आज कल की भागदौड़, मोबाईल की लत और काम के टेंशन ने लोगों की नींद खराब कर दी है l बहुत से लोगों को लगता है कि कम सोकर भी काम चल जाएगा, लेकिन यह गलत फेहमी है। लंबे समय मे इसका शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है। नींद का मतलब सिर्फ आराम करना नहीं है,बल्कि हमारा शरीर अपनी मरम्मत करता है और दिमाग ताजा होता है। अगर नींद पूरी नहीं होगी,तो धीरे– धीरे शरीर की ताकत और मन की शांति दोनों खत्म होने लगेगी l
नींद: थके शरीर और उलझे मन का इलाज
नींद एक जैविक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर और दिमाग दोनों विश्राम अवस्था मे चले जाते हैंl इस दोरान शरीर मे कई प्रक्रिया चलती है जैसे शरीर की टूटी – फूटी कोशिकाएं ठीक होती हैं, मांशपेशियाँ मजबूत होती हैं और हार्मोन्स संतुलन मे आते हैं l दिमाग दिनभर की घटनाओं, सूचनाओं और भावनाओं को व्यावसिथित करता है l अगर नींद पूरी हों, तो इंसान खुद को तरोताजा, ऊर्जावान और मानसिक रूप से स्थिर महसूस करता है l लेकिन जब यही नींद लगातार कम होने लगें, तो शरीर की यह पूरी मरम्मत प्रक्रिया रुक जाती हैl
मानसिक स्वास्थ्य पर नींद की कमी का असर
नींद बुरी न होने से सबसे बुरा असर हमारे दिमाग पर पड़ता है l जब दिमाग को आराम नहीं मिलता, तो छोटी – छोटी बातों पर बहुत टेंशन होने लगती है और इंसान चोटी सी बात पर चिड़चिड़ा हो जाता है l पढ़ाई या किसी काम में ध्यान लगाना बहुत कठिन होता है, जिससे हम सही फैसले नहीं ले पाते l याददाश्त कमजोर होने लगती है और हम बार-बार चीजें भूलने लगते हैं।

लगातार नींद पूरी न हो, तो दिक्कत और भी ज्यादा हो जाती है, जैसे कि इंजाइजीटी (घबराहट) और डिप्रेशन। इंसान बिना वजह उदास और अकेला महसूस करने लगता है। मूड खराब रहने से रिस्तों में झगड़े होते हैं और खुद पर भरोसा कम होने लगता है। कई बार हमें समझ में ही नहीं आता कि हम इतने परेशान किस वजह से हैं, जबकि असल वजह सिर्फ नींद की कमी के कारण होता है।
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शारीरिक स्वास्थ्य पर नींद की कमी का प्रभाव
नींद पूरी न होने से शरीर अंदर से कमजोर हो जाता हैl जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता है, तो शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत काम हो जाती है l जिससे इंसान बार-बार सर्दी,खांसी या बुखार की चपेट मे या जाता है l हर समय थकान महसूस होती है और शरीर मे एनर्जी (ताकत) की कमी महसूस भी होती है l
नींद की कमी से वजन पर भी प्रभाव पड़ता है l कम सोने वालों को भूख ज्यादा लगती है ओर वे जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं l ज़्यादातर जंक फूड ओर मीठा खाने का मन करता है l जिससे मोटापा बढता है l इसके अलावा निंद की कमी से मेटाबोलिज़्म भी धीमा हो जाता है, यानि शरीर कलोरिस को ठीक से नहीं जला पाता l साथ ही नींद की कमी से कई बीमारियों का खतरा भी रहता है।
हदय और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा
लंबे समय तक काम नींद लेने की आदत दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं l इससे दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो सकती है और रक्त संचार पर भी प्रभाव पड़ता है l ऐसी स्थिति मे हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसे जानलेवा बीमारिया का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो पहले से ही तनाव मे, मोटापा या हाई ब्लड प्रेसर् की समस्या से जूझ रहे होते हैं l जो लोग 5-6 घंटे से कम की नींद लेते हैं, उनको सबसे ज्यादा दिल की बीमारी का सामान्य से जोखिम होता है l
