नई दिल्ली: NCRTC RRTS 8 Corridors: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) दिल्ली-NCR की परिवहन व्यवस्था को ‘नमो भारत’ (Namo Bharat) ट्रेनों के ज़रिए एक नई रफ्तार दे रहा है। रीजनल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (RRTS) के तहत दिल्ली को आसपास के प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए कुल 8 कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इन हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी और घंटों का सफर मिनटों में तय होगा। हाल ही में इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक अपडेट सामने आए हैं, जो आम यात्रियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी हैं।
NCRTC RRTS 8 Corridors से जुड़े मुख्य बिंदु:
- दिल्ली-NCR में कुल 8 RRTS नमो भारत कॉरिडोर की गई पहचान।
- फेज़-1 में तीन रूट को प्राथमिकता दी गई है: मेरठ, अलवर और पानीपत।
- 22 फरवरी 2026 को दिल्ली-मेरठ का पूरा 82 किलोमीटर लंबा रूट चालू हो गया है।
- हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा के नए 64 किमी रूट को भी दे दी है मंजूरी।
- नमो भारत ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ती हैं।
फेज़ 1 के 3 प्राथमिकता वाले कॉरिडोर
NCRTC ने सबसे पहले जिन तीन कॉरिडोर को चुना है, उनका काम सबसे तेज़ गति से हो रहा है:
1. दिल्ली – गाज़ियाबाद – मेरठ: यह 82.15 किलोमीटर लंबा रूट है। यह भारत का पहला हाई-स्पीड रीजनल रेल नेटवर्क बन चुका है, जो अब पूरी तरह से चालू है।
2. दिल्ली – गुरुग्राम – एसएनबी – अलवर: यह 164 किलोमीटर लंबा रूट होगा। यह दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गुरुग्राम, रेवाड़ी और एसएनबी होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाएगा। इसका डीपीआर (DPR) अप्रूवल के अंतिम चरण में है।
3. दिल्ली – पानीपत: यह 103 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा। यह कश्मीरी गेट से शुरू होकर सोनीपत होते हुए पानीपत तक जाएगा। इसका भी डीपीआर (DPR) लगभग तैयार है।
भविष्य के अन्य 5 प्रस्तावित कॉरिडोर
पहले फेज़ के बाद दिल्ली-NCR के विस्तार के लिए 5 अन्य कॉरिडोर को भी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लान में शामिल किया गया है:
1. दिल्ली – फरीदाबाद – बल्लभगढ़ – पलवल: यह लाइन साउथ दिल्ली को हरियाणा के पलवल से जोड़ेगी।
2. गाज़ियाबाद – खुर्जा: गाज़ियाबाद से सीधे खुर्जा तक एक तेज़ रफ्तार नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
3. दिल्ली – बहादुरगढ़ – रोहतक: पश्चिम दिल्ली को सीधे रोहतक से जोड़ने वाला यह एक महत्वपूर्ण ट्रैक होगा।
4. गाज़ियाबाद – हापुड़: गाज़ियाबाद को हापुड़ जिले से जोड़ने वाला नमो भारत रूट।
5. दिल्ली – शाहदरा – बड़ौत: यह लाइन शाहदरा से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बड़ौत तक जाएगी।
नमो भारत मेट्रो से कैसे अलग है?
नमो भारत (RRTS) और सामान्य मेट्रो में बड़ा अंतर है। नमो भारत के स्टेशन मेट्रो के मुकाबले काफी दूरी (लगभग 5 से 10 किमी) पर होते हैं। इसकी डिज़ाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है। यह मुख्य रूप से दो बड़े शहरों के बीच की लंबी दूरी को कम समय में और आराम से तय करने के लिए बनाई गई है।
Also Read: दिल्ली से राजस्थान तक चलेगी रैपिड रेल, 2028 तक पूरा करने का है लक्ष्य
FAQs about NCRTC RRTS 8 Corridors
Q1. NCRTC द्वारा कितने RRTS कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं?
दिल्ली-NCR के लिए कुल 8 मुख्य RRTS कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें से 3 प्राथमिकता पर हैं।
Q2. दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का क्या स्टेटस है?
22 फरवरी 2026 को दिल्ली-मेरठ का पूरा 82 किलोमीटर लंबा रूट पूरी तरह से चालू हो गया है।
Q3. नया गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर क्या है?
यह फरवरी 2026 में हरियाणा सरकार द्वारा मंजूर किया गया 64 किमी लंबा नया नमो भारत रूट है, जो फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम और नोएडा को जोड़ेगा।
Q4. दिल्ली-अलवर कॉरिडोर की लंबाई कितनी होगी?
दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 164 किलोमीटर प्रस्तावित है।
Q5. नमो भारत ट्रेन की अधिकतम स्पीड क्या है?
इन ट्रेनों की अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।

