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Nature

National Zoo Lovers Day 2025: प्रकृति से संवाद का दिन

SA News
Last updated: April 8, 2025 2:13 pm
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National Zoo Lovers Day 2025: प्रकृति से संवाद का दिन
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प्रकृति में ईश्वर का वास माना जाता है और यह ईश्वर का सबसे अनमोल उपहार है। झरने, नदियां, पेड़-पौधे, जानवर, पर्वत आदि मिलकर प्रकृति को बहुत आकर्षक बनाते हैं। प्रकृति और चिड़ियाघर के महत्व को समझाने के लिए प्रत्येक वर्ष 8 अप्रैल को भारत में राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्रेमी दिवस ( National Zoo Lovers Day) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों के दिलों में चिड़ियाघरों में रहने वाले जानवरों के प्रति प्रेम को बढ़ावा देना है। इस के अतिरिक्त लोगों को यह भी बताया जाता है कि चिड़ियाघर केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि अनुसंधान और शिक्षा का केंद्र भी है।

Contents
  • National Zoo Lovers Day 2025: चिड़ियाघर का इतिहास 
  • National Zoo Lovers Day 2025: भारत सरकार के विशेष कार्य 
  • National Zoo Lovers Day 2025: राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्रेमी दिवस की थीम 
  • National Zoo Lovers Day 2025: कैसे मनाते हैं चिड़ियाघर प्रेमी दिवस
  • National Zoo Lovers Day 2025: जानवरों से प्रेम : दियालता की निशानी 

National Zoo Lovers Day 2025: चिड़ियाघर का इतिहास 

चिड़ियाघर का इतिहास प्राचीन दुनिया से आधुनिक दुनिया तक बहुत लंबा है। दुनिया का सबसे पुराना चिड़ियाघर ऑस्ट्रेलिया के वियना में टियरगार्टन शॉनब्रून में स्थित है। इससे यह पता चलता है कि सदियों से प्रकृति प्रेमी अपने प्रेम को प्रकट करने के लिए चिड़ियाघर की स्थापना करते आ रहे थे। 19वीं सदी की शुरुआत तक चिड़ियाघर को शाही शक्ति का भी प्रतीक माना जाता था। उस समय यूरोप के प्रमुख शहरों में चिड़ियाघरों का निर्माण किया गया। 

भारत में चिड़ियाघर की शुरुआत वर्ष 1854 से हुई थी,जब कोलकाता के अलीपुर में अलीपुर वन्य प्राणी उद्यान बनाया गया था। अगर बात करें वर्तमान की, तो आज भी बहुत से चिड़ियाघर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं जैसे कि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली), नेहरू जूलॉजिकल पार्क आदि।

National Zoo Lovers Day 2025: भारत सरकार के विशेष कार्य 

चिड़ियाघरों के लिए भारतीय सरकार ने भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके लिए भारतीय सरकार ने वर्ष 1992 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की स्थापना की थी। यह वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत चिड़ियाघरों से संबंधित कार्यों को देखती है। 

Also Read: Supreme Court Orders Immediate Halt to clearing 400-acre Kancha Gachibowli Forest, Hyderabad

सरकार ने जानवरों की लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं। असम और मध्य प्रदेश के उद्यानों में ई निगरानी की व्यवस्था की गई है।

National Zoo Lovers Day 2025: राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्रेमी दिवस की थीम 

लोगों को चड़ियाघर के महत्त्व को समझाने और जानवरों के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्रेमी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 की राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्रेमी दिवस की थीम 

थीम अभी आधारिक तौर पर अभी घोषित नहीं हुई।

National Zoo Lovers Day 2025: कैसे मनाते हैं चिड़ियाघर प्रेमी दिवस

इस दिन लोग प्रकृति और जानवरों के प्रति प्रेम प्रकट करने के लिए:

  • चिड़ियाघर का भ्रमण : इस दिन लोग चिड़ियाघर का भ्रमण करते हैं और जानवरों के प्रति अपना प्रेम प्रकट करते हैं।
  • जानवरों के लिए दान : इस दिन लोग जानवरों के लिए खाद्य पदार्थ जैसे कि केले, दाने आदि भी दान करते हैं।
  • प्रदर्शनियों का आयोजन : इस दिन स्कूलों,कॉलेजों आदि में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है।
  • सोशल मीडिया पर पोस्ट करना : इस दिन लोग सोशल मीडिया पर चिड़ियाघर से संबंधित पोस्ट भी करते हैं।
  • बच्चों को डाक्यूमेंट्री दिखाना : बच्चों को विस्तार से जानकारी देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों में डॉक्यूमेंट्री आदि भी दिखाई जाती है।

Tuesday is National Zoo Lovers Day! What’s your favorite type of animal?https://t.co/HJs282mXiN

— UpNorthLive News (@upnorthlive) April 7, 2025

इसके अलावा स्कूलों, कॉलेजों और देश भर में राष्ट्रीय चिड़ियाघर से संबंधित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

National Zoo Lovers Day 2025: जानवरों से प्रेम : दियालता की निशानी 

इस पृथ्वी पर जितने भी प्राणी हैं, वो सभी ईश्वर के बच्चे हैं। क्योंकि हमारे शास्त्रों में प्रमाण है कि ईश्वर ने ही छह दिन में सृष्टि की रचना की थी और सातवें दिन तख्त पर जा विराजा था। मनुष्य से लेकर जानवरों तक, सभी परमेश्वर कबीर जी के बच्चे हैं।

अगर हम किसी प्राणी को दुख पहुंचाते हैं, तो हम ईश्वर को दुखी करते हैं। इसी लिए ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए जरूरी है कि हमारे मन में सभी जीवों के प्रति दया होनी चाहिए। हमारे मन में दया सच्चे ज्ञान से ही आ सकती है। वर्तमान में सच्चा ज्ञान केवल संत रामपाल जी महाराज ही प्रदान कर रहे हैं।अधिक जानकारी के लिए आप विजिट करें संत रामपाल जी महाराज ऐप पर।

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