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नींद की कमी का सीधा असर शरीर मे शुगर के संतुलन पर पड़ता है क्योंकि जब हम पूरी नींद नहीं लेते तो शरीर ठीक से इंसुलिन इस्तेमाल नहीं कर पाता है l जिससे यह क्रिया बिगड़ जाती है और खून में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।
नींद की कमी के सामान्य संकेत
नींद की कमी का पता लगाने के लिए कई संकेत होते है पर इन्हे लोग कई बार मामूली थकान समझकर नजरअंदाज करते हैं, दिन में नींद या उबासी आना, सिर दर्द, आँखों के नीचे काले घेरे (Dark Circles), चिड़चिड़ापन, काम में मन न लगना और बार-बार बीमार पड़ना l यह कई संकेत बताते हैं कि आपके शरीर को जितना आराम चाहिए, उतना मिल नहीं रहा है
अगर यह दिक्कतें ज्यादा समय तक रहें तो यह एक ‘वार्निंग’ है कि अब आपको नींद पर विशेष रूप से ध्यान देना ही होगा
अच्छी नींद के लिए क्या करें
अच्छी नींद कोई जादू नहीं, बल्कि कुछ अच्छी आदतों का नतीजा है l सबसे पहले सोने और उठने का समय तय करें, रोज एक ही समय पर सोने और उठने से जैविक घड़ी सही रहती है l सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाईल, टीवी और लैपटॉप से दूरी बना लेनी चाहिए क्योंकि इससे निकलने वाली रोशनी नींद को रोके रखती है। रात का खाना हल्का और समय पर खाएं और कमरे का माहौल शांत रखें। जब आप यह छोटे–छोटे बदलाब करेंगे, तो दिमाग रीलैक्स होगा और आपको अपने आप गहरी और सुकून भरीं नींद आने लगेगी l
स्वस्थ जीवन की नींव है अच्छी नींद
नींद पूरी न होना कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, इसका सीधा असर हमारे शरीर, दिमाग और पूरी लाइफस्टाइल पर पड़ता हैं l अगर आप सच में एक खुशहाल और सेहतमंद जिंदगी जीना चाहते हैं, तो आप जैसे अपने काम को अहमियत देते हैं ,वैसे ही नींद को भी काम से ज्यादा जरूरी समझें। याद रखिए, अच्छी नींद सिर्फ आराम करना नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ और लंबी जिंदगी की असलीं नींव है l
आध्यात्मिक के अनुसार स्वस्थ जीवन और नींद का महत्व
मनष्य का शरीर ईश्वर का सबसे अनमोल उपहार है और इसकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है l ज्यादा सोना और ज्यादा जागना दोनों ही शस्त्रों के विरुद्ध है। इसका प्रमाण श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 6 श्लोक 16 मे है l समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना शरीर और मन दोनों को स्वास्थ्य रखता है l जब मन शांत होता है, तो नींद अपने आप अच्छी आती है l परमात्मा का स्मरण और सतभक्ति करने से तनाव कम होता है, जिससे मन हल्का रहता है और नींद गहरी और सुकून भरी होती है l गलत आदतें और नशा न केवल शरीर को खराब करता है, बल्कि नींद को भी खराब करता हैं l
सत भक्ति शस्त्रों के अनुसार के अनुसार करने से न केवल व्यक्ति को अच्छी नींद, अच्छा स्वास्थ्य और मानसिक शांति होती है, बल्कि पूर्ण मोक्ष भी प्राप्त होता हैl इसीलिए हमे शस्त्रों के अनुसार भक्ति करना चाहिए, वर्तमान मे केवल एकमात्र जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महराज जी ही शस्त्रों के अनुसार भक्ति बताते है, अधिक जानकारी के लिए आप Play Store से Sant Rampal Ji Maharaj – Apps on Google Play डाउनलोड करें l

