रैफिक पुलिस।
4. जाम में नहीं अटकेगी मरीजों की जिंदगी ऑपरेशन FAST से समय पर अस्पताल पहुंचेगी एम्बुलेंस।
अब एम्बुलेंस के लिए खुद रास्ता बनाएगा ट्रैफिक।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब एम्बुलेंस के सायरन बजाते ही उसके लिए रास्ता खाली कराने की व्यवस्था की जाएगी। ट्रैफिक जाम के कारण किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े, इस उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन FAST’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। FAST का पूरा नाम FAST Ambulance Seamless Transition है।
यह योजना पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में शुरू की गई है, जबकि इसका विस्तृत शोध और कार्ययोजना पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्वेता गोयल ने तैयार की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा पीड़ितों और सड़क हादसों में घायल लोगों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाना है, ताकि समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सके।
24 घंटे सक्रिय रहेगा विशेष कंट्रोल रूम
एम्बुलेंस को ट्रैफिक में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस ने एक केंद्रीकृत व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय और ट्रैफिक कंट्रोल रूम में विशेष एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा प्रकोष्ठ बनाया गया है। यह व्यवस्था सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे काम करेगी।
पुलिस ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9218981716 भी जारी किया है। एम्बुलेंस को रास्ते में ट्रैफिक संबंधी परेशानी होने पर ड्राइवर, अस्पताल का कर्मचारी या मरीज के परिजन इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम सक्रिय हो जाएगा और एम्बुलेंस के निर्धारित मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख चौराहों की ट्रैफिक पुलिस को पहले से अलर्ट कर दिया जाएगा, ताकि रास्ता खाली कराने में देरी न हो।
एम्बुलेंस के आगे ग्रीन कॉरिडोर की तरह खुलेगा रास्ता
जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा। साथ ही, सामने से आने वाले वाहनों की आवाजाही नियंत्रित कर वैकल्पिक मार्गों को भी खाली कराया जाएगा। पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया को रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस नाम दिया है। इसके तहत एम्बुलेंस जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, उसके अगले रास्ते को भी ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर लगातार खाली कराया जाता रहेगा।
इस व्यवस्था की प्रभावशीलता जांचने के लिए पुलिस ट्रायल भी कर चुकी है। परीक्षण के दौरान खाली एम्बुलेंस ने चिल्ला बॉर्डर से सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल और सेक्टर-135 स्थित मैक्स अस्पताल तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी महज 10 मिनट में तय की। जबकि सामान्य दिनों में पीक आवर्स के दौरान इसी सफर में लगभग 30 से 40 मिनट लग जाते हैं।
हजारों जिंदगियों के लिए मददगार साबित होगी पहल
गौतमबुद्धनगर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच पुलिस की यह पहल हजारों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन सकती है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का कहना है कि ट्रैफिक जाम के चलते मरीजों को इलाज मिलने में देरी होना स्वीकार्य नहीं है। पुलिस का प्रयास है कि हर अनमोल जिंदगी को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर बचाया जा सके। ऑपरेशन FAST शुरू होने के बाद नोएडा के लोगों को उम्मीद है कि अब एम्बुलेंस को जाम में फंसकर रास्ता मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके बजाय ट्रैफिक व्यवस्था खुद सक्रिय होकर उसके लिए रास्ता तैयार करेगी।

